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Exclusive: रेलवे में क्लर्क का थमा दिया फर्जी नियुक्तिपत्र, ऐंठे सात लाख
Mon, 23 Aug 2021 01:01 PM IST
vivek shukla
राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 23 Aug 2021 01:01 PM IST
सार
आठ-दस युवाओं से ठगी हुई है, कैंट में दी तहरीर पर केस दर्ज नहीं हुआ। ठगी के शिकार एक युवक ने यूपी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की है। दिल्ली से लेकर महाप्रबंधक कार्यालय तक जालसाजों का नेटवर्क फैला है।
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इनसे हुई ठगी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
रेलवे में क्लर्क पद का फर्जी नियुक्तिपत्र थमाकर जालसाजों ने कुछ युवाओं से सात लाख रुपये तक ऐंठ लिए हैं। पूर्वोत्तर रेलवे में ग्रुप सी (वाणिज्य क्लर्क) पद पर नियुक्ति के लिए जालसाजों ने करीब दस युवाओं को शिकार बनाया है। उनसे सात-सात लाख रुपये भी हड़प लिए हैं। युवाओं को बाकायदा नियुक्तिपत्र, परिचय पत्र और पास जारी किया गया। उनसे रेलवे के दफ्तरों में बुलाकर हाजिरी भी लगवाई गई। फर्जीवाड़े का मामला तब खुला जब इन युवाओं को ट्रांसफर लेटर दिया गया। ठगी के शिकार युवाओं ने कैंट थाने में तहरीर दी गई, लेकिन उन्हें टालमटोल कर वापस कर दिया गया। अब उन्होंने यूपी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की है।
जालसाजी के शिकार हुए नवगढ़ पलामू, झारखंड के आदित्य विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें 20 अक्तूबर 2020 को नियुक्ति पत्र दिया गया। मुख्यालय स्थित प्रमुख मुख्य इंजीनियर कार्यालय और एसबीआई बैंक के पास लेखा विभाग में बुलाया जाता था। यहां खुद को रेलकर्मी बताने वाला हरेंद्र सिंह उर्फ भगत मेरे साथ चार और लोगों की हाजिरी लगवाता था। सभी युवक ठगी के शिकार हुए हैं। 19 अगस्त को कैंट थाने में तहरीर दी तो वहां एक एसआई ने यह कहकर लौटा दिया कि आरोपियों का निवास का पता लेकर आओ। इसके बाद हमने टोल फ्री नंबर 1076 पर शिकायत की है। वहां मामला दर्ज किया गया है।
ऐसे हुए ठगी के शिकार
आदित्य विश्वकर्मा ने बताया कि वह दिल्ली में नौकरी करता था। जिस हॉस्टल में रहता था वहां दिल्ली निवासी आकाश शर्मा मुझे मिला। बातचीत में उसने सरकारी नौकरी में भर्ती करवाने का ऑफर दिया। हमें एक लड़के प्रमोद के साथ गोरखपुर भेजा। यहां खुद को रेलकर्मी बताने वाले हरेंद्र सिंह उर्फ भगत से मिलवाया। भगत ने बारी-बारी सात लाख लिए। मुझे रेलवे भर्ती बोर्ड गोरखपुर का ज्वाइनिंग लेटर, मेडिकल सर्टिफिकेट, ट्रेन का पास, परिचय पत्र आदि कागजात दिए। इंजीनियरिंग विभाग और लेखा विभाग में हमारी हाजिरी लगती थी। कई बार दफ्तर में अंदर बुलाकर और अक्सर गेट पर ही रजिस्टर पर हाजिरी लगवा लेते थे।
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जालसाजी के शिकार हुए नवगढ़ पलामू, झारखंड के आदित्य विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें 20 अक्तूबर 2020 को नियुक्ति पत्र दिया गया। मुख्यालय स्थित प्रमुख मुख्य इंजीनियर कार्यालय और एसबीआई बैंक के पास लेखा विभाग में बुलाया जाता था। यहां खुद को रेलकर्मी बताने वाला हरेंद्र सिंह उर्फ भगत मेरे साथ चार और लोगों की हाजिरी लगवाता था। सभी युवक ठगी के शिकार हुए हैं। 19 अगस्त को कैंट थाने में तहरीर दी तो वहां एक एसआई ने यह कहकर लौटा दिया कि आरोपियों का निवास का पता लेकर आओ। इसके बाद हमने टोल फ्री नंबर 1076 पर शिकायत की है। वहां मामला दर्ज किया गया है।
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ऐसे हुए ठगी के शिकार
आदित्य विश्वकर्मा ने बताया कि वह दिल्ली में नौकरी करता था। जिस हॉस्टल में रहता था वहां दिल्ली निवासी आकाश शर्मा मुझे मिला। बातचीत में उसने सरकारी नौकरी में भर्ती करवाने का ऑफर दिया। हमें एक लड़के प्रमोद के साथ गोरखपुर भेजा। यहां खुद को रेलकर्मी बताने वाले हरेंद्र सिंह उर्फ भगत से मिलवाया। भगत ने बारी-बारी सात लाख लिए। मुझे रेलवे भर्ती बोर्ड गोरखपुर का ज्वाइनिंग लेटर, मेडिकल सर्टिफिकेट, ट्रेन का पास, परिचय पत्र आदि कागजात दिए। इंजीनियरिंग विभाग और लेखा विभाग में हमारी हाजिरी लगती थी। कई बार दफ्तर में अंदर बुलाकर और अक्सर गेट पर ही रजिस्टर पर हाजिरी लगवा लेते थे।
