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Gorakhpur News: दशहरा, दीपावली पर वापसी के लिए प्रमुख ट्रेनें फुल, स्पेशल में खोजिए विकल्प
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
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दशहरा, दीपावली और छठ पर घर लौटने वालों को प्रमुख ट्रेनों में जगह नहीं मिल रही है। हमसफर, वैशाली, बिहार संपर्क क्रांति, गोरखधाम आदि ट्रेनों में स्लीपर तो पहले से ही फुल थे, थर्ड व सेकेंड एसी में भी जगह नहीं बची है। ऐसे में यात्रियों के सामने अब केवल त्योहार स्पेशल का ही विकल्प बचा है, उसमें भी तेजी से रिजर्वेशन हो रहे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे ने दिल्ली, मुंबई समेत अन्य बड़े शहरों के लिए कुल 30 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई है।
दिल्ली से रविवार को गोरखपुर आने के लिए गोरखपुर हमसफर में थर्ड ऐसी में भी 12 वेटिंग है। गोरखधाम में थर्ड एसी में 20 और स्लीपर में 71 वेटिंग है। अरुणांचल एक्सप्रेस में थर्ड एसी में 44, आम्रपाली की थर्ड एसी में 15, सत्याग्रह की थर्ड एसी में 20 और स्लीपर में 90 तथा वैशाली में थर्ड एसी में नौ और स्लीपर में 96 वेटिंग है। ऐसे में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि स्थानों से अपने घर आकर दशहरा मेला देखने वाले लोग दूसरा विकल्प तलाश रहे हैं। शनिवार को घर लौटे बशारतपुर के संजय यादव ने बताया कि भीड़ से बचने के लिए एक दिन पहले ही निकल गया। लुधियाना से दिल्ली तक आने के बाद वहां से गोमती एक्सप्रेस से लखनऊ पहुंचा। लखनऊ से कृषक एक्सप्रेस से गोरखपुर पहुंचा। इस तरह तीन जगह ट्रेन बदलने से दिक्कत तो हुई तो लेकिन एक दिन पहले घर पहुंच जाने का संतोष है।
दीपावली से एक दिन पहले टिकट मिलना मुश्किल
जो लोग दीपावली के दिन घर लौटने की तैयारी में हैं, उनके लिए राह और मुश्किल होने वाली है। क्योंकि 11 नवंबर को सभी ट्रेनें अभी से फुल हो गई हैं। 11 नवंबर को गोरखपुर हमसफर में थर्ड एसी में 198 वेटिंग है। सत्याग्रह में थर्ड एसी में 99 व स्लीपर में 328 वेटिंग है। गोरखधाम और बिहार संपर्क क्रांति की थर्ड एसी में बुकिंग बंद कर दी गई है। वैशाली में भी थर्ड एसी में 223 और स्लीपर में 379 वेटिंग है।
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त्योहारों पर चलाई जा रहीं 30 स्पेशल ट्रेनें
रेल यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने दिल्ली, मुंबई समेत कई अन्य प्रमुख स्टेशनों के लिए ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इनमें गोरखपुर दादर, मुंबई सेंट्रल-बनारस, दादर-बलिया, ओखा-नाहरलगुन, अहमदाबाद-पटना, जालना-छपरा, हैदराबाद-गोरखपुर, गोरखपुर-अमृतसर, जयनगर-आनंद विहार, अमृतसर-गोरखपुर, सहरसा-अंबाला, रक्सौल-आनंद विहार, पुणे-गोरखपुर, छपरा-एलटीटी, एलटीटी-सीवान और गोरखपुर-महबूबनगर आदि गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। स्पेशल ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में नवंबर और दिसंबर में भी चलाई जाएंगी।
बोले यात्री
अब तो सामान्य दिनों में भी ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल है। त्योहार में तो स्थिति और भी खराब हो जा रही है। इसीलिए हमने एक दिन पहले वापसी के लिए टिकट कराई थी। हमारे कई साथी स्पेशल ट्रेनों के इंतजार में हैं।
-रवि दत्त शर्मा, रेल यात्री
दशहरा, दीपावली और छठ पर घर आने के लिए लोगों ने दो महीने पहले ही टिकट बुक कराए थे। जिनको टिकट नहीं मिल पा रहा है, वे स्पेशल ट्रेनों के अलावा बसों से यात्रा करने की तैयारी में हैं। कुछ लोग तो दिल्ली से लखनऊ और लखनऊ से गोरखपुर या वाराणसी की ट्रेन पकड़ने की योजना बनाए हैं।
-मनोज कुमार सिंह, रेल यात्री
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दिल्ली से रविवार को गोरखपुर आने के लिए गोरखपुर हमसफर में थर्ड ऐसी में भी 12 वेटिंग है। गोरखधाम में थर्ड एसी में 20 और स्लीपर में 71 वेटिंग है। अरुणांचल एक्सप्रेस में थर्ड एसी में 44, आम्रपाली की थर्ड एसी में 15, सत्याग्रह की थर्ड एसी में 20 और स्लीपर में 90 तथा वैशाली में थर्ड एसी में नौ और स्लीपर में 96 वेटिंग है। ऐसे में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि स्थानों से अपने घर आकर दशहरा मेला देखने वाले लोग दूसरा विकल्प तलाश रहे हैं। शनिवार को घर लौटे बशारतपुर के संजय यादव ने बताया कि भीड़ से बचने के लिए एक दिन पहले ही निकल गया। लुधियाना से दिल्ली तक आने के बाद वहां से गोमती एक्सप्रेस से लखनऊ पहुंचा। लखनऊ से कृषक एक्सप्रेस से गोरखपुर पहुंचा। इस तरह तीन जगह ट्रेन बदलने से दिक्कत तो हुई तो लेकिन एक दिन पहले घर पहुंच जाने का संतोष है।
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दीपावली से एक दिन पहले टिकट मिलना मुश्किल
जो लोग दीपावली के दिन घर लौटने की तैयारी में हैं, उनके लिए राह और मुश्किल होने वाली है। क्योंकि 11 नवंबर को सभी ट्रेनें अभी से फुल हो गई हैं। 11 नवंबर को गोरखपुर हमसफर में थर्ड एसी में 198 वेटिंग है। सत्याग्रह में थर्ड एसी में 99 व स्लीपर में 328 वेटिंग है। गोरखधाम और बिहार संपर्क क्रांति की थर्ड एसी में बुकिंग बंद कर दी गई है। वैशाली में भी थर्ड एसी में 223 और स्लीपर में 379 वेटिंग है।
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त्योहारों पर चलाई जा रहीं 30 स्पेशल ट्रेनें
रेल यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने दिल्ली, मुंबई समेत कई अन्य प्रमुख स्टेशनों के लिए ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इनमें गोरखपुर दादर, मुंबई सेंट्रल-बनारस, दादर-बलिया, ओखा-नाहरलगुन, अहमदाबाद-पटना, जालना-छपरा, हैदराबाद-गोरखपुर, गोरखपुर-अमृतसर, जयनगर-आनंद विहार, अमृतसर-गोरखपुर, सहरसा-अंबाला, रक्सौल-आनंद विहार, पुणे-गोरखपुर, छपरा-एलटीटी, एलटीटी-सीवान और गोरखपुर-महबूबनगर आदि गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। स्पेशल ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में नवंबर और दिसंबर में भी चलाई जाएंगी।
बोले यात्री
अब तो सामान्य दिनों में भी ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल है। त्योहार में तो स्थिति और भी खराब हो जा रही है। इसीलिए हमने एक दिन पहले वापसी के लिए टिकट कराई थी। हमारे कई साथी स्पेशल ट्रेनों के इंतजार में हैं।
-रवि दत्त शर्मा, रेल यात्री
दशहरा, दीपावली और छठ पर घर आने के लिए लोगों ने दो महीने पहले ही टिकट बुक कराए थे। जिनको टिकट नहीं मिल पा रहा है, वे स्पेशल ट्रेनों के अलावा बसों से यात्रा करने की तैयारी में हैं। कुछ लोग तो दिल्ली से लखनऊ और लखनऊ से गोरखपुर या वाराणसी की ट्रेन पकड़ने की योजना बनाए हैं।
-मनोज कुमार सिंह, रेल यात्री