फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Death of newborn baby of Sambhar deer in Gorakhpur Zoo

Gorakhpur Zoo: सांभर हिरण के नवजात शिशु की मौत, जिम्मेदारों की दो दिन की चुप्पी पर सवाल

Thu, 20 Jul 2023 04:26 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 20 Jul 2023 04:26 PM IST
सार

चिड़ियाघर निदेशक मनोज शुक्ला ने कहा कि हिरण का बच्चा मृत ही पैदा हुआ था। रेंजर या अन्य किसी ने जानकारी क्यों नहीं दी, ये नहीं पता। हमसे पूछ रहे हैं तो बता रहा हूं कि बच्चा मृत पैदा हुआ था।

 

विज्ञापन
Death of newborn baby of Sambhar deer in Gorakhpur Zoo
चिड़ियाघर में इसी सांभर ने रात में जन्म दिया था बच्चा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान ( चिड़ियाघर) में अब जिम्मेदारों की लापरवाही से हिरण (सांभर) के नवजात शिशु की मौत हो गई। हालांकि, निदेशक चिड़ियाघर ने इसे मृत जन्मा होने का दावा किया। सूत्र बताते हैं कि जिम्मेदार दो दिन बाद शासन को पत्र लिखकर घटना की जानकारी देने की कवायद में जुटे थे। दो दिन तक अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विज्ञापन


चर्चा छिड़ी है कि चिड़ियाघर परिसर और बाड़ों के पास लगे सीसीटीवी कैमरे या रिकार्डिंग की जांच हो जाए या हिरण के शिशु का जन्म लेने के समय का रिकार्डिंग फुटेज सामने आ जाए, तो मौत के पीछे की असली कहानी सामने आ जाएगी।
विज्ञापन


चिड़ियाघर खुलने के समय विनोद वन से बड़ी संख्या में हिरण को लाया गया था। 12 फरवरी 2021 को चार हिरण चिड़ियाघर लाए गए थे। इसके बाद अंतराल में 12 और लाए गए। वन्य जीवों को लेकर जिम्मेदारों की गंभीरता का आलम यह है कि टीम ने लात और डंडों की मदद से हिरण को पकड़ते हुए वीडियो और फोटो बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: क्रूरता की हद पार: गोरखपुर में छह कुत्तों को जहर देकर, एक को जिंदा जलाया तो भड़के व्यापारी
 

इसे सोशल मीडिया पर खुद का वाहवाही बटोरने के लिए साझा भी कर दिया। अमर उजाला ने उस समय भी प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इन्हीं हिरणों में से एक बारहसिंघा हिरण पिछले कुछ दिनों से गर्भवती थी। सोमवार को उसकी डिलिवरी होनी थी। वन्य जीवों के बच्चे जन्म लेते समय चिकित्सक या अन्य स्टाफ मौके पर मौजूद रहता है। जन्म लेने में दिक्कत होने पर अपने हाथों से मादा वन्य जीव का सहयोग कर बच्चे के पेट से बाहर निकालता है।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर-लखनऊ रूट पर रेलवे ट्रैक के अगल-बगल होगी बाड़बंदी, वंदे भारत का शीशा टूटने की होगी जांच

सूत्र बताते हैं कि इसी दौरान मौके के जिम्मेदारों ने अगर सहयोग किया होता को हिरण के बच्चे की मौत नहीं होती। शाम 5 बजे से लेकर देर रात 9 बजे तक शिशु जन्म लेने के दौरान फंसा रहा। सूत्रों ने बताया कि बुधवार को भी पूरे दिन सांभर हिरण बाड़े में किनारे बैठी रही। सांभर शेड्यूल तीन के तहत आता है। ऐसे में वन्य जीव अधिनियम के तहत शेड्यूल थ्री में आने वाले वन्य जीवों के मौत की जानकारी तीन महीने के भीतर देनी होती है। सूत्र बताते हैं कि इसी नियम को देखते हुए खुद के बचाव के लिए सूचना दो दिन बाद भेज दी गई।

मौत की जानकारी देने से बचते रहे

दो दिन पहले जन्मे बच्चे की मौत होने के बाद इसकी जानकारी भी चिड़ियाघर के जिम्मेदारों को नहीं थी। मंगलवार की रात में रेंजर ने ऐसी किसी भी घटना के होने से मना किया। ऐसे में अगर बच्चा जन्मे लेते ही स्वाभाविक तरीके से मृत पैदा हुआ था, तो इसे छिपाने की क्या जरूरत थी? अगर जानकारी नहीं थी तो पूछने के बाद भी रेंजर की तरफ से इसकी जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, रेंजर ने चिड़ियाघर परिसर के भीतर रेंज का दायरा बांटते हुए इस वन्य जीव को दूसरे रेंज का बताकर पल्ला झाड़ लिया था।

इसे भी पढ़ें: पैडलेगंज-नौसड़ सिक्सलेन: जाम से थोड़ी राहत तो लंबा चक्कर काटने की आफत और खतरा, बंद हुए कट

जन्म लेने की सूचना, लेकिन मौत पर चुप्पी
चिड़ियाघर प्रबंधन की तरफ से जन्म लेने वाले वन्य जीव बच्चों की सूचना अखबारों को प्रकाशित कराई जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट चिड़ियाघर पर शासन स्तर की भी नजर रहती है। लेकिन सोमवार को जन्मे बच्चे की मौत होने या मृत बच्चे के जन्म लेने की सूचना चिड़ियाघर प्रबंधन की तरफ से नहीं दी गई। सूत्र बताते हैं कि मौत की जांच या स्पष्टीकरण से बचने से ऐसा किया गया।

पहले भी हो चुकी हैं वन्य जीवों की मौत

चिड़ियाघर में वन्य जीव की मौत का मामला पहला नहीं है। बीते दिनों बाड़े में सांप ने बंदर को काट लिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। इसके अलावा आपस में लड़ाई से दो मगरमच्छ की मौत हो गई थी। मोर के बाड़े में कांच का टुकड़ा मिलने के बाद इसे निगलने से मोर की मौत हो चुकी है। हाईना के जन्म लिए दो बच्चों की मौत हो चुकी है।

चिड़ियाघर निदेशक मनोज शुक्ला ने कहा कि हिरण का बच्चा मृत ही पैदा हुआ था। रेंजर या अन्य किसी ने जानकारी क्यों नहीं दी, ये नहीं पता। हमसे पूछ रहे हैं तो बता रहा हूं कि बच्चा मृत पैदा हुआ था।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed