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Gorakhpur News: पांचवीं मुहर्रम पर रिवायती शानो-शौकत के साथ निकाला गया शाही जुलूस
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अयान अली उर्फ मियां साहब के नेतृत्व में इमामबाड़ा स्टेट से निकाला गया मोहर्रम का शाही जुलूस ।
गोररखपुर। मुहर्रम की पांचवीं तारीख पर रविवार को शहर के ऐतिहासिक इमामबाड़ा स्टेट से शाही जुलूस पूरे अदब, एहतेराम और रिवायती शानो-शौकत के साथ निकाला गया। इमामबाड़ा स्टेट के सातवें गद्दीनशीन सैय्यद अयान अली शाह ने गद्दी संभालने के बाद पहली बार एहराम पहनकर इस पारंपरिक जुलूस की अगुवाई की। जुलूस मार्ग पर अकीदतमंदों ने फूलों की वर्षा, माल्यार्पण और मिठाई खिलाकर उनका जोरदार इस्तकबाल किया। धूप से बचने के लिए इस बार खास छाते का भी इंतजाम किया गया था।
शाही जुलूस इमामबाड़ा स्टेट के पश्चिमी फाटक से रवाना होकर सैय्यद कमाल शहीद, बक्शीपुर, अलीनगर, चारनलाल चौराहा, बेनीगंज और जफराबाजार होते हुए कर्बला मैदान पहुंचा। परंपरा के अनुसार भगवती प्रसाद का जुलूस आगे बढ़ने के बाद मियां साहब का रिवायती जुलूस कर्बला से रवाना हुआ और घासीकटरा, मिर्जापुर, खूनीपुर तथा नखास चौक से गुजरते हुए इमामबाड़ा स्टेट के दक्षिणी फाटक से परिसर में दाखिल हुआ।
जुलूस में सबसे आगे इस्लामी परचम, शहनाई, आलम, बैंड-बाजा, घोड़े और मियां साहब के निजी सिपहसालारों का दस्ता चल रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर निजी अंगरक्षक भी तैनात रहे। विभिन्न मजारों पर रुककर सैय्यद अयान अली शाह ने फातिहा पढ़ी और मुल्क में अमन-ओ-अमान, भाईचारे तथा खुशहाली के लिए दुआ मांगी।
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इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद की अगुवाई में अंगवस्त्र, फूल और माला के साथ गुलाब की पंखुड़ियों से मुबारकबाद दी। इस दौरान सोहराब खान, शकील शाही, डॉ. जावेद, मोहम्मद अनीस आदि मौजूद रहे।
जुलूस मार्ग पर कई स्थानों पर सबीलें लगाई गई थीं, जहां अकीदतमंदों को शरबत, पानी और बिरयानी वितरित की गई। वक्ताओं ने कहा कि कर्बला की जंग में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों पर पानी बंद कर दिया गया था, जिसकी याद में मुहर्रम के दौरान सबीलों का आयोजन किया जाता है। जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वहीं, माया बाजार के पार्षद समद गुफरान की निगरानी में सफाई कर्मी पूरे मार्ग पर साफ-सफाई में जुटे रहे।
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शाही जुलूस इमामबाड़ा स्टेट के पश्चिमी फाटक से रवाना होकर सैय्यद कमाल शहीद, बक्शीपुर, अलीनगर, चारनलाल चौराहा, बेनीगंज और जफराबाजार होते हुए कर्बला मैदान पहुंचा। परंपरा के अनुसार भगवती प्रसाद का जुलूस आगे बढ़ने के बाद मियां साहब का रिवायती जुलूस कर्बला से रवाना हुआ और घासीकटरा, मिर्जापुर, खूनीपुर तथा नखास चौक से गुजरते हुए इमामबाड़ा स्टेट के दक्षिणी फाटक से परिसर में दाखिल हुआ।
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जुलूस में सबसे आगे इस्लामी परचम, शहनाई, आलम, बैंड-बाजा, घोड़े और मियां साहब के निजी सिपहसालारों का दस्ता चल रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर निजी अंगरक्षक भी तैनात रहे। विभिन्न मजारों पर रुककर सैय्यद अयान अली शाह ने फातिहा पढ़ी और मुल्क में अमन-ओ-अमान, भाईचारे तथा खुशहाली के लिए दुआ मांगी।
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इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद की अगुवाई में अंगवस्त्र, फूल और माला के साथ गुलाब की पंखुड़ियों से मुबारकबाद दी। इस दौरान सोहराब खान, शकील शाही, डॉ. जावेद, मोहम्मद अनीस आदि मौजूद रहे।
जुलूस मार्ग पर कई स्थानों पर सबीलें लगाई गई थीं, जहां अकीदतमंदों को शरबत, पानी और बिरयानी वितरित की गई। वक्ताओं ने कहा कि कर्बला की जंग में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों पर पानी बंद कर दिया गया था, जिसकी याद में मुहर्रम के दौरान सबीलों का आयोजन किया जाता है। जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वहीं, माया बाजार के पार्षद समद गुफरान की निगरानी में सफाई कर्मी पूरे मार्ग पर साफ-सफाई में जुटे रहे।