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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: कल होगा नामांकन, तीन जुलाई को होगा मतदान, जानिए कब आएंगे नतीजे
Fri, 25 Jun 2021 01:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 25 Jun 2021 01:06 PM IST
सार
11 से 3 बजे तक डीएम कोर्ट में होगा नामांकन, तीन बजे के बाद पर्चों की जांच होगी। तीन जुलाई को होगा मतदान, उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए 26 जून को सुबह 11 बजे से तीन बजे तक नामांकन होगा। कलेक्ट्रेट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच डीएम कोर्ट में नामांकन प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। दोपहर तीन बजे के बाद नामांकन पत्रों की जांच होगी। 29 को नाम वापसी की तारीख तय की गई है, जबकि तीन जुलाई को मतदान होगा। इसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए अब तक भाजपा व सपा समर्थित उम्मीदवारों समेत तीन ने सात सेट पर्चे लिए हैं। भाजपा समर्थित उम्मीदवार साधाना सिंह की तरफ से चार सेट, जबकि सपा समर्थित उम्मीदवार आलोक कुमार गुप्ता ने दो सेट में पर्चा लिया है। इसी तरह कैंपियरगंज के धर्मेंद्र यादव ने भी एक सेट पर्चा लिया है। नामांकन के दिन तक पर्चे लिए जा सकते हैं।
मतदान के समय निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को अपनी जीत का मूल प्रमाण पत्र दिखाना होगा, तभी उन्हें वोट डालने को मिलेगा। मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संपन्न होगी। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में उम्मीदवार चार लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग की तरफ तैनात प्रेक्षक इसकी निगरानी करेंगे।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए अब तक भाजपा व सपा समर्थित उम्मीदवारों समेत तीन ने सात सेट पर्चे लिए हैं। भाजपा समर्थित उम्मीदवार साधाना सिंह की तरफ से चार सेट, जबकि सपा समर्थित उम्मीदवार आलोक कुमार गुप्ता ने दो सेट में पर्चा लिया है। इसी तरह कैंपियरगंज के धर्मेंद्र यादव ने भी एक सेट पर्चा लिया है। नामांकन के दिन तक पर्चे लिए जा सकते हैं।
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मतदान के समय निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को अपनी जीत का मूल प्रमाण पत्र दिखाना होगा, तभी उन्हें वोट डालने को मिलेगा। मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संपन्न होगी। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में उम्मीदवार चार लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग की तरफ तैनात प्रेक्षक इसकी निगरानी करेंगे।
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सपा जिलाध्यक्ष ने पर्चा नहीं देने का लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने आरोप लगाया कि पार्टी प्रत्याशी बुधवार को एक सेट और पर्चा खरीदने गए थे लेकिन एडीएम फाइनेंस ने अगले दिन आने के लिए कहा। बृहस्पतिवार को जब पर्चा लेने गए तो कोई जिम्मेदार अफसर या कर्मचारी ही नहीं मिला। उन्होंने इसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम से भी की। इस मामले में एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह का कहना है कि आरोप बेबुनियाद है।
22 को आलोक कुमार गुप्ता आए थे। उन्हें दो सेट पर्चा दिया गया था। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कोई पार्टी सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ती। पार्टी सिर्फ समर्थन देती है, निर्वाचन संबंधी प्रपत्रों में इसका कहीं पर भी जिक्र नहीं होता है। ऐसे में पर्चा पार्टी के जिलाध्यक्ष या किसी और को नहीं दिया जा सकता क्योंकि उसके दुरुपयोग की आशंका रहती है। निर्वाचित सदस्य या उनके द्वारा नामित व्यक्ति ही प्रमाण दिखाकर पर्चा ले सकता है।
22 को आलोक कुमार गुप्ता आए थे। उन्हें दो सेट पर्चा दिया गया था। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कोई पार्टी सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ती। पार्टी सिर्फ समर्थन देती है, निर्वाचन संबंधी प्रपत्रों में इसका कहीं पर भी जिक्र नहीं होता है। ऐसे में पर्चा पार्टी के जिलाध्यक्ष या किसी और को नहीं दिया जा सकता क्योंकि उसके दुरुपयोग की आशंका रहती है। निर्वाचित सदस्य या उनके द्वारा नामित व्यक्ति ही प्रमाण दिखाकर पर्चा ले सकता है।