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रामगढ़ताल में पर्यटकों समेत शिकारा पलटने के मामले में हुई कार्रवाई, जीडीए ने निरस्त किया लाइसेंस

Mon, 01 Feb 2021 01:59 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 01 Feb 2021 01:59 PM IST
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GDA canceled license of Shikara operator after Shikara overturning incident in Ramgarh tal
रामगढ़ ताल में पलटा शिकारा। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गत रविवार यानी 24 जनवरी की दोपहर रामगढ़ताल में पर्यटकों समेत शिकारा पलटने की घटना के मामले में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शिकारा संचालक का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इस मामले में कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने भी जीडीए से रिपोर्ट तलब की थी। इस कार्रवाई के बाद अब प्राधिकरण मंगलवार तक, कमिश्नर को भी रिपोर्ट उपलब्ध करा देगा।
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बिना अनुबंध के ही शिकारा का संचालन करने पर जीडीए ने संचालक को नोटिस दिया था। इसके जवाब में संचालक ने खुद को सही ठहराने के लिए कई तर्क भी दिए थे। उसका कहना था कि फर्म की तरफ से सिर्फ शिकारा का ट्रॉयल किया जा रहा था। जो लोग उसमें बैठे थे वह भी फर्म के कर्मचारियों के परिवार के थे। उसने कहा था कि उसके पास प्रशिक्षित गोताखोर भी हैं जिन्हें पूर्व में प्रशस्तिपत्र तक मिल चुके हैं।
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संचालक का कहना था कि घटना के समय उनके गोताखोरों समेत पूरी टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई थी और सभी को सकुशल शिकारा में से निकाल लिया। जहां घटना हुई वहां सिर्फ चार फीट पानी था। संचालक ने यह भी कहा कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। साथ ही यह भी दावा किया था कि यह घटना उनकी किसी लापरवाही से नहीं हुई है बल्कि मोटर बोट के टक्कर मारने से हुई। मोटर बोट अपने तय रुट पर नहीं थी।
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संचालक के जवाब को प्राधिकरण ने सही नहीं मानते हुए उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया। प्राधिकरण का कहना है कि आम जन की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है।

बिना अनुबंध शिकारा संचालित कर रही थी फर्म

शिकारा के संचालन को लेकर अभी संबंधित फर्म और गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए ) के बीच अनुबंध नहीं हुआ था सिर्फ लाइसेंस जारी हुआ था। इसी पर प्राधिकरण ने घटना के अगले दिन सोमवार यानी 25 जनवरी को शिकारा का संचालन करने वाली फर्म को नोटिस देकर पूछा था कि बिना अनुबंध, ताल में शिकारा के संचालन पर क्यों न उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाए।

जीडीए ने संचालक को नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का मौका दिया है। साथ ही शिकारा में टक्कर मारने वाली स्पीड बोट के संचालक को भी तय रुट से बाहर जाने पर चेतावनी दी गई है। जीडीए की इस सख्ती के बाद सोमवार से ही शिकारा का संचालन बंद है। संचालक ने अपने तीनों नांव ताल से हटा लिए हैं।

जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि शिकारा संचालक का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अभी फर्म से अनुबंध नहीं हुआ था। कमिश्नर ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी है जिसे तैयार कर लिया गया है। जल्द ही कमिश्नर को पूरी रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी। लोगों की सुरक्षा जीडीए की पहली प्राथमिकता है।
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