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फर्जी शस्त्र लाइसेंस : हाईकोर्ट से रासुका निरस्त, मुख्य आरोपित रवि रिहा

Mon, 30 Dec 2019 11:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 30 Dec 2019 11:11 AM IST
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fake arms license case gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में रवि गन हाउस के मालिक के बेटे मुख्य आरोपित रवि पांडेय को रिहा कर दिया गया है। हाईकोर्ट की एडवाइजरी बोर्ड ने उसके खिलाफ लगाए गए रासुका को निरस्त कर दिया। रविवार देेर शाम छह बजे उसे जेल से छोड़ा गया। रवि के खिलाफ बीते दो दिसंबर को रासुका की कार्रवाई की गई थी।
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शासन से मंजूरी मिलने के बाद हाईकोर्ट की एडवाइजरी बोर्ड (परामर्शदात्री परिषद) ने रासुका की कार्रवाई को निरस्त कर दिया। इसके बाद रवि को जेल से छोड़ा गया। रवि को पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन वह रासुका लगाए जाने के कारण जेल में था। रवि की रिहाई के बाद व्यापारी नेता संजय सिंघानिया सहित कई व्यापारियों ने खुशी जताई है। इससे पहले पूर्व असलहा बाबू राम सिंह को भी बीते 24 दिसंबर को जमानत मिली थी। वह भी जेल से बाहर आ चुके हैं।
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14 अगस्त को खुला था मामला
फर्जी शस्त्र लाइसेंस का मामला 14 अगस्त 2019 को पकड़ में आया था। गोरखनाथ पुलिस ने तनवीर नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद पुलिस ने बीते 28 अगस्त को मुख्य आरोपी टाउनहाल स्थित रवि गन हाउस के मालिक के बेटे रवि पांडेय को गिरफ्तार किया। दो दिसंबर को उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई थी। छह सितंबर को पूर्व असलहा बाबू राम सिंह को जेल भेजा गया था।
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फर्जी शस्त्र प्रकरण में 25 जा चुके हैं जेल
फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में पुलिस ने रवि पांडेय, तत्कालीन असलहा बाबू रामसिंह, पूर्व असहला बाबू अशोक गुप्ता, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, सपा नेता आजम लारी समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज था। वहीं प्रशासन की सूची के आधार पर पुलिस ने खोराबार के दस लोगों को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें रिटायर्ड शिक्षक, आबकारी सिपाही समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। बाद में खोराबार के सभी दसोें लोगों की जमानत हो गई। जांच में दस में से आठ लोगों के असलहे की मूल प्रति भी असलहा दफ्तर में मिल गई। प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अब इनके मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी में है।


वरिष्ठ जेल अधीक्षक, डॉ रामधनी ने कहा कि रवि पांडेय को अन्य मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी थी। हाइकोर्ट की एडवाइजरी बोर्ड ने रासुका की कार्रवाई को निरस्त कर दिया। रविवार को आदेश आने के बाद देर शाम उसे रिहा कर दिया गया।
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