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Gorakhpur News: पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी पंचतत्व में विलीन, अंतिम यात्रा में टूटीं दलीय सीमाएं
Thu, 18 May 2023 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 18 May 2023 12:31 AM IST
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संशोधित
बड़हलगंज स्थित मुक्तिधाम पर हुआ अंतिम संस्कार, गार्ड ऑफ आनर दिया गया
बड़े बेटे भीष्मशंकर ने दी मुखाग्नि, कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां रहीं मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
बड़हलगंज/चिल्लूपार (गोरखपुर)। लोकतांत्रिक कांग्रेस के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। बड़हलगंज स्थित मुक्तिधाम पर उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया गया। ज्येष्ठ पुत्र पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी ने मुखाग्नि दी।
इससे पहले तिवारी की शवयात्रा और अंतिम संस्कार में दलीय सीमाएं टूट गईं। प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र सहित कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। अंतिम यात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
बुधवार की सुबह 10 बजे धर्मशाला स्थित तिवारी हाता से हरिशंका तिवारी की शवयात्रा निकाली गई। हाता के अगल-बगल लोगों के हुजूम के बीच शवयात्रा मुख्य गेट से आगे बढ़ी, तो हरिशंकर तिवारी अमर रहें... के नारों से फिजां गूंज उठी। शवयात्रा में चल रहे लोगों की जुबां पर एक ही चर्चा थी कि पूर्वांचल ने एक बड़ी हस्ती खो दी।
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धर्मशाला पुल के नीचे से होते हुए यातायात तिराहा, गोलघर, नौसढ़, बाघागाड़ा, महावीर छपरा, डवरपार, बेलीपार, कसिहार, कौड़ीराम, हाटा, सांऊखोर होते हुए शवयात्रा पैतृक गांव टांडा बड़हलगंज पहुंची। गोरखपुर से टांडा तक हजारों लोगों ने जगह-जगह शवयात्रा को रोककर तिवारी के शव पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। पूर्व मंत्री तिवारी का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, तो लोगों के आंखें भर आईं।
शवयात्रा के पीछे गाड़ियों का लंबा काफिला और जनसैलाब था। धर्मशाला स्थित तिवारी के आवास पर बुधवार की सुबह से ही राजनीतिक और गैर राजनीतिक हस्तियों की आवाजाही लगी रही। सुबह पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री राम प्रसाद चौधरी, पूर्व सांसद बालेश्वर यादव, पूर्व कुलपति प्रो सुरेंद्र दूबे, प्रो चितरंजन मिश्रा, फातिमा के निदेशक फादर साबू आदि ने श्रद्धांजलि दी।
वहीं, मुक्तिधाम पर भाजपा सांसद रमापति राम त्रिपाठी, पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र, पूर्व मंत्री नकुल दुबे, पनियरा से भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
अंतिम संस्कार में पूर्व मंत्री के बेटे पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी, विधान परिषद के पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय, भाजपा सांसद कमलेश पासवान, डा. संजयन त्रिपाठी, कामेश्वर सिंह, सृंजय मिश्र, रामभुआल निषाद, ब्लॉक प्रमुख रामआशीष राय, पूर्व प्रमुख विजय कुमार यादव, रामदरश विद्यार्थी, सुमन पासवान, राजबहादुर सिंह, जितेंद्र यादव, सरोज रंजन शुक्ल, श्याम नारायण यादव, रामानंद दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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तीखी धूप में भी पार्थिव शरीर को कंधों पर सात किमी पैदल ले गए
पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव टांडा से कड़ी धूप में सात किलोमीटर तक पैदल ले जाया गया। शवयात्रा शाम साढ़े पांच बजे नेशनल पीजी कॉलेज परिसर पहुंची। पांच मिनट तक पार्थिव शरीर को दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद शवयात्रा मुक्तिपथ के लिए रवाना हुई।
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बड़हलगंज स्थित मुक्तिधाम पर हुआ अंतिम संस्कार, गार्ड ऑफ आनर दिया गया
बड़े बेटे भीष्मशंकर ने दी मुखाग्नि, कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां रहीं मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
बड़हलगंज/चिल्लूपार (गोरखपुर)। लोकतांत्रिक कांग्रेस के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। बड़हलगंज स्थित मुक्तिधाम पर उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया गया। ज्येष्ठ पुत्र पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी ने मुखाग्नि दी।
इससे पहले तिवारी की शवयात्रा और अंतिम संस्कार में दलीय सीमाएं टूट गईं। प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र सहित कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। अंतिम यात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
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बुधवार की सुबह 10 बजे धर्मशाला स्थित तिवारी हाता से हरिशंका तिवारी की शवयात्रा निकाली गई। हाता के अगल-बगल लोगों के हुजूम के बीच शवयात्रा मुख्य गेट से आगे बढ़ी, तो हरिशंकर तिवारी अमर रहें... के नारों से फिजां गूंज उठी। शवयात्रा में चल रहे लोगों की जुबां पर एक ही चर्चा थी कि पूर्वांचल ने एक बड़ी हस्ती खो दी।
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धर्मशाला पुल के नीचे से होते हुए यातायात तिराहा, गोलघर, नौसढ़, बाघागाड़ा, महावीर छपरा, डवरपार, बेलीपार, कसिहार, कौड़ीराम, हाटा, सांऊखोर होते हुए शवयात्रा पैतृक गांव टांडा बड़हलगंज पहुंची। गोरखपुर से टांडा तक हजारों लोगों ने जगह-जगह शवयात्रा को रोककर तिवारी के शव पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। पूर्व मंत्री तिवारी का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, तो लोगों के आंखें भर आईं।
शवयात्रा के पीछे गाड़ियों का लंबा काफिला और जनसैलाब था। धर्मशाला स्थित तिवारी के आवास पर बुधवार की सुबह से ही राजनीतिक और गैर राजनीतिक हस्तियों की आवाजाही लगी रही। सुबह पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री राम प्रसाद चौधरी, पूर्व सांसद बालेश्वर यादव, पूर्व कुलपति प्रो सुरेंद्र दूबे, प्रो चितरंजन मिश्रा, फातिमा के निदेशक फादर साबू आदि ने श्रद्धांजलि दी।
वहीं, मुक्तिधाम पर भाजपा सांसद रमापति राम त्रिपाठी, पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र, पूर्व मंत्री नकुल दुबे, पनियरा से भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
अंतिम संस्कार में पूर्व मंत्री के बेटे पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी, विधान परिषद के पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय, भाजपा सांसद कमलेश पासवान, डा. संजयन त्रिपाठी, कामेश्वर सिंह, सृंजय मिश्र, रामभुआल निषाद, ब्लॉक प्रमुख रामआशीष राय, पूर्व प्रमुख विजय कुमार यादव, रामदरश विद्यार्थी, सुमन पासवान, राजबहादुर सिंह, जितेंद्र यादव, सरोज रंजन शुक्ल, श्याम नारायण यादव, रामानंद दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
तीखी धूप में भी पार्थिव शरीर को कंधों पर सात किमी पैदल ले गए
पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव टांडा से कड़ी धूप में सात किलोमीटर तक पैदल ले जाया गया। शवयात्रा शाम साढ़े पांच बजे नेशनल पीजी कॉलेज परिसर पहुंची। पांच मिनट तक पार्थिव शरीर को दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद शवयात्रा मुक्तिपथ के लिए रवाना हुई।