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Gorakhpur News: जांच में खुल रही है मोती महल की खामियां...चल सकता है बुलडोजर, कब्जे की जमीन पर है भवन

Tue, 30 Jul 2024 03:05 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंस, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंस, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 30 Jul 2024 03:05 PM IST
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In Gorakhpur,  Flaws of Moti Mahal are being revealed in the investigation.bulldozer may be used
होटल मोती महल को सीज करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

कैंपियरगंज में सोनौली हाईवे पर रामचौरा के पास बना मोती महल होटल नियमों की अनेदखी करके ही नहीं बना, बल्कि संचालन में भी मानकाें का पालन नहीं किया गया। होटल को सील करने के बाद प्रशासन ने एक-एक बिंदुओं पर जांच कराई है, कुछ रिपोर्ट आ भी गई हैं।

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प्रशासन का दावा है कि होटल का व्यावसायिक मानचित्र स्वीकृत नहीं है और जमीन से डेढ़ गुना ज्यादा कब्जा कर इसे बनाया गया है। इसकी भी जांच चल रही है। ये सारे रिपोर्ट बताते हैं कि अब होटल चलना आसान नहीं है, बल्कि अवैध निर्माण वाले हिस्से को जमींदोज करने के लिए बुलडोजर भी चल सकता है।
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बीते 25 जुलाई को प्रशासन को मिली शिकायत के आधार पर कैंपियरगंज के एसडीएम रोहित मौर्य और सीओ ने छापा मारा था। उनके साथ फायर, फूड, राजस्व और विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम भी थी। अब एक-एक करके विभागों की रिपोर्ट आने लगी है।
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फायर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षण में पता चला है कि होटल संचालक ने सुरक्षा को लेकर न तो एनओसी ली है और ही फायर फाइटिंग के मानकों को पूरा किया है। दो बार नोटिस दिया जा चुका है।

होटल का सराय एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। इसके अलावा कैंपियरगंज नगर पंचायत में व्यावसायिक मानचित्र स्वीकृति अभी नहीं दी जा रही है। होटल का मानचित्र भी स्वीकृत नहीं है। होटल की जितनी जमीन है, उससे डेढ़ गुने ज्यादा में इसे बनवाया गया है। आसपास के लोगों की जमीन को रसूख के दम पर कब्जाया गया है। प्रशासन अब इसकी भी जांच करा रहा है कि किसकी और कितनी जमीन कब्जा हुई है।

इसी तरह गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर बिजली कनेक्शन लिया गया है। इन रिपोर्ट के आधार पर अब प्रशासन पूरी तरह सख्ती के मूड में है। ये सारे आधार बता रहे हैं कि होटल को फिर से संचालित करना आसान नहीं है। अब प्रशासन को कब्जे वाले जमीनों के मालिकों की ओर से शिकायत का इंतजार है। इसके बाद अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण भी हो सकता है।

डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि होटल को संचालित करने के लिए बनाए गए नियमों के आधार पर विभिन्न विभागों से परीक्षण कराया गया। होटल मोती महल का सराय एक्ट में रजिस्ट्रेशन नहीं है और न ही अग्निशमन विभाग से एनओसी ली गई है।


बैनामे से ज्यादा जमीन पर होटल का निर्माण हुआ है। व्यावसायिक मानचित्र भी स्वीकृत नहीं है। सारे रिपोर्ट के आधार पर होटल संचालक को नोटिस भेजा जा रहा है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 

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