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गोरखपुर: डीडीयू कृषि पाठ्यक्रमों की डिग्री देने वाला बना चौथा विश्वविद्यालय
Fri, 14 Jan 2022 03:31 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 14 Jan 2022 03:31 PM IST
सार
समन्यवक प्रो. अजय सिंह ने बताया कि कृषि की सेमेस्टर परीक्षाएं आईसीएआर के द्वारा तय गाइडलाइंस के अनुसार ही कराई जाएंगी। कोर्स 85 फीसदी से अधिक पूरा हो गया है। विभाग जनवरी के आखिरी सप्ताह तक परीक्षाएं कराने के लिए तैयार है।
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DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने नए कृषि संकाय में चल रहे पाठ्यक्रमों के पठन-पाठन और सेमेस्टर परीक्षाओं के बारे में बृहस्पतिवार को कोऑर्डिनेटर-शिक्षकों से चर्चा की। कुलपति ने बताया कि गोरखपुर विवि कृषि पाठ्यक्रमों की डिग्री देने वाला चौथा विश्वविद्यालय बन गया है।
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कुलपति ने बताया कि अभी तक नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय तथा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंस, नैनी, प्रयागराज कृषि पाठ्यक्रमों की डिग्री दे रहे हैं। अब दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय भी यह डिग्री देगा।
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समन्यवक प्रो. अजय सिंह ने बताया कि कृषि की सेमेस्टर परीक्षाएं आईसीएआर के द्वारा तय गाइडलाइंस के अनुसार ही कराई जाएंगी। कोर्स 85 फीसदी से अधिक पूरा हो गया है। विभाग जनवरी के आखिरी सप्ताह तक परीक्षाएं कराने के लिए तैयार है। लैब, शिक्षक कक्ष का निर्माण तेजी से चल रहा है। गेस्ट फैकल्टी के रूप में शिक्षकों को तैनाती दी गई है, कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं। कुलपति ने कोऑर्डिनेटर को सलाहकार समिति के गठन का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।
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कुलपति ने कृषि में संचालित कोर्स को आईसीएआर के मानक के अनुरूप मेजर और माइनर कोर्स को बोर्ड ऑफ स्टडीज से अनुमोदन कराकर भेजने का निर्देश दिया। ताकि, अगले सेमेस्टर में कोर्स को और समृद्ध किया जा सके। कहा कि कोर्स के संचालन के साथ पठन-पाठन की व्यवस्था को बेहतर बनाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।
विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शोध और सुविधाएं देने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इससे संबद्ध बीआरडी कॉलेज देवरिया, तथा नेशनल पीजी कॉलेज बड़हलगंज को भी आईसीएआर एक्रेडिटेशन सिस्टम में लाया जाएगा।