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खुलासा: गोरखपुर में शराबी कहने से चिढ़े शख्स ने की थी बालक की हत्या, शराब के बोतल से खुला राज

Sun, 09 May 2021 02:38 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 09 May 2021 02:38 PM IST
सार

अपहरण के बाद बालक की हत्या, चार गिरफ्तार। परिवार वालों के सहयोग से शव को छिपाने की कोशिश। मृतक बालक के चाचा ने जमीन को लेकर विवाद के बाद कहा था शराबी।

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Murder case disclosed of minor boy after kidnapping  in Gorakhpur
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में महज शराबी कहकर ताना मारने से खफा पड़ोसी ने विशुनपुर में आठ वर्षीय आलोक विश्वकर्मा की अपहरण के बाद हत्या कर दी थी। हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने शनिवार को मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 
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हत्या के आरोप में विशुनपुर निवासी लवेश (34) को गिरफ्तार किया गया है। शव ठिकाने लगाकर साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में पुलिस ने उसके भाई गौरीशंकर, विपिन और गौरीशंकर की पत्नी सीमा देवी को गिरफ्तार किया है। इंस्पेक्टर राणा देवेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, आलोक विश्वकर्मा चार मई को गायब हुआ था। छह मई को गांव में ही उसका शव झाड़ी में मिला। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। 
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पुलिस को झाड़ी में एक शराब की बोतल भी मिली थी। जांच के दौरान संदेह के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी लवेश के घर की तलाशी ली तो घर से उसी ब्रांड की शराब का बोतल मिला। लवेश से सख्ती से पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। उसने बताया कि दस दिन पहले जमीन को लेकर हुए विवाद में उसे शराबी कहा गया था, जिससे वह आहत था। 
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शराब के बोतल से खुला राज, सजा में मजबूत सबूत भी

Murder case disclosed of minor boy after kidnapping  in Gorakhpur
मृतक आलोक। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
चाऊमीन की दुकान पर काम करने वाले लवेश ने बताया कि उसके घर पर शाम को म्यूजिक बजता था। इस दौरान आसपास के बच्चे आ जाते थे। सभी बच्चों के जाने के बाद वह आलोक को चाऊमीन खिलाने के बहाने छत पर ले गया। वहां उसका मुंह बांध दिया और शराब पीने लगा। रात में घरवालों ने आलोक की तलाश शुरू कर दी। इससे वह डर गया कि छोड़ने पर आलोक सबको बता देगा और उसके लिए मुसीबत हो जाएगी। 

यह सोचकर लवेश ने शराब की बोतल तोड़कर, उससे आलोक का गला रेत दिया। घरवाले दूसरी मंजिल पर थे, इस वजह से उन्हें तत्काल पता नहीं चला। कुछ देर बाद उसने परिवार के लोगों को भी पूरी बात बता दी। इसके बाद घरवालों के साथ शव को ठिकाने लगाने ले गया। लवेश ने बताया कि शव को पोखरे में फेंकना चाहते थे, मगर वहां पर आवाजाही के चलते झाड़ी में फेंककर चले आए थे।

पुलिस को घटनास्थल से एक शराब की एक टूटी हुई बोतल मिली थी। इंस्पेक्टर ने उसके बार कोड की फोटो लेकर और बोतल सुरक्षित रखवा दी थी। पुलिस ने जब संदेह के आधार पर लवेश को पकड़ा और उसके घर की तलाशी ली, तो उसी बार कोड का डिब्बा मिल गया। जिससे पुलिस को यकीन हो गया। पुलिस हत्या में इस्तेमाल बोतल और उसी बार कोड के बरामद डिब्बे को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करेगी, ताकि सजा दिलाई जा सके।

रक्तरंजित कपड़े घर में लाकर जला दिए थे
शव को ठिकाने लगाने के दौरान पहने कपड़ों पर खून के दाग लग गए थे। आरोपियों ने उसे घर आकर जला दिया था, ताकि कोई सबूत ना मिल सके।
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