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Exclusive: गोरखपुर में पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के फर्जी हॉलमार्क पर बेच रहा था नकली आभूषण

Sat, 15 Apr 2023 05:12 PM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 15 Apr 2023 05:12 PM IST
सार

 राजघाट थाने के विवेचक संतोष सिंह ने बताया कि चारों पंजीकृत हॉलमार्क करने वाले व्यापारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसी आधार पर बीआईएस को भी ई-मेल कर पंजीकरण की जांच कर अधिकृत रिपोर्ट देने की मांग की है।

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Fake jewelery was being sold in Gorakhpur on fake hallmark of former and present president
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock

विस्तार

सराफा बाजार में पिछले दिनों पकड़ा गया अमर जौहरी अपनी दुकान पर पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के पंजीकृत हॉलमार्क के नकली आभूषणों को बेच रहा था। अमर की दुकान पर छापे के दौरान मिले नकली आभूषणों पर इन्हीं दोनों के मार्का वाले आभूषण सामने आए हैं। सूत्रों ने बताया कि पुलिस की जांच में इन बातों का पता चल चुका है। पुलिस ने अब तक की जांच के दौरान सराफा मंडल के चारों हॉलमार्किंग सेंटरों के मालिकों को बुलाकर उनके बयान दर्ज कर लिए हैं। दर्ज बयान की पत्रावलियों को न्यायालय में भी भेजा जा चुका है।

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दरअसल, इस मामले में पुलिस की ओर से अब तक की गई कार्रवाई पर सराफा बाजार में सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि फर्जी हॉलमार्क वाला व्यापारी तो पकड़ा गया, लेकिन इसे बनाया कहां जाता था? इसका खुलासा अब भी नहीं किया गया है।
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सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी के पहले सराफा मंडल की टीम ने जब दुकान पर छापा मारा था तो अमर ने एक जाति विशेष के शख्स के नाम का उल्लेख किया था। बताया था कि उन्हें ही आभूषण देता था और वही हॉलमार्क लगवाकर उसे लाकर देते थे।
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ई-मेल किया, अब भेजेंगे पत्र

 चर्चा है कि अमर बाजार के ही किसी हॉलमार्क सेंटर के कारोबारी के यहां मार्किंग करवाता था। हिंदी बाजार की हरबंशराम गली के एक कटरे में हॉलमार्किंग का काम होता है। कहा जा रहा है कि कहीं इसी कटरे से तो मार्किंग नहीं करवाई गई थी, क्योंकि अब भी फर्जी मार्किंग के धंधे की खबरें पुलिस तक पहुंच रही हैं। अगर फर्जी मार्किंग करने वाला असली अपराधी सामने नहीं आया तो ये सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा।

मामले की जांच कर रहे राजघाट थाने के विवेचक संतोष सिंह ने बताया कि चारों पंजीकृत हॉलमार्क करने वाले व्यापारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसी आधार पर बीआईएस को भी ई-मेल कर पंजीकरण की जांच कर अधिकृत रिपोर्ट देने की मांग की है। क्योंकि जब्त आभूषण किस पंजीकृत हॉलमार्क सेंटर का पंजीकरण है, ये बीआईएस के द्वारा ही पता चल सकेगा। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ी तो और नाम भी जोड़े जाएंगे।
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