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Gorakhpur News: इकलौते बेटे की मौत से उजड़ गया परिवार, मां की चीख से नम हुईं आंखें
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गोरखपुर। नाहरपुर के पास बुधवार शाम का माहौल उस समय मातम में बदल गया, जब आदित्य की मौत की खबर उसके घर पहुंची। कुछ देर पहले तक परिवार को उम्मीद थी कि बेटा कोचिंग से पढ़कर घर लौटेगा, लेकिन उसकी मौत की खबर ने माता-पिता को तोड़ दिया। घटनास्थल पर पहुंचते ही परिजन शव से लिपटकर रोने लगे। मां रेनू प्रजापति बार-बार बेटे को पुकारती रही और वहां मौजूद लोग उन्हें संभालने में जुटे रहे।
आदित्य अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी छोटी बहन अनन्या भी उसी स्कूल में पढ़ती है। भाई की मौत की खबर सुनकर वह भी बदहवास हो गई। परिवार के लोगों के मुताबिक, आदित्य पढ़ाई के लिए रोज की तरह घर से निकला था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी आखिरी शाम होगी। बेटे की मौत के बाद घर में चीख-पुकार मची रही। घटनास्थल पर देर शाम तक बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे। सड़क पर क्षतिग्रस्त सामान देखकर लोगों में गुस्से के साथ किशोर की मौत का गम भी साफ नजर आया। कुछ लोग परिवार को ढांढस बंधाते रहे तो कुछ दूर खड़े होकर घटना की चर्चा करते रहे। हर तरफ एक ही बात थी कि कम उम्र में आदित्य की जान चली गई।
आदित्य के पिता राजेश का कहना था कि आदित्य के साथ परिवार की कई उम्मीदें जुड़ी थीं। पढ़ाई पूरी कर वह आगे बढ़ना चाहता था। माता-पिता भी बेटे के भविष्य को लेकर सपने संजोए थे। इकलौते बेटे की मौत से अब परिवार के सामने उसके बिना जिंदगी आगे बढ़ाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
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शव के पास बैठे परिजन बार-बार फफक पड़े
आदित्य के शव के पास बैठे परिजन बार-बार उसे देखते और फिर फफक पड़ते। मां की चीख सुनकर आसपास खड़े लोगों की आंखें भी नम हो जातीं। छोटी बहन की आंखें भी भाई को तलाशती रहीं। परिजनों के लिए विश्वास करना मुश्किल था कि जिस बेटे और भाई के घर लौटने का इंतजार था, वह अब कभी वापस नहीं आएगा। देर शाम तक घटनास्थल पर गम और तनाव का माहौल बना रहा। परिजनों की हालत देखकर ग्रामीण भी भावुक नजर आए। वहां मौजूद, रत्नेशन, सौरभ और अनिल का कहना था कि परिवार ने अपना इकलौता बेटा खोया है और इस दुख से उबरने में उन्हें लंबा समय लगेगा।
बाइक सवार से मारपीट के बाद पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग
जाम के दौरान एक बाइक पर सवार दो लोग रास्ते से निकलने का प्रयास करने लगे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोककर मारपीट कर दी। इसमें बाइक का शीशा टूट गया और दोनों को चोटें आईं। इसके बाद पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। इसके बाद सड़क पर लगा जाम खुल गया। हालांकि, परिजन शव को सड़क पर रखकर बैठे रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी देर तक समझाने और कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद परिजनों को मनाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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आदित्य अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी छोटी बहन अनन्या भी उसी स्कूल में पढ़ती है। भाई की मौत की खबर सुनकर वह भी बदहवास हो गई। परिवार के लोगों के मुताबिक, आदित्य पढ़ाई के लिए रोज की तरह घर से निकला था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी आखिरी शाम होगी। बेटे की मौत के बाद घर में चीख-पुकार मची रही। घटनास्थल पर देर शाम तक बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे। सड़क पर क्षतिग्रस्त सामान देखकर लोगों में गुस्से के साथ किशोर की मौत का गम भी साफ नजर आया। कुछ लोग परिवार को ढांढस बंधाते रहे तो कुछ दूर खड़े होकर घटना की चर्चा करते रहे। हर तरफ एक ही बात थी कि कम उम्र में आदित्य की जान चली गई।
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आदित्य के पिता राजेश का कहना था कि आदित्य के साथ परिवार की कई उम्मीदें जुड़ी थीं। पढ़ाई पूरी कर वह आगे बढ़ना चाहता था। माता-पिता भी बेटे के भविष्य को लेकर सपने संजोए थे। इकलौते बेटे की मौत से अब परिवार के सामने उसके बिना जिंदगी आगे बढ़ाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
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शव के पास बैठे परिजन बार-बार फफक पड़े
आदित्य के शव के पास बैठे परिजन बार-बार उसे देखते और फिर फफक पड़ते। मां की चीख सुनकर आसपास खड़े लोगों की आंखें भी नम हो जातीं। छोटी बहन की आंखें भी भाई को तलाशती रहीं। परिजनों के लिए विश्वास करना मुश्किल था कि जिस बेटे और भाई के घर लौटने का इंतजार था, वह अब कभी वापस नहीं आएगा। देर शाम तक घटनास्थल पर गम और तनाव का माहौल बना रहा। परिजनों की हालत देखकर ग्रामीण भी भावुक नजर आए। वहां मौजूद, रत्नेशन, सौरभ और अनिल का कहना था कि परिवार ने अपना इकलौता बेटा खोया है और इस दुख से उबरने में उन्हें लंबा समय लगेगा।
बाइक सवार से मारपीट के बाद पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग
जाम के दौरान एक बाइक पर सवार दो लोग रास्ते से निकलने का प्रयास करने लगे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोककर मारपीट कर दी। इसमें बाइक का शीशा टूट गया और दोनों को चोटें आईं। इसके बाद पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। इसके बाद सड़क पर लगा जाम खुल गया। हालांकि, परिजन शव को सड़क पर रखकर बैठे रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी देर तक समझाने और कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद परिजनों को मनाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।