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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Development work can be done in name of grandfather and great grandfather in panchayats under Matrubhoomi Yoja

Gorakhpur News: विदेशों में रहकर भी करिए मातृभूमि की सेवा, जिंदा रहेगा बाप-दादा का नाम

Sat, 01 Apr 2023 10:38 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 01 Apr 2023 10:38 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना के तहत पूर्वजों के नाम से ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन, विवाह के लिए बरात घर, स्किल सेंटर का निर्माण व संचालन, स्कूल व इंटर कॉलेज की कक्षाओं का निर्माण या स्मार्ट क्लासेज की स्थापना व संचालन, सीसीटीवी कैमरा, सर्विलांस सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगवाया जा सकता है।

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Development work can be done in name of grandfather and great grandfather in panchayats under Matrubhoomi Yoja
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : PIXABAY

विस्तार

देश के किसी भी कोने में या विदेशों में रहकर भी अपने गांवों में विकास कार्य कराकर आप अपनी जड़ों से जुड़े रह सकते हैं। इससे खुद को तो सुकून मिलेगा ही, दुनिया से गुजर चुके बाप-दादा या अपनों का नाम भी जिंदा रहेगा। पिछले करीब डेढ़ साल में जिले की पांच पंचायतों में ऐसे पांच लोग आगे आए हैं। किसी ने अपनों की याद में स्कूल को कंप्यूटर दिया है तो किसी ने गांव की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। हालांकि ये सभी यहीं के रहने वाले हैं और पूर्व या वर्तमान प्रधान हैं।

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ग्राम पंचायतों के विकास में प्रवासी व अप्रवासी लोगों की सहभागिता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर वर्ष 2021 के आखिरी में उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना शुरू की गई। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सहायकों को सौंपी गई। योजना के तहत पूर्वजों के नाम से ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन, विवाह के लिए बरात घर, स्किल सेंटर का निर्माण व संचालन, स्कूल व इंटर कॉलेज की कक्षाओं का निर्माण या स्मार्ट क्लासेज की स्थापना व संचालन, सीसीटीवी कैमरा, सर्विलांस सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगवाया जा सकता है।
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इसी तरह चिकित्सा केंद्र का भवन, साजसज्जा, उन्नयन व उपकरण आदि। आंगनबाड़ी, मध्याह्न भोजन का रसोईघर व भंडारण गृह। पुस्तकालय, ऑडीटोरियम, उपकरण व ओपेन जिम। अंत्येष्टि स्थल का निर्माण समेत कुछ अन्य तरह के विकास कार्य भी कराए जा सकेंगे।

हालांकि योजना के प्रचार-प्रसार के अभाव में अभी तक 1,294 पंचायतों वाले जिले में अब तक पांच पंचायतों के पांच लोगों ने ही इस योजना के तहत गांव के विकास व सुरक्षा में सहयोग दिया है।

इनमें मिर्जापुर साहुखोर के प्रधान विनय सिंह ने 40 हजार रुपये देकर गांव में दो जगहों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया है तो जंगल दीर्घन सिंह के पूर्व प्रधान विवेक शाही ने कंप्यूटर दिया है। इसी तरह जंगल रानी सुहास कुंवरी के प्रधान पति चंद्रशेखर सिंह और नारायणपुर के प्रधान संजय चन्द व कोठा के प्रधान ने एक-एक सीसीटीवी कैमरा दिया है।

दान मिलने के 30 दिन में योजना को मिलेगी प्रशासनिक मंजूरी

योजना के तहत दानकर्ता द्वारा उत्तर प्रदेश मातृभूमि सोसाइटी के बैंक खाते में धनराशि दान करने के 30 दिन के भीतर प्रशासनिक अनुमति प्रदान करने का प्रावधान है। मुख्य विकास अधिकारी अपनी प्रशासनिक स्वीकृति के साथ डीएम को उस कार्य की प्रगति से अवगत कराएंगे। निर्माण कार्य सरकारी व निजी कंपनी भी करा सकती हैं।

दानदाता को जाएगा सारा श्रेय
डीपीआरओ शाश्वत आनंद सिंह का कहना है कि योजना के तहत विकास का सारा श्रेय दानदाता को मिलेगा। शिलापट दानदाता का ही लगेगा। इसके लिए योजना की कुल धनराशि का 60 फीसदी उन्हें देना होगा। शेष 40 फीसदी सरकार अनुदान के रूप में देगी। ग्राम पंचायतों से निकल दूसरे राज्यों एवं देशों में बस गए लोगों से संवाद कर उन्हें गांव के विकास में प्रेरित करने की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को दी गई है। प्रधान भी इसमें सहयोग कर सकते हैं। कोई भी प्रवासी या अप्रवासी इस योजना के तहत गांव के विकास के लिए काम कराना चाहता है, उसका पूरा सहयोग किया जाएगा। इच्छुक लोग मुझसे, बीडीओ या एडीओ से संपर्क कर सकते हैं।

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