गोरखपुर: वीडियो कॉल पर बेटे से हुई बहस, नाराज बुजुर्ग ने खुद को गोली से उड़ाया
बुजुर्ग मुबंई में पेंट पॉलीश का लेता था ठेका, लॉकडाउन शुरू होते ही वह पत्नी के साथ आ गया था गोरखपुर
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 75 वर्षीय बुजुर्ग ने शनिवार सुबह अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
मामला बेलीपार कस्बे में 75 वर्षीय लालधर निषाद ने लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह वीडियो कॉल पर बेटे से बहस होने पर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। बताया जा रहा है कि दो बेटे और बेटियों में पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद है। लालधर मुंबई में पेंट-पालिश के ठेकेदार थे। मुंबई में ही परिवार के साथ रहते भी थे। वहां लॉकडाउन के चलते वह पत्नी के साथ गांव चले आए थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जानकारी के मुताबिक, बेलीपार कस्बे के निवासी लालधर कई साल से परिवार के साथ मुंबई में ही रहते थे। उनकी तीन बेटियां और दो बेटे हैं। दोनों बेटे परिवार के साथ पुणे में रहते हैं, वहीं सभी लड़कियों की शादी हो गई है। मुंबई में लॉकडाउन शुरू होते ही वह दो महीने पहले पत्नी के साथ गोरखपुर आ गए थे और यहां अपनी दूसरे नंबर की बेटी के वहां रह रहे थे।
इस बीच बुधवार को वह बेलीपार अपने गांव आ गए थे। बताया जा रहा है कि परिवार में संपत्ति बंटवारे को लेकर बेटे और बेटियों में कुछ विवाद चल रहा था। शनिवार की सुबह उनकी बेटे से वीडियो कॉल पर बात हो रही थी। इस दौरान एक कार को लेकर पिता -बेटे में बहस होने लगी। सुबह करीब 11.15 बजे वह नाराज होकर उठे और लाइसेंसी बंदूक निकालकर बाहर आ गए।
उन्हें गुस्से में देख उनकी पत्नी भी उस ओर दौड़ पड़ी। अभी वे उनके हाथ से बंदूक लेतीं कि इससे पहले ही लालधर ने खुद को गोली मार ली। गोली लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की पड़ताल में जुट गई। उनके दो पुत्र व तीन पुत्रियां क्रमश: निर्मला, संगीता व सुनीता हैं।
नहीं जमा हो पाई थी बंदूक
चुनाव से पूर्व मुंबई में चले जाने के कारण उनकी लाइसेंसी बंदूक जमा नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि पिता का पुत्रियों के प्रति ज्यादा लगाव था। दूसरी पुत्री को ट्रैक्टर-ट्राली आदि दे देना बेटों से तनाव का कारण बना था। वर्तमान में पुत्रों द्वारा कार को पट्टीदारों के माध्यम से घर से हटवा दिया गया था।
बेटे भी करते हैं पेंट-पालिश का कारोबार
कुछ वर्ष पहले लालधर ने अपने नाम से बंदूक के लिए लाइसेंस लिया था। उनके दोनों बेटे सदानंद (55 वर्ष) व दयानंद (50 वर्ष) सपरिवार पुणे में ही रहकर पेंट-पॉलिश का कारोबार करते हैं। इन दिनों लालधर निषाद व उनकी पत्नी फूलमती घर पर ही रह रहे थे। लॉकडाउन से पहले यह अपने इलाज हेतु पत्नी के साथ पूना गए जहां दोनों बेटों ने इनका कोई सहयोग नहीं किया। फिर वे अपनी छोटी बेटी सुनीता के पास मुंबई चले आए। लॉकडाउन के दौरान ही वह निजी गाड़ी से अपनी छोटी बेटी संगीता के गांव महसी वापस आए। जहां से खोराबार के सिक्टौर में रह रही अपनी बड़ी बेटी निर्मला के ससुर के ब्रह्मभोज में गए थे। सिक्टौर से सात दिन पहले ही बेलीपार गांव आए थे।
पट्टीदार को सौंप दी थी घर की चाबी
पत्नी एवं बेटियों का आरोप है कि बेटे अपने पट्टीदारों को गेट तथा गाड़ी की चाबी दे दिए थे तथा कमरों में भी ताला बंद कर दिए थे। इसपर छोटे बेटे दयानंद से लालधर की मोबाइल पर वीडियो कॉल के जरिये काफी देर तक बहस हुई थी। उसके बाद वह काफी तनावग्रस्त हो गए थे। बेलीपार पुलिस बंदूक को कब्जे में लेकर जांच में जुटी है।