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कभी पशु बाजार के लिए जाना जाता था 'जैतपुर', यहां 'गोबर' को लेकर तीन लोगों की हो गई थी हत्या
Sat, 13 Jun 2020 07:58 AM IST
vivek shukla
शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 13 Jun 2020 07:58 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर के खजनी इलाके में एक बाजार पड़ता है, जिसका नाम जैतपुर है। कभी इसका जिक्र होते ही दूर-दूर के लोग इसके महत्व के बारे में बता देते थे। वजह साफ थी यहां पर पूर्वांचल का सबसे बड़ा पशु बाजार लगता था। लोग दूर-दूर से यहां पशुओं की खरीद-फरोख्त करने के लिए आते थे।
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वैसे तो इस बाजार की शुरुआत 90 के दशक में हुई थी और उसी समय विवाद ने भी जन्म ले लिया था मगर पुलिस के हस्तक्षेप से बाजार गुलजार होता था और लोग आते थे। यह तो सभी कहते थे कि यह बाजार किसी दिन कोई बड़ा गुल खिलाएगा मगर इसका अंदाजा किसी को नहीं था कि जब गोलियां चलेंगी तो एक परिवार का पूरा कुनबा ही खत्म हो जाएगा।
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ये है पूरी कहानी
बात 9 अगस्त 2012 की है। सप्ताहिक बाजार जैतपुर पशुओं से भरा था। दूर-दूर से व्यापारी और खरीददार वहां पर पहुंचे थे। सब कुछ सामान्य था और दोपहर के 3:30 बज चुके थे। अब धीरे-धीरे बाजार खत्म हो रहा था। इसी दौरान एक ऐसा कांड हुआ कि लोग उसे याद आज भी कांप उठते हैं। बाजार लगवाने वाले अमटौरा गांव निवासी राणा सिंह का विवाद बाजार के रंजीत पांडे से हो गया।
दरअसल, जिस खाली मैदान में यह बाजार लगता था वहीं पर रंजीत का मकान था और वह बाजार का विरोध करते थे क्योंकि जानवर उनके घर के सामने गोबर कर दिया करते थे। विवाद पुराना था लेकिन मामला बढ़ गया।
रंजीत के दो बेटे विनोद और मनोज असलहा लेकर तन गए और राणा की ओर से चलाई गई और बाप और दोनों बेटों की मौके पर ही मौत हो गई। पल भर में पूरा प्रशासनिक अमला जैतपुर पहुंच गया, उस दिन के बाद से ही बाजार पर ताला लग गया। इस मामले में अमटौरा गांव के एक ही परिवार के राणा सिंह, विजयेंद्र सिंह, बाल मुकुंद, ओमप्रकाश, विक्की और लड्डू को आरोपी बनाया गया था।
दरअसल, जिस खाली मैदान में यह बाजार लगता था वहीं पर रंजीत का मकान था और वह बाजार का विरोध करते थे क्योंकि जानवर उनके घर के सामने गोबर कर दिया करते थे। विवाद पुराना था लेकिन मामला बढ़ गया।
रंजीत के दो बेटे विनोद और मनोज असलहा लेकर तन गए और राणा की ओर से चलाई गई और बाप और दोनों बेटों की मौके पर ही मौत हो गई। पल भर में पूरा प्रशासनिक अमला जैतपुर पहुंच गया, उस दिन के बाद से ही बाजार पर ताला लग गया। इस मामले में अमटौरा गांव के एक ही परिवार के राणा सिंह, विजयेंद्र सिंह, बाल मुकुंद, ओमप्रकाश, विक्की और लड्डू को आरोपी बनाया गया था।