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Gorakhpur News: तबादले के बाद भी रेलवे अधिकारी का डिजिटल इस्तेमाल, विजिलेंस जांच शुरू
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गोरखपुर। सहायक कार्मिक अधिकारी के वाराणसी स्थानांतरण होने के बाद भी यांत्रिक कारखाना में उनके डिजिटल सिग्ननेचर का उपयोग होता रहा। एक कर्मचारी के अजमेर स्थानांतरण के बाद ट्वीटर के माध्यम से रेल मंत्रालय से शिकायत पर प्रकरण प्रकाश में आया तो हड़कंप मच गया है। इस मामले में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है।
रेल मंत्रालय को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि सितंबर, 2022 में ही कारखाना के सहायक कार्मिक अधिकारी का स्थानांतरण वाराणसी के लिए हो गया। तीन मई 2023 को जब एक रेलकर्मी का स्थानांतरण अजमेर स्थित कारखाना में हुआ तो मामला चर्चा में आया। जब सहायक कार्मिक अधिकारी गोरखपुर में तैनात ही नहीं हैं तो उनके हस्ताक्षर से कर्मचारी का स्थानांतरण कैसे हो गया। डिजिटल सिग्नेचर को खोलने का अधिकार सिर्फ अधिकृत अधिकारी का ही होता है। ऐसे में विभाग के कर्मचारी स्थानांतरित अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कैसे करते रहे। अभी तो एक मामला संज्ञान में आया है। जांच के बाद इस तरह के बहुत सारे प्रकरण खुल सकते हैं।
इस मामले में पूर्वाेत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जा रही है।
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रेल मंत्रालय को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि सितंबर, 2022 में ही कारखाना के सहायक कार्मिक अधिकारी का स्थानांतरण वाराणसी के लिए हो गया। तीन मई 2023 को जब एक रेलकर्मी का स्थानांतरण अजमेर स्थित कारखाना में हुआ तो मामला चर्चा में आया। जब सहायक कार्मिक अधिकारी गोरखपुर में तैनात ही नहीं हैं तो उनके हस्ताक्षर से कर्मचारी का स्थानांतरण कैसे हो गया। डिजिटल सिग्नेचर को खोलने का अधिकार सिर्फ अधिकृत अधिकारी का ही होता है। ऐसे में विभाग के कर्मचारी स्थानांतरित अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कैसे करते रहे। अभी तो एक मामला संज्ञान में आया है। जांच के बाद इस तरह के बहुत सारे प्रकरण खुल सकते हैं।
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इस मामले में पूर्वाेत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जा रही है।