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Gorakhpur News: केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना
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- गोरक्ष प्रांत की तरफ से सरस्वती शिशु मंदिर में छह दिवसीय प्रांतीय कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग में चल रही छह दिवसीय प्रांतीय ''''पंचपदी अधिगम पद्धति'''' कार्यशाला का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करना रहा।
मुख्य अतिथि शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के अध्यक्ष प्रो. रामदरश राय ने कहा कि यह पद्धति छात्रों में ज्ञान, बोध, अभ्यास, प्रयोग और प्रचार के माध्यम से मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे इस ज्ञान को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। विद्यार्थियों को दिया जाने वाला ज्ञान सिर्फ किताबों तक ही सीमित न रहे।
कार्यशाला में प्रांत के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 70 शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह, गोविंद सिंह, प्रियदर्शनी, कन्हैया चौबे, सुधा त्रिपाठी, आचार्य एसएन कुशवाहा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग में चल रही छह दिवसीय प्रांतीय ''''पंचपदी अधिगम पद्धति'''' कार्यशाला का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करना रहा।
मुख्य अतिथि शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के अध्यक्ष प्रो. रामदरश राय ने कहा कि यह पद्धति छात्रों में ज्ञान, बोध, अभ्यास, प्रयोग और प्रचार के माध्यम से मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे इस ज्ञान को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। विद्यार्थियों को दिया जाने वाला ज्ञान सिर्फ किताबों तक ही सीमित न रहे।
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कार्यशाला में प्रांत के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 70 शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह, गोविंद सिंह, प्रियदर्शनी, कन्हैया चौबे, सुधा त्रिपाठी, आचार्य एसएन कुशवाहा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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