गोरखपुर बिजली निगम: ई-फाइलिंग शुरू नहीं, कैसे करेंगे वर्क फ्रॉम होम
कोरोना की दो लहर में भी नहीं चेते, नहीं विकसित की घर से काम करने की प्रणाली। ज्यादातर काम मैनुअल ही, पचास प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कराना चुनौती।
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कोरोना की तीसरी लहर भी आ गई और बिजली निगम के दफ्तरों में ई-फाइलिंग व्यवस्था अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। शासन की गाइडलाइंस के मुताबिक सरकारी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करना है। लेकिन, बिजली निगम के दफ्तरों में सैकड़ों फाइलों के बीच काम करने वाले ये कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कैसे करेंगे, यह बड़ा प्रश्न है।
शासन की नई गाइडलाइंस के अनुसार, अब 50 फीसदी सरकारी कर्मचारियों को ही दफ्तर आना है। वहीं, बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। कोरोना की पिछली दो लहरों के दौरान भी शासन ने 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही दफ्तर आने का निर्देश दिया गया था। इस बीच अधिकारियों को तो वर्क फ्रॉम होम तो कर दिया गया, लेकिन ई-फाइलिंग व्यवस्था की ओर कॉरपोरेशन ने कदम नहीं बढ़ाए। इसी का नतीजा है कि बिना ठोस मॉडल के कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम प्रभावी साबित नहीं हो रहा। मुख्य अभियंता खंड के अधिकारी ने बताया कि अधीनस्थ कर्मचारियों से प्रतिदिन राजस्व वसूली, समस्याओं का निस्तारण, कनेक्शन की फाइलों का निरीक्षण समेत उपभोक्ताओं की बिलिंग समस्याएं सुननी होतीं हैं। फाइलें एक टेबल से दूसरे टेबल पर घूमती रहती हैं। एक कर्मचारी से दूसरे कर्मचारी के नाम से फाइलों को प्रेषित किया जाता है। पिछले दो वर्षों में कोरोना से संक्रमित होकर कई कर्मचारियों की मौत भी हुई है। विभाग के ही अधिकारी कहते हैं कि अगर ई-फाइलिंग की व्यवस्था लागू हो गई होती तो कारपोरेशन का काम भी घर बैठे अधिकारी-कर्मचारी निपटा लेते और कोरोना से खुद का बचाव भी कर लेते। संवाद
स्टोर और ठेकेदारों का भुगतान, ई-कामर्स से
मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता कार्यालय से लेकर खंड और उपखंड कार्यालय पर अभी विभागीय काम ई-फाइलिंग की व्यवस्था नहीं है। वहीं, स्टोर का काम ईआरपी पोर्टल से हो गया। मतलब, अगर पोल, तार, इंसुलेटर और अन्य बिजली के उपकरण ठेकेदार या अभियंता चाहे तो वह ऑनलाइन आवेदन कर, ले सकता है। खंडवार अभियंता अपने क्षेत्र के ठेकेदारों के काम का ब्योरा ईआरपी पर अपलोड कर देंगे, लेकिन प्रतिदिन विभागों में हजारों पन्ने उलटने-पलटने वाले बाबुओं को आज भी कागजों पर ही काम करना पड़ रहा है।
नए कनेक्शन के लिए भी है ऑनलाइन आवेदन
बिजली निगम ने नए कनेक्शनों के लिए ऑनलाइन आवेदन का इंतजाम किया है। लेकिन, यह व्यवस्था भी हवा-हवाई ही साबित हो रही है। आवेदन करने के बाद उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र के अवर अभियंता, बाबू, लाइन मैन और मीटर खंड में जाकर परामर्श करना होता है। उनकी परामर्श शर्तों पर खरा उतरने के बाद ही उनका आवेदन स्वीकृत होकर, घर कर कनेक्शन जोड़ा जा सकता। उदाहरण, पादरी बाजार क्षेत्र के एक उपभोक्ता ने 27 दिसंबर को कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया था। चार दिन तक आवेदन वैसे ही लंबित था। क्षेत्र के अवर अभियंता से उपभोक्ता ने संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी नहीं मिलता है। 14 दिन लगते हैं।
मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि ई-फाइलिंग की व्यवस्था लागू न हो पाने से वर्क फ्रॉम होम में काम प्रभावित होता है। इसके बावजूद कोरोना की पिछली दोनों लहरों में वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू की गई थी। इस बार भी आदेश मिल गया है, इसे लागू किया जाएगा। स्टोर और ठेकेदारों का काम ऑनलाइन हो गया है। उपभोक्ताओं को ऑनलाइन ही कनेक्शन के लिए आवेदन करना है। अगर आवेदन स्वीकृत नहीं होता और उन्हें कार्यालय पर जाकर या किसी से संपर्क करना पड़ता है तो यह गंभीर है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।