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Gorakhpur News: निलंबन के दौरान भी रसूखदार वरिष्ठ लिपिक देख रहा था पेशकार का काम

Mon, 29 Jul 2024 05:51 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2024 05:51 AM IST
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Even during suspension, an influential senior clerk was looking after the work of Peshkar
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निलंबन के दौरान भी रसूखदार वरिष्ठ लिपिक देख रहा था पेशकार का काम
निबंधन कार्यालय में भौकाल ऐसा कि सब रजिस्ट्रार भी रखते थे मिलाकर
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सीलिंग की जमीन को भू-माफिया कमलेश यादव की रजिस्ट्री कराने में आरोपी बनाए गए चौरीचौरा के प्रभारी सब रजिस्ट्रार एवं निबंधन कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक चंद्रशेखर शाही को निलंबन के दौरान भी पेशकार की जिम्मेदारी दी गई थी। विभाग में रसूखदार वरिष्ठ लिपिक ज्यादातर अधिकारियों का करीबी भी है। गंभीर आरोपों में जेल जाने के बाद भी विभाग की तरफ से बेहतर कार्यप्रणाली बताकर पदोन्नति के लिए संस्तुति की गई थी। जिसके आधार पर शासन ने सब रजिस्ट्रार बना दिया है।

निबंधन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, तेज तर्रार वरिष्ठ लिपिक होने के चलते अधिकारी भी पसंद करते थे। बड़े डीड व रजिस्ट्री के मामले भी डील करने के लिए दे देते थे। विभाग में वरिष्ठ लिपिक का रसूख देखकर रजिस्ट्री कराने वाले ज्यादातर लोग सब रजिस्ट्रार ही समझते थे। सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ लिपिक के पूर्व के कारनामों को दरकिनार एक बड़े अधिकारी ने अच्छी रिपोर्ट लगवाकर शासन को भेजवा दी थी। अधिकारी और वरिष्ठ लिपिक जानते थे कि पदोन्नत होगी। यही वजह है कि वरिष्ठ लिपिकों के पदोन्नति की सूची आने के पहले ही आरोपी वरिष्ठ लिपिक को रजिस्ट्रार बनाकर बांसगांव भेज दिया गया। अब विभागीय जांच में चंद्रशेखर शाही को क्लीन चिट देने की चर्चा पूरे महकमे में हैं। तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
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इस आरोप में भेजा गया था जेल
एम्स थाना क्षेत्र के बहरामपुर गांव में रहने वाले भू-माफिया कमलेश यादव ने काफी संख्या में लोगों को भूमि दिलाने के नाम पर जालसाजी की थी। कमलेश और उसके गिरोह के साथियों ने कुछ लोगों से रुपये ले लिया लेकिन भूमि नहीं दी, वहीं कुछ लोगों को सीलिंग की भूमि बेच दी। साथ ही दूसरे की भूमि किसी और को रजिस्ट्री कर दी गई। पुलिस की जांच में प्रभारी सब रजिस्ट्रार चंद्रशेखर शाही कमलेश से जुड़ी रजिस्ट्री में मिली गड़बड़ी छिपा ली थी। एम्स थाना की पुलिस ने केस में चंद्रशेखर का भी नाम बढ़ाकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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