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टीटीई ने ट्रेन में पकड़ा तो हरेंद्र ने छुड़वाया
आदित्य ने बताया कि हमें ट्रेनिंग पीरियड बताकर गोरखपुर से लखनऊ की ट्रेन में भेजा जाता था। कहा जाता था कि ट्रेन के छूटने और पहुंचने का समय नोट करके लाना है। एक बार टीटीई ने पकड़ लिया तो जालसाज हरेंद्र सिंह ने टीटीई से बातकर छुड़वा दिया।
ऐसे हुआ शक
जालसाजों ने बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से युवकों को फंसाया था। जब वे इनसे मिलते थे तो उसमें रेलकर्मी के अलावा फर्जी विजिलेंस इंस्पेटक्टर भी मौजूद होता था। इससे किसी को पहले शक नहीं हुआ। लेकिन, एक दिन बताया गया कि आपको घर के पते पर रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से एक लेटर भेजा गया है। जब हम लोगों ने घर से मंगवाया तो उसमें ट्रांसफर लेटर था, लेकिन वह लेटर स्टेट गवर्नमेंट की ओर से जारी किया गया था। यहीं से शक बढ़ा तो हमने पूछताछ शुरू की। कहा गया कि कुछ गड़बड़ी हुई है, आप लोग लखनऊ डीआरएम दफ्तर जाएं। वहां एक आदमी मिलेगा वह ठीक करा देगा। उसका मोबाइल नंबर भी दिया गया, लेकिन लखनऊ में वह युवक नहीं आया। दो दिन तक बहानेबाजी बनाता रहा और मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिया। फिर हरेंद्र सिंह को हम लोगों ने फोन किया तो उसने कहा कि गोरखपुर आकर मिलें। जब यहां आए तो मोबाइल ऑफ मिला।
इनसे भी हुई है ठगी
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे में नियुक्ति, रोजगार की प्रक्रिया रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (आरआरबी) अथवा रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (आरआरसी) के द्वारा पूर्ण पारदर्शिता के साथ की जाती है। रेलवे में रिक्रूटमेंट से संबंधित सभी जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर तथा रोजगार समाचार पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। सभी से अपील है कि किसी के झांसे में न आएं तथा फर्जी एवं नक्कालों से बचें। यदि कोई रेलवे में नौकरी दिलाने संबंधी ऑफर देता है तो नजदीकी पुलिस स्टेशन पर शिकायत करें।
ऐसे हुआ शक
जालसाजों ने बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से युवकों को फंसाया था। जब वे इनसे मिलते थे तो उसमें रेलकर्मी के अलावा फर्जी विजिलेंस इंस्पेटक्टर भी मौजूद होता था। इससे किसी को पहले शक नहीं हुआ। लेकिन, एक दिन बताया गया कि आपको घर के पते पर रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से एक लेटर भेजा गया है। जब हम लोगों ने घर से मंगवाया तो उसमें ट्रांसफर लेटर था, लेकिन वह लेटर स्टेट गवर्नमेंट की ओर से जारी किया गया था। यहीं से शक बढ़ा तो हमने पूछताछ शुरू की। कहा गया कि कुछ गड़बड़ी हुई है, आप लोग लखनऊ डीआरएम दफ्तर जाएं। वहां एक आदमी मिलेगा वह ठीक करा देगा। उसका मोबाइल नंबर भी दिया गया, लेकिन लखनऊ में वह युवक नहीं आया। दो दिन तक बहानेबाजी बनाता रहा और मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिया। फिर हरेंद्र सिंह को हम लोगों ने फोन किया तो उसने कहा कि गोरखपुर आकर मिलें। जब यहां आए तो मोबाइल ऑफ मिला।
इनसे भी हुई है ठगी
- पंकज कुमार सिंह, देवरिया- सूरज कुमार अग्रवाल, पलामू, झारखंड
- राजू कुमार मौर्या, रेनूकोट सोभद्र
- रामकेश विश्वकर्मा, गढ़वा, झारखंड
- चंद्रदीप प्रसाद शाह, प्रभाषनगर हुगली, पश्चिम बंगाल
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे में नियुक्ति, रोजगार की प्रक्रिया रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (आरआरबी) अथवा रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (आरआरसी) के द्वारा पूर्ण पारदर्शिता के साथ की जाती है। रेलवे में रिक्रूटमेंट से संबंधित सभी जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर तथा रोजगार समाचार पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। सभी से अपील है कि किसी के झांसे में न आएं तथा फर्जी एवं नक्कालों से बचें। यदि कोई रेलवे में नौकरी दिलाने संबंधी ऑफर देता है तो नजदीकी पुलिस स्टेशन पर शिकायत करें।