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गोरखपुर में बाढ़: खतरे के निशान से नीचे आईं जिले की सभी नदियां, प्रशासन ने ली राहत की सांस
Sun, 19 Sep 2021 12:30 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 19 Sep 2021 12:30 PM IST
सार
घाघरा नदी खतरे के निशान से 33 सेमी नीचे आई। राप्ती 24 सेमी तो गोर्रा नदी खतरे के निशान से 15 सेमी नीचे बह रही। रोहिन का जलस्तर करीब छह सेमी बढ़ा फिर भी खतरे के निशान से 2.59 मीटर नीचे है।
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गोरखपुर नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले में कुछ समय पहले तक रौद्र रूप दिखा रहीं जनपद में बहने वाली सभी नदियां अब खतरे के निशान से नीचे आ गई हैं। घाघरा नदी शनिवार को खतरे के निशान से 33 सेमी नीचे आ गई। राप्ती नदी 24 सेमी और गोर्रा नदी खतरे के निशान से 15 सेमी नीचे बह रही है।
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वहीं, खतरे के निशान से करीब 3.33 मीटर नीचे पहुंच चुकी रोहिन नदी फिर ऊपर की तरफ आने लगी है। शनिवार शाम वह खतरे के निशान से 2.59 मीटर नीचे बह रही थी। आठ घंटे में उसका जलस्तर करीब छह सेमी बढ़ा है।
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लगभग एक महीने तक उफान पर रहीं जनपद की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर नीचे आने से आम लोगों से लेकर शासन-प्रशासन ने राहत की सांस ली है। सबसे भयावह स्थिति राप्ती नदी के तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की थी। करीब 25 दिन तक लगातार ऊपर की तरफ जाने के बाद अब राप्ती नदी के खतरे के निशान के नीचे पहुंचने से लोगों की आशंका समाप्त हो गई है।
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इधर, तीन दिनों तक लगातार बारिश होने के कारण घाघरा नदी का जलस्तर फिर ऊपर की तरफ आने लगा था। कई स्थानों पर नदी ने कटान शुरू कर दिया था। नदी के किनारे के कई ऐसे गांव थे, जहां से पानी निकल चुका था, वहां दोबारा पानी भरने लगा था। लेकिन जलस्तर नीचे आने से अब पानी से घिरे गांव के लोग भी राहत महसूस कर रहे हैं।