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Gorakhpur News: हर महीने करोड़ों का खेल, नेपाल और बांग्लादेश जाती हैं नशीली दवाएं

Sat, 06 May 2023 02:26 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 06 May 2023 02:26 PM IST
सार

अगस्त 2022 में गीडा, संतकबीरनगर से छह लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो करोड़ रुपये की प्रतिबंधित दवाओं को बरामद किया था। तब गोरखपुर के व्यापारी द्वारा घूस के रूप में भेजे गए 15 लाख रुपये भी जब्त किए हैं। ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ये दवाएं नारकोटिक्स ड्रग्स में (एनडीपीएस) में शामिल हैं, इसे बिना चिकित्सक के पर्चे के नहीं बेचा जा सकता है।

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Crores game every month drugs go to Nepal and Bangladesh
नशीली दवाएं पकड़ी गई। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

आगरा से लोड होकर गोरखपुर के ठग व्यापारियों की मदद से नेपाल और बांग्लादेश में नशीली दवाएं भेजी जाती हैं। हर महीने करोड़ा का खेल होता है, लेकिन तह तक जिम्मेदार नहीं पहुंच पाते हैं। सवाल उठता है कि नशीली दवाओं के कारोबारियों को आखिर किसकी सरपरस्ती है कि यह बच जाते हैं और सिर्फ सप्लायर को जेल भेजने तक ही जांच सीमित हो जाती है।

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ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, इसके पहले भी अगस्त 2022 में ड्रग विभाग की बाहर से आई टीम ने दो करोड़ रुपये कीमत की प्रतिबंधित नशीली दवाओं को पकड़ा था। लेकिन इन सब के मुख्य आरोपियों दवा कारोबारी गुप्ता बंधुओं तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाए थे और वह स्टे लेकर बच गए। हालांकि, पुलिस ने उन्हें आरोपी बनाते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया है।
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जानकारों के मुताबिक, प्रतिबंधित दवाओं की खरीद-फरोख्त का लाइसेंस कुछ ही दवा व्यापारियों के पास है। जब भी दवा बरामद होती है तो उस पर कंपनी का नाम अंकित होता है। ऐसे में अगर उस कंपनी के दवा कारोबारी तक पहुंचना हो तो मामला और आसान हो जाता है।
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मसलन, शुक्रवार को जिस कंपनी की दवा पकड़ी गई है, उसे बेचने का लाइसेंस महज 17 लोगों के पास है। अगर, दवा की इतनी बड़ी खेप बाहर आई है तो बिना किसी के रजामंदी से यह संभव ही नहीं है। हालांकि, अभी इस दवा की जांच नहीं हो पाई है कि यह गोरखपुर मंडी से लिया गया है या किसी और जगह से आया है। पुलिस एक-एक बिंदु पर जांच कर रही है।
 

अगस्त 2022 में पकड़ी गई थीं दो करोड़ की दवाएं

अगस्त 2022 में गीडा, संतकबीरनगर से छह लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो करोड़ रुपये की प्रतिबंधित दवाओं को बरामद किया था। तब गोरखपुर के व्यापारी द्वारा घूस के रूप में भेजे गए 15 लाख रुपये भी जब्त किए हैं। ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ये दवाएं नारकोटिक्स ड्रग्स में (एनडीपीएस) में शामिल हैं, इसे बिना चिकित्सक के पर्चे के नहीं बेचा जा सकता है। तब गीडा थानाक्षेत्र के तेनुआ टोल प्लाजा के पास वाराणसी-बस्ती मंडल के सहायक औषधि आयुक्त नरेश मोहन दीपक और डिप्टी कमिश्नर ड्रग्स गोरखपुर मंडल एजाज अहमद के नेतृत्व में एक कंटेनर से दवा बरामद की गई थी।

इसे भी पढ़ें: प्रतिबंधित नशीली दवाएं नेपाल ले रहे दो तस्कर दबोचे गए, साउंड बॉक्स में छिपाकर कर रहे थे तस्करी

महराजगंज में पकड़ा गया था 682 करोड़ की दवा
महराजगंज में फरवरी 2022 में पुलिस ने ड्रग माफिया गोविंद गुप्ता और उसके चार साथियों के पास से 682 करोड़ की नशीली दवा बरामद की गई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी की संपत्ति को भी कुर्क कर दिया है। मामले में पूरे प्रदेश में सरगना के रूप में कुख्यात ड्रग माफिया गोविंद गुप्ता का नाम उजागर हुआ था। लगभग एक वर्ष पूर्व से ही लंबे समय से चल रहे इस प्रकरण की विवेचना के बाद गोविंद गुप्ता की इस अवैध मादक पदार्थों के व्यापार से अर्जित की गई संपत्ति पर प्रशासन ने 2023 में जब्त किया है।
 

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