फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Forest Department will preserve 19 heritage trees in Gorakhpur

खास पहल: 19 विरासत वृक्षों को संरक्षित करेगा वन प्रभाग, 400 से 100 वर्ष तक के पेड़ शामिल

Sat, 19 Feb 2022 02:29 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 19 Feb 2022 02:29 PM IST
सार

डीएफओ विकास यादव ने बताया कि इस पेड़ के पर्यावरण संरक्षण के अलावा वट सावित्री व्रत में बड़ी संख्याओं में महिलाओं द्वारा पूजा की जाती है। स्थानीय निवासी खुद इस वृक्ष की सुरक्षा करते थे। विरासत वृक्ष के बाद अब वन प्रभाग इनकी सुरक्षा करेगा।

विज्ञापन
Forest Department will preserve 19 heritage trees in Gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Social media

विस्तार

वन प्रभाग गोरखपुर जिले के 19 विरासत वृक्षों को संरक्षित करेगा। इस सूची में आठ पीपल, सात बरगद और चार पाकड़ के वृक्ष हैं। इन वृक्षों को विरासत घोषित किए जाने से इनका पर्यटकीय महत्व भी बढ़ेगा। इन वृक्षों के पास वन विभाग सेल्फी प्वाइंट विकसित करेगा। एक बोर्ड पर इन पेड़ों का इतिहास भी लिखा होगा। ताकि सैलानी इनके महत्व से वाकिफ हो सकें। पिछले वर्ष इन वृक्षों को विरासत की श्रेणी में शामिल किया गया था।

विज्ञापन


वन प्रभाग ने जिले में 400 से लेकर 100 वर्ष तक के वृक्षों को इसमें शामिल किया है। पिपरौली के भौवापार गांव में बरगद का पेड़, गगहा के राजगढ़ में पाकड़ का पेड़, कैंपियरगंज के सूरस गांव में बरगद का पेड़, परतावल में बभनौली गांव में बरगद का पेड़, सहजनवा के पिपरा गांव में बरगद, उरुवा के रामडीह में पीपल का पेड़ सहित गोरखनाथ मंदिर के चार वृक्षों को विरासत वृक्ष घोषित किया गया है।
विज्ञापन


गोरखनाथ मंदिर में लगे चारों वृक्ष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ के समय में लगाए गए थे। ये चारों वृक्ष 100 वर्ष से अधिक आयु के हो चुके हैं। अभी मंदिर प्रशासन इनकी देखरेख करता है। वन विभाग ने इन वृक्षों का ऐतिहासिक महत्व जानने के लिए लोगों से संपर्क किया था। यहां मौजूद बरगद के पेड़ों की पूजा होती है, वहीं, पाकड़ का वृक्ष गोशाला में मौजूद गायों को छाया प्रदान करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

देवरिया जिले के गैर वन क्षेत्र में सामुदायिक भूमि पर करीब सौ साल से अधिक के वृक्षों को विरासत वृक्ष घोषित किया है। इसमें मईल स्थित देवरहा बाबा आश्रम परिसर में स्थित पारिजात वृक्ष भी शामिल है। वन विभाग ने बीते जून में देवरिया जिले के देवरिया वन परिक्षेत्र, रुद्रपुर, गौरीबाजार में एक-एक बरगद, बरहज में एक पीपल तथा मईल रेंज में देवरहा बाबा आश्रम परिसर में स्थित पारिजात वृक्ष को विरासत वृक्ष घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजा था।

उसके बाद सरकार ने उस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इन वृक्षों के संरक्षण और संवर्धन के लिए वन विभाग की ओर से प्रयास किया जाएगा। डीएफओ विकास कुमार यादव ने बताया कि पिछले वर्ष इन वृक्षों को विरासत वृक्ष में शामिल किया गया था। अब इनका संरक्षण और सुरक्षा करने की जिम्मेदारी वन प्रभाग की होगी।

400 वर्ष पुराना है बरगद का वृक्ष

परतालव रेंज में बरगद का पेड़ है। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि इस पेड़ के पर्यावरण संरक्षण के अलावा वट सावित्री व्रत में बड़ी संख्याओं में महिलाओं द्वारा पूजा की जाती है। स्थानीय निवासी खुद इस वृक्ष की सुरक्षा करते थे। विरासत वृक्ष के बाद अब वन प्रभाग इनकी सुरक्षा करेगा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed