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Exclusive: नहीं पकड़े तस्कर तो फिर बच्चे चलाएंगे तमंचे, गोरखपुर फिर होगा बदनाम

Sat, 11 Mar 2023 05:23 PM IST
vivek shukla शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 11 Mar 2023 05:23 PM IST
सार

एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार ने कहा कि असलहा तस्करों को पकड़ने के लिए ही ऑपरेशन तमंचा-2 की शुरुआत की गई। जोन के कई जिले में पुलिस को कामयाबी मिली भी है। इसकी समीक्षा कर अवैध असलहा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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file closed by arresting those who use weapons smugglers not caught
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

गोरखपुर में असलहों का रोग पुराना है। इश्किया फिल्म का एक बोल तो याद ही होगा, ‘जिसमें गोरखपुर का जिक्र होते ही एक बच्चा बोलता है कि यहां पर बच्चे होश संभालने से पहले ही तमंचा चलाना सीख लेते हैं’। अगर पुलिस ने असलहा तस्करों को नहीं दबोचा तो गोरखपुर के बच्चों के हाथ तमंचे लगेंगे और गोरखपुर का नाम फिर बदनाम होगा।

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हाल के दिनों में कई नाबालिग असलहों के शौक के चक्कर में नकली असलहे के साथ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर चुके हैं। कई मामलों में 18 व 19 की उम्र के युवकों को जेल भी भेजा गया।
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जानकारी के मुताबिक, एडीजी अखिल कुमार के आदेश पर दो साल पहले अवैध असलहों के खिलाफ अभियान चला। इसे ऑपरेशन तमंचा का नाम दिया गया। इसका असर भी रहा। कई बदमाश दबोचे गए और 2022 में गोरखपुर जोन में 4,132 असलहे भी बरामद कर लिए गए।
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असलहा पकड़े जाने के बाद पुलिस ने दवा किया कि तस्करों के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। जल्द ही तस्करों को भी दबोचा जाएगा। लेकिन, ऐसा होता कभी नहीं। इसे गंभीरता से लेते हुए नए साल की शुरुआत होते ही एडीजी ने ऑपरेशन तमंचा- 2 चलाने का आदेश दिया।

इसका मकसद है कि असलहा तस्करों को पकड़ा जाए, ताकि अवैध असलहे जिले में आ ही ना पाए, लेकिन इसकी भी शुरुआत में सिर्फ असलहों के इस्तेमाल करने वाले ही दबोचे जा रहे हैं।

 

पश्चिम बंगाल के बदमाश भी पकड़े गए फिर भी राज नहीं खुला

31 दिसंबर 2021 को कैंट पुलिस ने पश्चिम बंगाल के दो युवकों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला है कि डकैती के मामले में कोलकाता जेल में बंद जय गोविंद चौधरी के संपर्क में आने के बाद बदमाशों को गोरखपुर में असलहा मिलने की जानकारी हुई थी। दोनों ने बताया कि वे बड़हलगंज के संसारपार निवासी अविनाश शर्मा उर्फ पिंटू के घर पर रुके थे। आरोपी पश्चिम बंगाल के चुनरी पाडा निवासी गोविंदा बांसफोर और वहीं के सूरज यादव ने पुलिस को कई जानकारी दी थी, लेकिन आज तक पुलिस इस पूरे प्रकरण का पर्दाफाश नहीं कर सकी।

पहले आठ सौ से 1,500 में बिकते थे तमंचे, अब 15 हजार तक
बात अगर, 2015 से पहले की करी जाए तो तमंचा आठ सौ से 15 सौ में बिकते थे। गोरखपुर में बिहार से असलहा लाकर बेचा जाता था। पुलिस की सख्ती नहीं थी तो हर मुहल्ले में आसानी से मिल भी जाता था, लेकिन अब पुलिस की सख्ती बढ़ी है तो अब 15 हजार रुपये तक इसका दाम पहुंच गया। बेलघाट में पकड़े गए युवकों ने बताया था कि वह 12 हजार रुपये में तमंचा आजमगढ़ से लाते थे और फिर यहां पर 15 हजार रुपये में बेच दिया करते थे।

बिहार और आजमगढ़ से आते हैं तमंचे
गोरखपुर में बिहार और आजमगढ़ से तमंचों की खेप आती है। पुलिस प्रशासन की सख्ती बढ़ने के बाद अब बड़ी संख्या में एक साथ असलहे नहीं लाए जाते हैं। एक बार में दो या तीन असलहे ही लेकर लोग आते हैं और फिर उसे बेच दिया जाता है। इसकी पुष्टि हाल के दिनों में पकड़े गए लोगों से हो चुकी है। लेकिन, इस पर पुलिस की सख्ती नहीं हो पाती, तस्कर न दबोचे जाने की वजह से आवक कम तो हुई, लेकिन खत्म नहीं हो पाई।

 

ऑनलाइन ग्रुप से खरीद-फरोख्त के मिले हैं प्रमाण

पुलिस ने अलग-अलग मामलों में चार युवकों को पकड़ा था, जिसके बाद यह पुष्टि हुई थी कि ऑनलाइन तमंचे के खरीद फरोख्त का बाजार चल रहा है। महाकाल, गुंडा है हम, अपनी बादशाहत नाम से चलने वाले ग्रुप में फोटो डाला जाता है और फिर उसके दाम तय कर बेचा जाता है। इस ग्रुप में विश्वसीनता ऐसी है कि कोई भी इसकी बातों को किसी भी ऐसे शख्स को नहीं बताता है, जिससे भंडाफोड़ हो। लेकिन, पुलिस ने पकड़ने के बाद सरगना आजमगढ़ का बताया था, लेकिन छह महीने का अधिक गुजरने के बाद भी वह पकड़ा नहीं जा सका।

बीते 2022 में बरामद हुए असलहे

  • गोरखपुर 519                        
  • देवरिया 244                        
  • कुशीनगर 403                        
  • महराजगंज 176                        
  • बस्ती 368                        
  • संतकबीरनगर 309                        
  • सिद्धार्थनगर 501                        
  • गोंडा 709                        
  • बलरामपुर 287                        
  • बहराइच 464                        
  • श्रावस्ती 152                        


एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार ने कहा कि असलहा तस्करों को पकड़ने के लिए ही ऑपरेशन तमंचा-2 की शुरुआत की गई। जोन के कई जिले में पुलिस को कामयाबी मिली भी है। इसकी समीक्षा कर अवैध असलहा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

पहले भी हो चुकी है घटना

केस एक
5 जनवरी 2023 को वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने सपा नेता कुंवर प्रताप सिंह के पुत्र एवं प्रधान विजय प्रताप को गिरफ्तार कर उसके पास से कार्बाइन बरामद कर ली। पूछताछ के आधार पर असलहे की आपूर्ति कराने के आरोप में सपा छात्रसभा से चुनाव लड़े केसी को भी पकड़ा। जिसने कार्बाइन को बेचा था, पुलिस उसे आज तक दबोच नहीं पाई।

केस दो
10 जनवरी 2023 को पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार कर तमंचा बरामद किया। बेलघाट में गिरफ्तार दो युवकों से पूछताछ में पता चला कि मध्यप्रदेश के उज्जैन से असलहे आ रहे हैं। व्हाट्सएप पर दुकान चल रही है। असलहे बेलघाट में रहने वाला एक युवक मंगाकर बेचता है। आज तक पुलिस न युवक को गिरफ्तार कर सकी न ही सप्लायर तक पहुंच पाई है।

केस तीन
11 जनवरी 2023 को कोतवाली पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर अवैध पिस्टल, कारतूस और खोखा बरामद किया। पुलिस ने गिरफ्तार हर्षित गुप्ता और बलराम कुमार भारती को कोर्ट में पेश कर जेल भी भिजवा दिया, लेकिन उन्हें असलहा कहां से मिला, इसकी जांच जारी है। मामले में भी पुलिस असलहा सप्लाई करने वाले तक नहीं पहुंच सकी है।

केस चार
08 मार्च 2023 को सहजनवां इलाके में पुरानी रंजिश में गोली चली। एक युवक ने तमंचे से गोली मार दी। पुलिस ने तमंचा भी बरामद कर लिया, लेकिन उसके पास यह तमंचा आया कहां से इसे पुलिस अभी तक नहीं बता पा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इसके बारे में जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।

 

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