देवरिया उपचुनाव में टूट गया वर्षों पुराना मिथक, यहां निवास कर चुके हैं कई दिग्गज नेता
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देवरिया उपचुनाव में जीत हासिल कर भाजपा के डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी ने उस मिथक को भी तोड़ दिया जिसमें यह कहा जाता रहा है कि जिला पंचायत परिसर में रहने वाले राजनीतिक लोग भविष्य में कोई खास उपलब्धि हासिल नहीं कर सके।
जिला पंचायत कैंपस काफी पुराना है। यहां से कचहरी, कलेक्ट्रेट, रोडवेज करीब 500 मीटर, एसपी कार्यालय, विकास भवन करीब 800 मीटर की दूरी पर है। यहां जिला पंचायत ने 30 से अधिक आवास अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए बनाए हैं, लेकिन इनमें से कई आवासों में प्रभावशाली राजनीतिज्ञ रहते हैं। पर जो भी राजनीतिज्ञ अब तक यहां रहा उसमें से अधिकांश का राजनीतिक सफर थम सा गया।
यहां रहने वालों पर गौर करें तो पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. राजमंगल पांडेय, पूर्व विधायक स्व. राजमंगल तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्व. बृजानंद सिंह, अधिवक्ता स्व. एसपी सिंह, पूर्व एमएलसी रामाशीष राय, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. शाकिर अली, पूर्व विधायक स्व. जन्मेजय सिंह, पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव, सांसद रहे कलराज मिश्र, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत धनंजय राव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. सत्प्रकाश मणि त्रिपाठी आदि के नाम प्रमुख हैं।
इतिहास पर गौर करें तो इनमें अधिकतर लोग राजनीति में आने के बाद कुछ खास उपलब्धि हासिल नहीं कर सके। जहां तक कलराज मिश्र की बात है तो वह जब यहां रहने आए, उन्हें भी कुछ दिन बाद ही कैबिनेट मंत्री का पद छोड़ना पड़ा था। बाद में अलबत्ता उन्हें राज्यपाल बनाया गया। सच्चाई जो भी हो, इस कॉलोनी में रहने वाले पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि यहां आने के बाद चुनाव नहीं जीत सके। इसी लेन में रहने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव को जेल जाना पड़ा।
जिला पंचायत के आवासों में रहते हैं कई दिग्गज
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे धनंजय राव कहते हैं कि जिला पंचायत कैंपस में उत्तरी एवं दक्षिणी दो कालोनियां हैं। दक्षिणी कालोनी के साथ यह मिथक नहीं है। उनकी पत्नी अंजू राव और डॉ. सत्यप्रकाश मणि ने वर्ष 2000 में यहीं रहते हुए जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
उधर, अधिवक्ता आनंद राय का कहना है कि जिला पंचायत कैंपस में जो सत्ता में रहा, उसने आवास आवंटन करा तो लिया लेकिन वह दोबारा चुनाव में विजय हासिल नहीं कर सका। हालांकि डॉ. सत्यप्रकाश मणि ने इस मिथक को तोड़ दिया है।
जिला पंचायत के 25 से अधिक आवासों में कई दिग्गज काबिज हैं। कुछ ने आवंटन कराया है तो कुछ ऐसे ही रह रहे हैं। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पंचायत कैंपस के उत्तरी लेन में सदर सांसद रमापति राम त्रिपाठी, पूर्व एमएलसी रामाशीष राय, पूर्व मंत्री स्व. शाकिर अली, पूर्व विधायक स्व. जन्मेजय सिंह के परिवार के लोग रहते हैं।
दक्षिणी लेन में डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी, धनंजय राव, पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि, रामप्रवेश यादव, जयनारायण सिंह आदि का आवास है। इसके अलावा जिला पंचायत के ही भवनों में राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद, पूर्व अध्यक्ष बृजानंद सिंह के पुत्र मुरारी सिंह, पूर्व विधायक गजाला लारी, भाटपाररानी के सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्व. गोकरण सिंह, अखिलेंद्र शाही, रविभूषण सिंह, शिवानंद नायक, संजय शाही, जितेंद्र उपाध्याय, राजेश सिंह, सपा नेता अशोक यादव, सपा नेता विजय रावत सहित 25 से अधिक लोगों के परिवार रहते हैं। इनमें तीन-चार लोगों ने भूमि नजूल की होने के नाते फ्री होल्ड करा ली है, जबकि कुछ लोगों के आवेदन लंबित हैं।