एक साल बाद गरजी है गोरखपुर पुलिस की बंदूक, मुठभेड़ में एक बदमाश हुआ ढेर
- जमीन के कारोबार में वर्जस्व को लेकर छोटू प्रजापति को कुछ महीने पहले मारी गई थी गोली
- राकेश सिंह, विपिन समेत पांच को पुलिस ने भेजा था जेल
- हिस्ट्रीशीटर ने दी थी जमीन के कारोबार से जुड़े दोस्तों की हत्या की सुपारी
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गोरखपुर पुलिस की बंदूक करीब एक साल बाद गरजी है। इसके पहले सिकरीगंज इलाके में जुलाई 2019 में उदयभान नाम के बदमाश को सीओ क्राइम प्रवीण सिंह और उनकी टीम से मुठभेड़ में गोली लगी थी। एक बार फिर बदमाशों से पुलिस का सीधा मुकाबला हुआ है।
इस बार भी पुलिस तैयारी से नहीं थी और विपिन दोनों हाथ से जब गोली चला रहा था तो पुलिस वाले भी एक बारगी सहम गए थे। मगर पुलिस वाले पीछे नहीं हटे और विपिन के पेट में गोली लगी और वह जमीन पर गिर गया। जिसके बाद घायल विपिन को लखनऊ में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।
छोटू प्रजापति और विपिन सिंह के बीच वर्चस्व का जंग लंबे समय से चल रहा है। इसके पहले मेडिकल कॉलेज चौकी के पास छोटू प्रजापति पर गोली चलाई गई थी। तब पुलिस ने राकेश सिंह, विपिन और उसके साथियों को जेल भेजा था।
हिस्ट्रीशीटर राकेश यादव ने दी थी हत्या की सुपारी
जानकारी के मुताबिक, पिपराइच इलाके के जंगल छत्रधारी टोला शाहगंज निवासी प्रापर्टी डीलर अरुण निषाद के भाई दीपचंद निषाद पर मंगलवार की रात हुआ हमला जमीन के कारोबार में वर्चस्व स्थापित करने को लेकर शुरू हुई आदवत का परिणाम है।
पुलिस के मुताबिक, अरुण निषाद और छोटू प्रजापति लंबे समय से जमीन के कारोबारी है। पहले यह लोग गुलरिहा के हिस्ट्रीशीटर बदमाश राकेश यादव के साथ जुड़े थे। बाद में अरुण और छोटू ने उससे अलग होकर जमीन का कारोबार शुरू कर दिया। यहीं से दोनों के बीच जंग की शुरुआत हुई है।
गुलरिहा इलाके के झुगिया बाजार निवासी छोटू प्रजापति और पिपराइच इलाके के जंगल छत्रधारी, टोला शाहगंज निवासी अरुण निषाद पर 19 दिसंबर 2019 को मेडिकल कॉलेज चौकी के पास कुछ महीने पहले हमला हुआ था। छोटू को गोली भी लगी थी।
तब पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार किया था और सामने आया था कि राकेश सिंह ने ही दोनों को मरवाने के लिए सुपारी दी थी। पुलिस ने 28 फरवरी को विपिन सिंह को गिरफ्तार किया था जिसके बाद पूरा मामला सामने आया था।
एक सप्ताह पहले ही जमानत पर छूटा था विपिन
उसी समय छोटू को गोली मारने का निर्णय लेकर दो दोस्तों के साथ वह अरुण निषाद के घर के लिए रवाना हो गया, लेकिन उसे न छोटू मिले और न ही अरुण। उस समय घर पर मौजूद अरुण के भाई पर ही उसने गोली चला दी।
मुठभेड़ का ग्रामीणों ने वीडियो भी बनाया
प्रापर्टी डीलर अरुण निषाद के भाई को गोली मारने के बाद बदमाशों का ग्रामीणों ने भी पीछा किया। इसी दौरान पुलिस भी पहुंच गई और घेराबंदी कर ली थी। पुलिस और बदमाश के बीच हो रही फायरिंग का ग्रामीण वीडियो भी बना रहे थे। बताया जा रहा है कि इस वीडियो में कई ऐसी तस्वीरें कैद हो गई है जो लाइव एनकाउंटर की गवाही है।