{"_id":"61b6d516218d7708837aa7a9","slug":"sister-in-law-burnt-to-death-due-to-young-man-setting-fire-in-kushinagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: मां ने रुपये नहीं दिए तो युवक ने घर में लगाई आग, गर्भवती भाभी की जलकर मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
यूपी: मां ने रुपये नहीं दिए तो युवक ने घर में लगाई आग, गर्भवती भाभी की जलकर मौत
Mon, 13 Dec 2021 11:09 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, लक्ष्मीगंज (कुशीनगर)।
अमर उजाला ब्यूरो, लक्ष्मीगंज (कुशीनगर)।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 13 Dec 2021 11:09 AM IST
सार
युवक बाहर कमाने जाने के लिए मां से रुपये मांग रहा था, नहीं देने पर पहले तो अपनी झोपड़ी में आग लगाई फिर भाई की झोपड़ी को भी आग के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
झोपड़ी में आग लगने से गर्भवती की मौत।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां रामकोला थाना क्षेत्र के पगार गांव के छपरा टोला में रविवार की देर शाम एक युवक ने मां के रुपये न देने पर पहले तो अपनी झोपड़ी में आग लगाई, फिर बड़े भाई की झोपड़ी में भी आग लगा दी। घर में काम कर रही उसकी भाभी ने अचानक लपटें उठते देखकर किसी तरह बच्चों को सकुशल बाहर निकाला। फिर खुद कुछ सामान निकालने अंदर गई तो आग में घिर गई। कई बार निकलने की कोशिश की, लेकिन धुएं से दम घुटने और आग से जलने की वजह से उसकी मौत हो गई। वह गर्भवती बताई जा रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आरोपी युवक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
राजू पहले मुंबई में खाना बनाने का काम करता था। लेकिन करीब आठ महीने पहले वह घर लौट आया। यहां वह कोई काम नहीं करता था। पिछले कुछ दिनों से वह मां पर बाहर जाने के लिए रुपये देने का दबाव बना रहा था। राजू सिंह (22) तीन भाई हैं। आरोप है राजू ने पहले अपनी झोपड़ी में आग लगाई और उसके बाद बड़े भाई जितेंद्र सिंह की झोपड़ी में भी आग लगा दी। उस समय जितेंद्र की पत्नी रंजना (36) घर में ही काम कर रही थी। अचानक आग की लपटें उठते देख वह बच्चों को उठाकर किसी तरह झोपड़ी से बाहर निकाली और खुद सामान निकालने के लिए अंदर चली गई। तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। हर तरफ से घिर जाने के कारण आग में झुलस जाने से रंजना की मौत हो गई।
विज्ञापन
ग्रामीणों के मुताबिक जितेंद्र की रंजना से करीब 15 वर्ष पूर्व शादी हुई थी। उनकी छह संतानें हैं। पांच बेटियां और एक बेटा है। जितेंद्र बाहर काम करते हैं, जिससे परिवार का भरण-पोषण होता है। जितेंद्र इन दिनों घर आए थे, लेकिन घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे।
पुलिस अधीक्षक सचिंद्र पटेल ने बताया कि राजू ने अपनी मां से रुपये के लिए झगड़ा किया। रुपये नहीं मिले तो पहले अपनी झोपड़ी में आग लगाई, उसके बाद जितेंद्र की झोपड़ी में भी आग लगा दी। इस आग में खुद को और बच्चों को घिरा देखकर उसकी भाभी ने सबसे पहले बच्चों को सकुशल बाहर निकाला। उसके बाद घर में सामान निकालने, जिससे आग में घिर जाने से जलकर मर गई। वह गर्भवती थी। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। तहरीर मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बाहर कमाने जाने के लिए मां से मांग रहा था रुपये
पगार गांव के छपरा टोला निवासी राजू बाहर कमाने जाने के लिए मां से रुपये मांग रहा था। लेकिन रुपये न होने की बात कहते हुए मां ने मना किया तो राजू ने गुस्से में पहले अपनी और फिर भाई की झोपड़ी जला दी। ग्रामीणों के मुताबिक राजू अक्सर घर में झगड़ा करता रहता था। दोनों झोपड़ियों के राख हो जाने से परिवार के पास ठंड में न तो सिर छुपाने की जगह बची और न पहनने-ओढ़ने को कपड़े व बिस्तर। सीओ खड्डा और तहसीलदार कप्तानगंज ने घटनास्थल का जायजा लिया।
विज्ञापन
राजू पहले मुंबई में खाना बनाने का काम करता था। लेकिन करीब आठ महीने पहले वह घर लौट आया। यहां वह कोई काम नहीं करता था। पिछले कुछ दिनों से वह मां पर बाहर जाने के लिए रुपये देने का दबाव बना रहा था। राजू सिंह (22) तीन भाई हैं। आरोप है राजू ने पहले अपनी झोपड़ी में आग लगाई और उसके बाद बड़े भाई जितेंद्र सिंह की झोपड़ी में भी आग लगा दी। उस समय जितेंद्र की पत्नी रंजना (36) घर में ही काम कर रही थी। अचानक आग की लपटें उठते देख वह बच्चों को उठाकर किसी तरह झोपड़ी से बाहर निकाली और खुद सामान निकालने के लिए अंदर चली गई। तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। हर तरफ से घिर जाने के कारण आग में झुलस जाने से रंजना की मौत हो गई।
विज्ञापन
ग्रामीणों के मुताबिक जितेंद्र की रंजना से करीब 15 वर्ष पूर्व शादी हुई थी। उनकी छह संतानें हैं। पांच बेटियां और एक बेटा है। जितेंद्र बाहर काम करते हैं, जिससे परिवार का भरण-पोषण होता है। जितेंद्र इन दिनों घर आए थे, लेकिन घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे।
पुलिस अधीक्षक सचिंद्र पटेल ने बताया कि राजू ने अपनी मां से रुपये के लिए झगड़ा किया। रुपये नहीं मिले तो पहले अपनी झोपड़ी में आग लगाई, उसके बाद जितेंद्र की झोपड़ी में भी आग लगा दी। इस आग में खुद को और बच्चों को घिरा देखकर उसकी भाभी ने सबसे पहले बच्चों को सकुशल बाहर निकाला। उसके बाद घर में सामान निकालने, जिससे आग में घिर जाने से जलकर मर गई। वह गर्भवती थी। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। तहरीर मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।