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बिजली: डेढ़ लाख बकाएदार, ओटीएस के लाभ से वंचित
Mon, 11 Dec 2023 12:55 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 11 Dec 2023 12:55 PM IST
सार
मुख्य अभियंता आशू कालिया ने कहा कि बिजली एजेंसी के मीटर रीडरों की लापरवाही से लगभग 10 फीसदी उपभोक्ताओं का गलत बिजली बिल बन गया है। बिजली बिल में सुधार करवा कर इन्हें ओटीएस का लाभ देने की पूरी कोशिश की जाएगी।
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बिजली बिल। (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
जोन के विभिन्न वितरण मंडलों व खंडों के करीब डेढ़ लाख बकाएदारों को पावर कारपोरेशन की ओटीएस योजना का लाभ लेने में परेशान हो रही है। इनके बिजली बिल मीटर रीडरों ने गलत निकाल दिए हैं। इन उपभोक्ताओं के बिजली बिल पिछले महीने रीडिंग डिफेक्ट (आरडीएफ) व इंस्ट्रूमेंट डिफेक्ट श्रेणी (आईडीएफ) में बना दिए। इसलिए इनमें सरचार्ज व बकाए की रकम का सही उल्लेख नहीं है। ऐसे में जब बिल ही गड़बड़ हैं तो उन्हें ओटीएस का लाभ नहीं मिल पा रहा।
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इस बार ओटीएस योजना में पंजीकरण कराने के लिए कारपोरेशन ने मूल बकाए की 10 फीसदी राशि जमा कराने का प्रावधान किया है। इस कारण से ही बकाएदारों के गलत श्रेणी में बने बिजली बिल पर पंजीकरण नही हो पा रहे हैं। तमाम उपभोक्ता इसका लाभ उठा रहे हैं लेकिन गोरखपुर जोन के डेढ़ लाख बकाएदार अधर में फंसे हुए हैं।
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अभियंताओं का कहना है कि सर्वर में खामी के कारण पहले से ही सैकड़ों बिल सुधार के मामले लंबित है। सर्वर में रोजाना खामी आने से बिल सुधार के मामले निपट नहीं पा रहे है। बिलिंग एजेंसी के मीटर रीडरों की मनमानी से हर महीने गलत बिल बनने से राजस्व लिपिकों के साथ ही उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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इन बकाएदारों को मिले हैं गलत बिल
| वितरण मंडल | गलत बिल की संख्या |
| नगरीय | 8500 |
| ग्रामीण प्रथम | 29000 |
| ग्रामीण द्वितीय | 33712 |
मुख्य अभियंता आशू कालिया ने कहा कि बिजली एजेंसी के मीटर रीडरों की लापरवाही से लगभग 10 फीसदी उपभोक्ताओं का गलत बिजली बिल बन गया है। बिजली बिल में सुधार करवा कर इन्हें ओटीएस का लाभ देने की पूरी कोशिश की जाएगी।