गोरखपुर: भू-माफिया ओमप्रकाश पांडेय की पांच जमानत अर्जियां खारिज, कोर्ट ने बताई ये वजह
ओमप्रकाश साथियों की मदद से बिहार व झारखंड के लोगों से जालसाजी करता था। एक ही जमीन की रजिस्ट्री कई लोगों को करता था, लेकिन कब्जा नहीं मिल पाता था। एक ही जमीन कई लोगों को दिखाता और रुपये लेने के बाद टाल-मटोल करने लगता था।
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एक ही जमीन को कई बार बेचने के आरोपी भू-माफिया ओमप्रकाश पांडेय की पांच अलग-अलग जमानत अर्जियां अपर सत्र न्यायाधीश अभय प्रकाश नारायण ने बुधवार को खारिज कर दीं। न्यायाधीश ने अपराध को गंभीर मानते हुए फैसला सुनाया है।
कैंट थाना क्षेत्र के पावर हाउस चारफाटक मोहद्दीपुर निवासी आरोपी ओमप्रकाश पांडेय को कैंट पुलिस ने जेल भेजा था। जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एचएन यादव व संजीत शाही का कहना था कि मंजू देवी, दुर्गावती देवी, रमेश मिश्र, किरन राय व चंद्रभूषण गुप्ता ने अलग-अलग मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने प्रापर्टी डीलर व आरोपित ओमप्रकाश पांडेय से जमीन का बैनामा कराया। जब उस जमीन पर कब्जा प्राप्त करने गए तो पता चला कि जमीन के कई दावेदार हैं। विवेचना से पता चला कि आरोपित ने एक ही संपत्ति को कई बार बेचा है।
जमीन की रजिस्ट्री का झांसा देकर हड़प लेता था रुपये
ओमप्रकाश साथियों की मदद से बिहार व झारखंड के लोगों से जालसाजी करता था। एक ही जमीन की रजिस्ट्री कई लोगों को करता था, लेकिन कब्जा नहीं मिल पाता था। एक ही जमीन कई लोगों को दिखाता और रुपये लेने के बाद टाल-मटोल करने लगता था। इसके झांसे में आए लोग रुपये गंवाने के बाद पाने की कोशिश करते थे तो धमकी देता था। ज्यादातर दूसरे प्रदेश के लोगों को शिकार बनाता था, ताकि यहां आकर कोई विरोध भी न कर सके। गोरखपुर की एक महिला के साथ जब जालसाजी हुई तो मामला खुलकर सामने आ गया। इसके बाद कई लोग सामने आए और तहरीर देकर कैंट थाने में केस दर्ज कराया।
सीएम के जनता दर्शन में महिला ने की थी शिकायत
पांच अगस्त 2021 को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचीं बिंदू ने ओमप्रकाश पांडेय पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया था कि उसके साथ जालसाजी होने के बाद भी केस नहीं दर्ज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नाराजगी जाहिर करने पर पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू की।
पांच महीने में दर्ज हुए थे 25 केस
ओमप्रकाश पर पांच महीने में जालसाजी के 25 केस दर्ज किए जा चुके हैं। 30 अगस्त को सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी मनीष कुमार मिश्रा ने केस दर्ज कराया था। कुशीनगर के कसया क्षेत्र के वरवा सुकदेव निवासी दुर्गावती, रमेश मिश्रा, किरन राय, लक्ष्मीपुर बुजुर्ग निवासी अलका पांडेय, कुबेरस्थान के सिंहन, जोड़ी निवासी मंजू और कोहरवलिया निवासी मीरा ने केस दर्ज कराया था। 21 दिसंबर को छह और लोगों की तहरीर पर केस दर्ज किया गया। इसके बाद सात और लोग सामने आए थे, जिसमें देवरिया की संगीता व बिहार के लोग शामिल थे।
23 अगस्त को दर्ज हुआ था गैंगस्टर का केस
तत्कालीन कैंट इंस्पेक्टर सुधीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने ओमप्रकाश के अलावा सनी देवल, धीरज साहनी और संजय पर 23 अगस्त को गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की थी। इसके बाद एसएसपी ने आरोपित पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के साथ अक्तूबर में एसपी सिटी सोनम कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की थी। फरवरी में कैंट पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।