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मनीष हत्याकांड: जेल में इंस्पेक्टर से भाई ने की मुलाकात, दरोगा के भाई को रोका

Wed, 13 Oct 2021 02:55 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 13 Oct 2021 02:55 PM IST
सार

आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट न होने की वजह से अक्षय के भाई नहीं मिल पाए।

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Manish Gupta murder case update Inspector JN Singh brother met in jail
आरोपी जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मनीष गुप्ता हत्याकांड में जेल में बंद इंस्पेक्टर जेएन सिंह से उनके सिपाही भाई ने मुलाकात कर जरूरी सामान और फल दिए। चौकी इंचार्ज रहे अक्षय मिश्रा से मिलने उनके भाई पहुंचे थे, लेकिन आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट न होने की वजह से लौटा दिया गया। हालांकि, अक्षय के लिए लेकर आए सामान को जेल प्रशासन ने उस तक पहुंचवा दिया है।
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 जानकारी के मुताबिक, मनीष की मौत में दर्ज हत्या के केस में रविवार देर रात में इंस्पेक्टर जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा को जेल भेजा गया था। दोनों को जेल के नेहरू बैरक में रखा गया है। सोमवार को भी उनसे एक इंस्पेक्टर ने मुलाकात की कोशिश की थी, लेकिन जेल प्रशासन ने आरटीपीसीआर के साथ सगे संबंधियों की मुलाकात कराने की बात कहते हुए, उनकी मुलाकात नहीं होने दी थी।
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उधर, जेल जाने के बाद जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा के पास दैनिक क्रिया से जुड़ा कोई सामान नहीं था। कपड़ा भी वही था, जो वे पहने हुए थे। सोमवार को तो किसी तरह उनकी रात बेचैनी के बीच कटी। अक्षय मिश्रा जेल के अंदर कुछ ज्यादा दुखी नजर आए, वहीं जेएन सिंह सब कुछ ठीक होने का दिलासा देते रहे। इस बीच इंस्पेक्टर जेएन सिंह के सिपाही भाई ने जेल प्रशासन को मुलाकात की अर्जी दी।
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आरटीपीसीआर रिपोर्ट के साथ मुलाकात करने पहुंचे। भाई को जेल प्रशासन ने मुलाकात की अनुमति दी। वह अपने साथ जेएन सिंह के लिए कपड़े, ड्राई फ्रूट, चने का भूजा, प्याज, हरी मिर्च और फल लेकर गए थे।


उनकी मुलाकात के कुछ देर बाद अक्षय मिश्रा के भाई भी मुलाकात करने पहुंचे, लेकिन उनके पास आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं थी, लिहाजा जेल प्रशासन ने मुलाकात कराने से मना कर दिया। हालांकि, उन्होंने अपने साथ ले आए सामानों को अक्षय मिश्रा तक पहुंचाने की गुजारिश की, जिसे जेल प्रशासन ने मान लिया। वह भी दैनिक क्रिया से जुड़े सामान कपड़े आदि लेकर गए थे। जेल में इन लोगों से मिलने वाले एक-एक लोग पर पुलिस प्रशासन की नजर है।
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