शिक्षिका हत्याकांड: पांच दिन में 50 लोगों से हुई पूछताछ, फिर भी पुलिस की पकड़ से दूर है 'कातिल'
- पुलिस का दावा, घटना से जुड़े कई सुराग हाथ लगे, जल्द कर लेंगे पर्दाफाश
- पूर्व भाजपा पार्षद के भाई को पुलिस ने छोड़ा, पति की भी कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
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गोरखपुर जिले के शाहपुर इलाके में शिक्षिका निवेदिता उर्फ डेविना की हत्या और बेटी को गोली मारकर हत्या के प्रयास मामले में पांच दिन बाद भी कातिल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस प्रकरण में पुलिस अब तक 50 लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
पुलिस का दावा है कि घटना में शामिल एक युवक की पहचान हो गई और जल्द ही उसे पकड़ने के बाद पूरा मामला खुलकर सामने आ जाएगा। उधर, पूछताछ के बाद पूर्व भाजपा पार्षद के भाई को पुलिस ने छोड़ दिया, उन्होंने बैंक के जरिये खाते में किए गए दो लाख रुपये भुगतान के साक्ष्य भी दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस डेविना और उनकी बेटी के फोन की कॉल डिटेल खंगालने के बाद कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। बृहस्पतिवार को 17 साल के एक किशोर को बुलाकर भी पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन कोई खास सुराग नहीं मिल सका है। शिक्षिका के पति मनीष मेजर के मोबाइल कॉल डिटेल पर भी पुलिस की नजर है।
पुलिस एक-एक पहलू पर जांच कर रही है और अब कॉल डिटेल पर उसे ज्यादा भरोसा है। घटना के दिन और दो दिन पहले तक शिक्षिका के मोबाइल पर आए एक-एक फोन नंबर की पड़ताल पुलिस ने शुरू कर दी है। इसी आधार पर पुलिस एक युवक के पहचान का भी दावा की है।
यह हुआ था
20 सितंबर को बदमाशों ने शाहपुर इलाके के सेंट जॉन चर्च की गली में शिक्षिका निवेदिता उर्फ डेविना की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनकी बेटी भी गोली लगने से घायल हो गई थी। बेटी का लखनऊ में उपचार चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में पति मनीष मेजर की तहरीर पर लूट की कोशिश के लिए हत्या किए जाने का केस दर्ज किया था। तभी से पुलिस ने तीन नामजद आरोपितों को भी हिरासत में रखा है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस की टीमें मामले की छानबीन कर रही हैं। पुलिस बदमाशों के करीब है, मगर अभी पकड़ में नहीं आ सके हैं, जल्द ही कातिलों को पकड़कर घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।