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Gorakhpur News: गर्मियों में पर्याप्त पानी पीयें, एलर्जी होने पर तत्काल ले डॉक्टरों से सलाह
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- एम्स ने गर्मियों के मौसम को देखते हुए त्वचा रोग संबंधी एडवायजरी की जारी
- त्वचा रोग विभाग में हैमिलियारिया रुब्रा के मरीजों की बढ़ गई संख्या
गोरखपुर। बढ़ती गर्मी के बीच एम्स में अचानक त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। इन दिनों अत्यधिक पसीना, पसीने की नलिकाओं का अवरोध, त्वचा की सिलवटों में रगड़ और तेज धूप के संपर्क के कारण विभिन्न त्वचा रोग के मरीज एम्स आ रहे हैं। इनमें खास तौर से हैमिलियारिया रुब्रा, छोटे-छोटेलाल दाने, तीव्र खुजली, चुभन और जलन के मरीज शामिल हैं। एम्स डॉक्टरों ने अपील है कि गर्मियों में पर्याप्त पानी पीयें। गर्मियों में एलर्जी होने पर तत्काल डॉक्टरों की सलाह लें।
एम्स त्वचा रोग विभाग के डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि यदि किसी को बार-बार खुजली, हर गर्मी में दाने, धूप से एलर्जी या त्वचा की समस्या में वृद्धि हो रही हो तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकों की सलाह लें। बताया कि गर्मियों से संबंधित सभी त्वचा रोगों के लिए एम्स की त्वचा रोग ओपीडी में विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध है, जहां प्रशिक्षित चिकित्सक समुचित जांच एवं उपचार प्रदान करते हैं।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि गर्मियों में त्वचा रोग बहुत सामान्य हैं लेकिन अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। घमौरियां, धूप से होने वाली एलर्जी और पसीने से संबंधित त्वचा रोग व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। एम्स में जागरूकता, बचाव और समय पर उपचार पर विशेष बल दिया जाता है। अपील है कि त्वचा संबंधी समस्याओं को अनदेखा न करें और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।
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एम्स के मीडिया सेल ने गर्मियों में खास बातों का ख्याल रखने की भी सलाह दी। बताया कि त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने, तीव्र खुजली, चुभन और जलन होती है, खासकर गर्दन, पीठ, छाती और त्वचा की सिलवटों में हो तो ये समस्या बीमारी की शुरूआत है। इसके अलावा, सनबर्न एक सामान्य लेकिन रोके जाने की बीमारी है। गर्मियों या तेज धूप (अल्ट्रावायलेट किरणों) के कारण होती हैं। इसमें त्वचा लाल हो जाती है, दर्द होता है और गंभीर मामलों में फफोले और त्वचा का छिलना भी हो सकता है। ऐसा हो तत्काल डॉक्टर के पास परामर्श के लिए जाएं।
ऐसे करें बचाव
- ढीले और सूती कपड़े ही पहनें।
- दोपहर के समय धूप से बचें।
- बाहर निकलते समय सन-स्क्रीन का उपयोग करें।
- त्वचा को साफ और सूखा रखें।
- अधिक पसीना होने पर स्नान करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें।
- तंग एवं सिंथेटिक कपड़ों से खुद का बचाव करें।
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- त्वचा रोग विभाग में हैमिलियारिया रुब्रा के मरीजों की बढ़ गई संख्या
गोरखपुर। बढ़ती गर्मी के बीच एम्स में अचानक त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। इन दिनों अत्यधिक पसीना, पसीने की नलिकाओं का अवरोध, त्वचा की सिलवटों में रगड़ और तेज धूप के संपर्क के कारण विभिन्न त्वचा रोग के मरीज एम्स आ रहे हैं। इनमें खास तौर से हैमिलियारिया रुब्रा, छोटे-छोटेलाल दाने, तीव्र खुजली, चुभन और जलन के मरीज शामिल हैं। एम्स डॉक्टरों ने अपील है कि गर्मियों में पर्याप्त पानी पीयें। गर्मियों में एलर्जी होने पर तत्काल डॉक्टरों की सलाह लें।
एम्स त्वचा रोग विभाग के डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि यदि किसी को बार-बार खुजली, हर गर्मी में दाने, धूप से एलर्जी या त्वचा की समस्या में वृद्धि हो रही हो तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकों की सलाह लें। बताया कि गर्मियों से संबंधित सभी त्वचा रोगों के लिए एम्स की त्वचा रोग ओपीडी में विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध है, जहां प्रशिक्षित चिकित्सक समुचित जांच एवं उपचार प्रदान करते हैं।
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कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि गर्मियों में त्वचा रोग बहुत सामान्य हैं लेकिन अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। घमौरियां, धूप से होने वाली एलर्जी और पसीने से संबंधित त्वचा रोग व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। एम्स में जागरूकता, बचाव और समय पर उपचार पर विशेष बल दिया जाता है। अपील है कि त्वचा संबंधी समस्याओं को अनदेखा न करें और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।
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एम्स के मीडिया सेल ने गर्मियों में खास बातों का ख्याल रखने की भी सलाह दी। बताया कि त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने, तीव्र खुजली, चुभन और जलन होती है, खासकर गर्दन, पीठ, छाती और त्वचा की सिलवटों में हो तो ये समस्या बीमारी की शुरूआत है। इसके अलावा, सनबर्न एक सामान्य लेकिन रोके जाने की बीमारी है। गर्मियों या तेज धूप (अल्ट्रावायलेट किरणों) के कारण होती हैं। इसमें त्वचा लाल हो जाती है, दर्द होता है और गंभीर मामलों में फफोले और त्वचा का छिलना भी हो सकता है। ऐसा हो तत्काल डॉक्टर के पास परामर्श के लिए जाएं।
ऐसे करें बचाव
- ढीले और सूती कपड़े ही पहनें।
- दोपहर के समय धूप से बचें।
- बाहर निकलते समय सन-स्क्रीन का उपयोग करें।
- त्वचा को साफ और सूखा रखें।
- अधिक पसीना होने पर स्नान करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें।
- तंग एवं सिंथेटिक कपड़ों से खुद का बचाव करें।