गोरखपुर में खौफ: माफिया की कमर तोड़ें कैसे? पुलिस से शिकायत करके मुकर जाते हैं लोग
एसपी को शिकायत में बताया कि माफिया प्रदीप ने भी जमीन देने के लिए दबाव बनाया, जबकि मैं जमीन नहीं बेचना चाहता। यह सुनते ही एसपी ने अजीत से तहरीर मांग ली। बोले, सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन माफिया प्रदीप के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश करने पर शिकायतकर्ता उलटे पांव अभी आने की बात कहते हुए निकल लिया।
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अंडरग्राउंड क्राइम में सभी माफिया का बड़ा नेटवर्क है। भले ही कई माफिया जेल में हैं, उनकी अवैध कमाई पर पुलिस बुलडोजर चला रही है, लेकिन लोगों के मन में उनका खौफ अब भी है। इसी का फायदा उठाकर माफिया रंगदारी और जमीन के कारोबार में धौंस जमाए हुए हैं।
खबर है कि एक माफिया पर केस दर्ज कराने वाला शख्स अब पीछे हटने लगा है। उसने केस को वापस लेने का मन बना लिया है, लेकिन पुलिस ने हर संभव मदद का भरोसा देकर रोक रखा है।
गुलरिहा थाना क्षेत्र के बेलीपार इलाके के रहने वाले एक शख्स ने अपनी पत्नी के नाम से रसूलपुर गांव में 2015 में एक जमीन का बैनामा कराया। जमीन का खारिज दाखिल भी हो गया। वर्तमान में उस जमीन की कीमत करीब 30 लाख रुपये है।
उसका कहना है कि गुलरिहा इलाके में जमीन का कारोबार करने वाले संजू और अविनाश ने सस्ते दाम पर इस जमीन को बेचने के लिए दबाव बनाया। एसपी के पास शिकायत लेकर पहुंचे शख्स ने उन्हें बताया कि एक दिन माफिया प्रदीप पेशी पर आया था, तो संजू व अविनाश उसके पास लेकर गए थे।
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माफिया प्रदीप की मुंह जबानी की शिकायत, तहरीर से नाम हटाया
एपी को शिकायत में बताया कि माफिया प्रदीप ने भी जमीन देने के लिए दबाव बनाया, जबकि मैं जमीन नहीं बेचना चाहता। यह सुनते ही एसपी ने अजीत से तहरीर मांग ली। बोले, सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन माफिया प्रदीप के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश करने पर शिकायतकर्ता उलटे पांव अभी आने की बात कहते हुए निकल लिया। फिर नई तहरीर लेकर आया, जिसमें से माफिया का नाम हटा दिया था। एसपी ने फिर भी पूरे प्रकरण की जांच गुलरिहा पुलिस को सौंप दी है।
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साहब, हमें कोई खतरा तो नहीं
उधर, माफिया विनोद उपाध्याय पर पहला केस दर्ज कराने वाले एक शख्स एक दिन पुलिस को धन्यवाद देने के लिए पहुंचे थे। एसपी से उन्होंने शुक्रिया किया, लेकिन अगला ही सवाल था कि सर, कोई दिक्कत तो नहीं होगी। हमें कोई खतरा तो नहीं। उनका यह सवाल तब था, जब उन्हें सुरक्षा में सिपाही भी दिए गए हैं। कुछ यही हाल माफिया पर केस दर्ज कराने वाले एक अन्य व्यक्ति का भी है। पहले तो उन्होंने सही-सही तहरीर दे दी, लेकिन अब कदम भी डगमगाने लगे हैं। हालांकि, अभी सुरक्षा का आश्वासन देकर पुलिस अभी उनसे विवेचना में सहयोग ले रही है।
माफिया छूटेगा तो कोई अनहोनी न हो जाए
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि माफिया पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। जो लोग भी पुलिस के पास मदद के लिए आए हैं, उन्हें सुरक्षा भी दी गई है। माफिया की कमर तोड़ने के लिए ही पुलिस-प्रशासन उनकी अवैध कमाई पर बुलडोजर भी चला रही है। माफिया का खौफ खत्म हो गया है, आज के समय में उनके अपने ही जमानत वापस लेने से नहीं डर रहे हैं। कई लोगों ने जमानत भी वापस ले ली है।