फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   District treasury case sexual harassment investigation completed clerk problems may increase

जिला कोषागार का मामला: यौन उत्पीड़न की जांच पूरी, बढ़ सकती हैं क्लर्क की मुश्किलें

Wed, 06 Dec 2023 03:18 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 06 Dec 2023 03:18 PM IST
सार

महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल से लिपिक की गलत निगाह उन पर थी। जब भी फाइल लेकर उनके पास जातीं तो वह गलत इशारे करता था। कार्यालय में जब भी कहीं अकेले में होती थीं, तो फब्तियां कसता था और अश्लील शब्दों का प्रयोग करके कार्यालय के बाहर अकेले मिलने के लिए भी कहता था।

विज्ञापन
District treasury case sexual harassment investigation completed clerk problems may increase
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जिला कोषागार के एक क्लर्क पर उसके ही कार्यालय में कार्यरत महिला कर्मचारी की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच पांच सदस्यीय वाह्य परिवाद कमेटी ने पूरी कर ली है। रिपोर्ट डीएम के मार्फत कोषागार के निदेशक को भेजी गई है। सूत्रों के मुताबिक, महिला कर्मचारी के आरोपों की पुष्टि हुई है। उधर, आरोपी क्लर्क 30 अक्तूबर को सेवानिवृत्त भी हो गया। ऐसे में अब उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

विज्ञापन


महिला कर्मचारी का आरोप है कि क्लर्क ने गंदे इशारे किए और फब्तियां कसीं, फिर हाथ पकड़ लिया। मना करने पर निलंबित कराने की धमकी दी। 23 जून को उन्हें निलंबन का आदेश भी पकड़ा दिया गया। महिला कर्मचारी का कहना है कि उसके पति पहले कोषागार में कार्यरत थे। वर्ष 2007 में उनका निधन हो गया और उनकी जगह उन्हें नौकरी मिल गई।
विज्ञापन


महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल से लिपिक की गलत निगाह उन पर थी। जब भी फाइल लेकर उनके पास जातीं तो वह गलत इशारे करता था। कार्यालय में जब भी कहीं अकेले में होती थीं, तो फब्तियां कसता था और अश्लील शब्दों का प्रयोग करके कार्यालय के बाहर अकेले मिलने के लिए भी कहता था। जबरदस्ती और धक्का-मुक्की की कोशिश करता था। कई बार तो हाथ भी पकड़ लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: बदल रहा है गोरखपुर: रीजनल स्टेडियम का होगा जीर्णोद्धार, बनेगा नया डीपीआर

महिला कर्मचारी का आरोप है कि क्लर्क ने मना करने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकी दी थी। कुछ दिन पहले कहा था-अंतिम बार कह रहा हूं कि तुम्हारी कुछ तस्वीरें मेरे पास हैं। अगर मेरी बात नहीं मानोगी तो तुमको कार्यालय से निलंबित करा दूंगा।

पीड़िता ने बताया कि 23 जून को जब वह कार्यालय पहुंचीं तो रिश्वतखोरी के आरोप में बिना किसी शिकायत और बिना पक्ष सुने ही उन्हें निलंबन का आदेश थमा दिया गया है। महिला कर्मी की शिकायत पर डीएम ने मुख्य कोषाधिकारी को जांच के निर्देश देते हुए पांच सदस्यीय परिवाद समिति का गठन कर दिया। इस समिति ने पीड़ित और आरोपी को तीन बार बुलाकर उनका पक्ष लिया और फिर दोनों को आमने-सामने भी बैठाकर पूछताछ भी की। इसमें आरोपों की पुष्टि के सबूत भी मिले हैं। सूत्रों की माने तो रिपोर्ट आने के बाद अब आरोपी क्लर्क की मुश्किलें बढ़ सकती है।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर महोत्सव के लिए बॉलीवुड कलाकारों के नाम को लेकर किया मंथन, आ सकते हैं बड़े स्टार

इन्हें मिली थी जांच
पांच सदस्यीय परिवाद समिति में पारिवारिक न्यायालय की परामर्शदाता संगीता प्रकाश अध्यक्ष और जिला प्रोबेशन अधिकारी पदेन सचिव के अलावा सहजनवां की बाल विकास परियोजना अधिकारी सुमन गौतम, एशियन सहयोगी संस्था इंडिया की सचिव उषा दास और सामाजिक कार्यकर्ता मुमताज खान शामिल हैं।

मुख्य कोषाधिकारी डॉ राजवीर वर्मा ने कहा कि महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर एक कमेटी गठित की गई। समिति ने जांच कर अपनी रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट को निदेशक, कोषागार के पास भेजा गया है, आगे की कार्रवाई निदेशक स्तर से की जाएगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed