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UP News: स्पेशल ऑडिट से पहले ही महाराजगंज के बिजली दफ्तरों में लगी आग, कहीं जांच की आंच से तो नहीं लगी...

Fri, 16 Jun 2023 12:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 16 Jun 2023 12:25 PM IST
सार

गलत तरीके से कुछ बिलों में सुधार कर निगम को चपत लगाने में महराजगंज खंड के एक्सईएन हरिशंकर, उपखंड प्रथम के एसडीओ ईश्वर शरण सिंह, खंड के लिपिक कार्यकारी सहायक रुद्र प्रताप पांडेय, राजकपुर गौड़, व अविनाश मणि पांडेय दोषी पाए गए है। इन्हीं पांचों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी।
 

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Fire broke out in electricity offices of Maharajganj even before special audit
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराजगंज में बिजली निगम के तीन उप खंडों में बृहस्पतिवार की रात आग लग गई। आग के दौरान कार्यालय में रखे सभी सरकारी अभिलेख जल गए। अचानक आग की घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। क्योंकि इन दफ्तरों में करीब एक हजार बिजली बिलों की जांच की जानी है। बिजली बिल में हेराफेरी को लेकर पूर्व में पांच लोग सस्पेंड भी किए जा चुके हैं। बहरहाल, मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य अभियंता के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता, महाराजगंज ने विभागीय जांच के लिए पांच सदस्यों की टीम गठित कर दी है।

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बिजली बिल में हेराफेरी को लेकर पिछले साल से ही महाराजगंज जिला चर्चा में हैं। यहां एक हजार से अधिक बिजली बिलों की जांच की जानी है। पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम देवराज ने पांच लेखाकारों की एक स्पेशल ऑडिट टीम गठित की है। यह टीम महाराजगंज खंड में 2022 और 2023 के बिलों में गड़बड़ी की जांच करेगी। इसी मामले में पिछले वर्ष चेयरमैन ने बिलों की गड़बड़ी में संलिप्त पांच कर्मचारियों का निलंबन भी किया था।
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एसडीओ की शिकायत पर हुआ था खुलासा
दरअसल, पूरा मामला महाराजगंज मंडल के ही एक एसडीओ विवेक पांडेय की शिकायत पर खुला था। एसडीओ ने चेयरमैन को व्हाट्सएप कर शिकायत की थी। जिसमें लिखा था कि विद्युत वितरण खंड महाराजगंज के कुछ उपभोक्ताओं के विद्युत बिल बकाए को देखने के बाद पता चला कि वास्तविक बकाया धनराशि को उपखंड के माध्यम से गलत तरीके से कम किया गया है और इससे राजस्व क्षति हुई है।

एसडीओ ने इस संबंध में जांच कराए जाने की सिफारिश की थी। चेयरमैन ने जांच कराने के बाद पिछले वर्ष ही पांच लोगों को निलंबित कर दिया। अब इसी मामले में तीनों उपखंड के दफ्तरों के बिजली बिलों की जांच के लिए स्पेशल ऑडिट की टीम गठित की थी। अभी ये टीम जांच शुरू करती कि इसके पहले ही आग लगने की घटना हो गई।
 

इनका हो चुका है निलंबन

गलत तरीके से कुछ बिलों में सुधार कर निगम को चपत लगाने में महराजगंज खंड के एक्सईएन हरिशंकर, उपखंड प्रथम के एसडीओ ईश्वर शरण सिंह, खंड के लिपिक कार्यकारी सहायक रुद्र प्रताप पांडेय, राजकपुर गौड़, व अविनाश मणि पांडेय दोषी पाए गए है। इन्हीं पांचों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी।

इन्हें दी गई जांच
अधिशासी अभियंता एके सिंह, चंद्रेश उपाध्याय, अंजरी राय, विजिलेंस प्रभारी, महाराजगंज, धर्मेंद्र कुमार लेखाकार, लाल बिहारी, कार्यकारी सहायक

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आग लगी या लगाई गई...चर्चाएं कईं
बिजली दफ्तरों में आग लगी है या लगाई गई यह तो जांच का विषय है। लेकिन, चर्चाएं कई हैं। लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि एक हजार बिलों की जांच होनी थी, कहीं सबूत मिटाने के लिए तो आग नहीं लगा दी गई।
सूत्र बताते हैं कि पहली जांच के समय ही इन बिलों की जानकारी टीम को मिल गई थी। इसी आधार पर स्पेशल ऑडिट की टीम बनी। उपखंड में आग लगने से वहां रखे बिलों की फाइलें तो जल चुकी होंगी, लेकिन बिलिंग व्यवस्था ऑनलाइन होने से इसकी रिपोर्ट आसानी से निकल सकती है।

इसमें लिपिक और एसडीओ की आईडी पर ही बिलों में सुधार या उससे कम किया जाता है। ऐसे में अगर बिलों का डाटा स्पेशल ऑडिट की टीम के पास होगा तो किस- किस आईडी से बिलों में सुधार हुआ? किस आधार पर बिलों को घटाया गया? कॉमर्शियल बिल ही थे? या सिर्फ घरेलू, इन सभी पहलुओं पर जांच टीम काम कर सकती है।

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महाराजगंज के उपखंड प्रथम, द्वितीय और तृतीय में बुधवार की रात आग लग गई थी। इससे सरकारी दस्तावेज जलकर खराब हो गए। संबंधित को उक्त मामले में थाने में मुकदमा दर्ज करवाने के साथ ही जांच टीम भी गठित की गई है। महाराजगंज में चेयरमैन के निर्देश पर स्पेशल ऑडिट किया जाना है।-आशु कालिया, मुख्य अभिंयता, गोरखपुर जोन।

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