डॉक्टर ने 'मरीज' बनकर बचाई अपनी जान, फॉर्च्यूनर कार से अपहरण करने आए थे बदमाश
- नेत्र चिकित्सक डॉ आशुतोष के अपहरण की कोशिश
- सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
- अज्ञात बदमाशों पर मुकदमा दर्ज
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर कैंट इलाके के शंकर नेत्रालय के मालिक और वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक आशुतोष शुक्ला के अपहरण की कोशिश का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह करीब 10.30 बजे ही डॉक्टर अपहरण की कोशिश की शिकायत लेकर सीसीटीवी फुटेज के साथ कैंट पुलिस के पास पहुंचे।
हालांकि बाद में तहरीर को भ्रम की स्थिति में दिए जाने की बात कहकर वापस ले ली। पुलिस जांच पड़ताल में जुटी थी इसी बीच बुधवार की रात डॉक्टर ने दोबारा तहरीर भेज दी, जिसके आधार पर पुलिस ने अपहरण के प्रयास का केस दर्ज कर लिया। शुरुआती जांच में मामला आपसी लेनदेन का सामने आया है। आरोपी डॉक्टर का एक करीबी रिश्तेदार है जो सीसीटीवी कैमरे में कैद है।
जानकारी के मुताबिक डॉक्टर आशुतोष का कैंट क्षेत्र में हाईवे पर आंख का अस्पताल है। अस्पताल में ही उनका आवास भी है। मंगलवार को होली के दिन शाम तकरीबन पांच बजे वे अपनी कार से पत्नी और बच्चों के साथ किसी रिश्तेदार के घर जाने की तैयारी में थे। अस्पताल के बाहर खड़े होकर वे पत्नी व बच्चों का इंतजार कर रहे थे।
उनका चालक कार को बाहर निकाल रहा था। इस बीच अस्पताल के सामने एक-एक कर चार लग्जरी कारें आकर रुकीं। बीच में खड़ी लग्जरी कार में बैठे लोगों ने अस्पताल की तरफ दरवाजा खोल रखा था। इस बीच कार में सवार दो लोग डॉक्टर के पास पहुंचे।
सूझबूझ से बचाई जान
इस पर आरोपित डॉक्टर को छोड़कर फरार हो गए। अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों की यह हरकत कैद हो गई। उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ कैंट पुलिस को दी। बुधवार को डॉक्टर ने कैंट थाने पहुंच कर घटना की तहरीर और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपी। बाद में उन्होंने पुलिस को किसी कार्रवाई से मना कर दिया था। देर रात उन्होंने फिर तहरीर दी।
पीडब्ल्यूडी ठेकेदार के बेटे की है लग्जरी कार
सीसीटीवी कैमरे में कैद लग्जरी कार पीडब्ल्यूडी के एक ठेकेदार के बेटे के नाम पंजीकृत है। पहले भी उसपर एक मामले में गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज है। इस बीच गार्ड ने भी एक युवक को पहचान लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।
माफिया के गिरोह से जुड़े होने की आशंका
चार लग्जरी कारों से पहुंचे बदमाशों के शहर के एक माफिया गिरोह से जुड़े होने की आशंका है। वह उस माफिया के लिए ही काम करते हैं। उस माफिया के दहशत का ही परिणाम है कि डॉक्टर ने घटना के बाद पहले तो मामले को दबाए रखा। बुधवार को सोच-विचार कर वह तहरीर लेकर कैंट थाने पहुंचे लेकिन बाद में उन्होंने पुलिस को कार्रवाई करने से मना कर दिया।
वहीं, सीओ कैंट सुमित शुक्ला का कहना है कि डॉक्टर ने तहरीर दी थी। बाद में वह कन्फ्यूजन में तहरीर देने की बात कहने लगे। उनके पीछे हटने के बाद भी मामले की जांच की जा रही है। डॉक्टर से दुर्व्यवहार करने वालों की पहचान की जा रही है।
रंगदारी की पुरानी घटनाएं
सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने कहा कि डॉक्टर ने सुबह अपहरण की कोशिश की सूचना दी फिर कन्फ्यूजन में जानकारी देने की बात कहते हुए तहरीर वापस ले ली थी। पुलिस तब तक सीसीटीवी कैमरे के आधार पर जांच में जुटी थी। देर रात तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपित पकड़ लिए जाएंगे। आरोपित डॉक्टर के करीबी ही हैं।
- 28 जून 2017 को शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के डॉक्टर एसएस शाही को चिठ्ठी लिख कर 20 लाख की रंगदारी मांगी गयी थी। रुपये मांगने वाले ने खुद को देवरिया जेल में बंद 50 हजार का इनामी रामाश्रय यादव बताया था।
- जुलाई 2017 में मोहद्दीपुर के टाइम नियर अस्पताल के डॉक्टर शशिकांत दीक्षित से चिट्ठी भेजकर बदायूं जेल में बंद चन्दन सिंह के नाम पर पांच लाख की रंगदारी मांगी गयी थी।
- 23 नवंबर 2019 को गगहा के गजपुर में नर्सिंग होम संचालक डॉ प्रभुनाथ के बेटे डॉक्टर विकल्प सोनकर से चंदन यादव नामक युवक ने अस्पताल में जाकर चार लाख की रंगदारी मांगी थी। आरोपित 16 फरवरी 2020 को पकड़ा गया।
- 27 अक्तूबर 2018 को बीआरडी मेडिकल कालेज के डॉक्टर सुनील आर्य की पत्नी साईं निरोग धाम की डॉक्टर रंजना आर्य से फोन कर दाऊद इब्राहिम की फोटो भेज 10 लाख की रंगदारी मांगी गयी थी। जिसमें तत्कालीन सीओ प्रभात राय और कैंट पुलिस ने महराजगंज के मदरसा शिक्षक शमीम अहमद को गिरफ्तार किया था। फिल्म देखकर मांगी थी रंगदारी।
एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है। एक आरोपी गार्ड का भतीजा है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।