गोरखपुर: त्वचा के पेस्ट से सफेद दाग का कारगर इलाज, BRD के शोध में हुआ खुलासा
बीआरडी के चर्म रोग विभाग के डॉक्टरों ने शोध किया है, जो प्रकाशित हो चुका है। जानकारी के मुताबिक, सफेद दाग त्वचा की एक बीमारी है। इसमें त्वचा में रंग बनाने की कमी होनी शुरू हो जाती है। इसकी वजह से शरीर में सफेद दाग हो जाते हैं। इस दाग को साइंस की भाषा में विटिलिगो कहते हैं।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने सफेद दाग से परेशान लोगों के लिए इलाज का नया तरीका विकसित किया है। मरीजों के ही त्वचा के पेस्ट से ही सफेद दाग का इलाज कर रहे हैं। इस तकनीक से ओठ, चेहरा और सिर में बने सफेद दाग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं।
डॉक्टरों की भाषा में इस तकनीक को ऑटो लोगस ग्राफ्टिंग या नॉन कल्चर मिलेनोसाइट सेल ट्रांसफर कहते हैं। इस पर बीआरडी के चर्म रोग विभाग के डॉक्टरों ने शोध किया है, जो प्रकाशित हो चुका है। जानकारी के मुताबिक, सफेद दाग त्वचा की एक बीमारी है। इसमें त्वचा में रंग बनाने की कमी होनी शुरू हो जाती है। इसकी वजह से शरीर में सफेद दाग हो जाते हैं। इस दाग को साइंस की भाषा में विटिलिगो कहते हैं।
इस बीमारी पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चर्मरोग विभाग असिस्टेंट प्रो. डॉ राजकुमार ने 40 मरीजों पर शोध किया है। शोध के दौरान मरीजों के ओठ, चेहरे और शरीर के दूसरे हिस्से पर दाग थे। इसमें ओठ, चेहरा और सिर के दाग इस तकनीक से पूरी तरह से गायब हो गए। जबकि, हाथ और पैरों के दाग 80 से 90 फीसदी कम हो गए।
इन मरीजों की उम्र 15 से 50 वर्ष थी। शोध पूरे एक साल तक चला है। यह शोध जर्नल ऑफ इवोल्यूशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल साइंसेज में प्रकाशित किया गया। बताया कि इस तकनीक में पेस्ट बनाने के लिए त्वचा का टुकड़ा शरीर के ऐसे हिस्से से निकाला जाता है, जहां से सामान्य त्वचा फिर से विकसित हो जाती है।
मरीज की त्वचा से ही बनाया जाता है पेस्ट
प्रो डॉ राजकुमार ने बताया कि सफेद दाग एक त्वचा की एक बीमारी है। शरीर में त्वचा का रंग मिलेनोसाइट सेल में मौजूद पिग्मेंट से होता है। सेल में पिग्मेंट खत्म हो जाता है, तो वहां सफेद दाग बन जाता है। इस तकनीक में मरीज के शरीर से पिग्मेंट युक्त त्वचा के टुकड़े का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद टुकड़े को बारीक किया जाता है। इसके बाद उसका कल्चर किया जाता है। कल्चर से बने पेस्ट को सफेद दाग वाली जगह पर लगाया जाता है। उसके ऊपर कोलेजन ड्रेसिंग की जाती है। तीन से छह माह के भीतर इसका जबरदस्त असर दिखा। मरीजों के शरीर से सफेद दाग गायब हो गए।
सफेद दाग को विटिलिगो कहते हैं
प्रो डॉ राजकुमार ने बताया कि सफेद दाग विटिलिगो कहते हैं। इस बीमारी को लेकर लोगों में भ्रम है। जबकि, इस बीमारी का इलाज हो सकता है। देश में तीन से पांच प्रतिशत लोग इस बीमारी से ग्रसित है। 10 वर्ष के बच्चों से लेकर 40 वर्ष तक के लोगों में यह बीमारी होती है। बीमारी होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
सफेद दाग के लक्षण
शरीर के किसी भी भाग में त्वचा का रंग हल्का पड़ना अथवा सफेद होना। प्रभावित स्थान पर खुजली होना। चोट, जलने, छिलने पर चमड़ी सफेद होना। शरीर, सिर एवं भौहों के बाल सफेद होना। तिल के आसपास सफेद घेरा बनना आदि इसके लक्षण है।