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यूपी: मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच करने गोरखपुर पहुंची सीबीआई, जांच से जुड़ी हर कड़ी की करेगी तलाश

Fri, 12 Nov 2021 10:03 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 12 Nov 2021 10:03 AM IST
सार

जांच के लिए सीबीआई की चार सदस्यीय टीम आई है। टीम ने रामगढ़ताल इंस्पेक्टर से एक गाइड की मांग की है, जो घटनास्थल और अन्य जगहों पर ले जाने में मदद कर सके।

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Manish Gupta murder case investigate by CBI in Gorakhpur Ramgarhtal police station
मनीष गुप्ता हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या की जांच करने सीबीआई गोरखपुर आ गई है। गुरुवार की देर शाम सीबीआई रामगढ़ताल थाने गई और मामले में दर्ज केस से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। सीबीआई जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसी का नतीजा है कि पहले नोटिस जारी करके रामगढ़ताल पुलिस को हर तरह का सहयोग करने की हिदायत दी गई। अब सीबीआई जांच से जुड़ी हर कड़ी की तलाश करेगी, फिर रिपोर्ट देगी।
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मामले की जांच के लिए सीबीआई की चार सदस्यीय टीम आई है। सर्किट हाउस में रुकी सीबीआई टीम में एक डिप्टी एसपी एक इंस्पेक्टर समेत अन्य दो लोग हैं। टीम ने रामगढ़ताल इंस्पेक्टर से एक गाइड की मांग की है, जो घटनास्थल और अन्य जगहों पर ले जाने में मदद कर सके। थाने पर दो घंटे तक टीम रही। शुक्रवार यानी आज होटल सहित अन्य जगहों पर जाकर सीबीआई जांच कर सकती है। इससे पहले टीम ने रामगढ़ताल पुलिस को नोटिस भेजकर प्रकरण से जुड़ी प्राथमिक जानकारी व जांच में सहयोग की बात कही थी।
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कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता (36) बीते 27 सितंबर को अपने दो दोस्तों गुरुग्राम के हरवीर सिंह और प्रदीप कुमार के साथ गोरखपुर घूमने आए थे। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस में तीनों मित्र रुके थे। रात में पुलिस जांच के लिए होटल पहुंची थी। आरोप है कि जांच के दौरान पुलिस की पिटाई से मनीष की मौत हो गई। पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर इस मामले में रामगढ़ताल थाने के इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा व विजय यादव समेत छह लोगों पर केस दर्ज हुआ था।
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शासन ने सभी पुलिस कर्मियों को निलंबित करते हुए एसआईटी जांच की सिफारिश की थी लेकिन मनीष की पत्नी मीनाक्षी एसआईटी जांच से संतुष्ट नहीं थी। मीनाक्षी ने मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग की थी। सीबीआई ने पिछले दिनों लखनऊ में इस प्रकरण में केस दर्ज किया था। इसके बाद कानपुर जाकर मीनाक्षी से मिलकर घटना से संबंधित तथ्य जुटाना शुरू किया था। बीच में दीपावली व छठ पर्व के चलते सीबीआई की गतिविधि शांत पड़ी थी। सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को सीबीआई ने रामगढ़ताल पुलिस को नोटिस भेजकर इस प्रकरण की जांच में जरूरी सहयोग की अपेक्षा की। इसके अलावा पुलिस के अन्य वरिष्ठ अफसरों से भी प्रकरण की जानकारी ली गई है।

17 से पहले आरोपियों को कस्टडी में ले सकती है सीबीआई

जेल गए सभी छह आरोपी पुलिसवालों की न्यायिक हिरासत 17 नवंबर को पूरी हो रही है। लिहाजा 17 नवंबर से पहले सीबीआई उन्हें अपनी कस्टडी में ले सकती है।

होटल से लेकर मेडिकल कॉलेज तक होगी जांच
सूत्रों के अनुसार सीबीआई टीम जांच की शुरुआत घटनास्थल होटल कृष्णा पैलेस व रामगढ़ताल थाने पर केंद्रित होगी लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, टीम मानसी अस्पताल से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज तक जाएगी। सीबीआई टीम कानपुर जाकर मनीष के परिजनों से पहले ही मिल चुकी है।

जानिए.. अब तक क्या कुछ हुआ
27 सितंबर की देर रात गोरखपुर के होटल में पुलिस वालों पर मनीष को पीट-पीटकर मारने का आरोप लगा।
28 सितंबर को पोस्टमॉर्टम के बाद तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर, 6 को सस्पेंड किया गया।
29 सितंबर की सुबह परिजन शव लेकर कानपुर पहुंचे। सीएम से मिलने की जिद्द पर अड़े थे। अंतिम संस्कार करने से भी इनकार किया।
30 सितंबर को प्रशासन के आश्वासन के बाद सुबह 5 बजे मनीष का अंतिम संस्कार किया गया। फिर उसी दिन सीएम ने मनीष की पत्नी से मुलाकात की।
2 अक्टूबर से इस मामले की जांच कानपुर एसआईटी ने शुरू की।
10 अक्टूबर की शाम रामगढ़ताल पुलिस ने इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा को गिरफ्तार किया।
12 अक्टूबर को पुलिस ने दरोगा राहुल दुबे और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को गिरफ्तार किया। 13 अक्टूबर को पुलिस ने मुख्य आरक्षी कमलेश यादव को गिरफ्तार किया था।
16 अक्टूबर को पुलिस ने आखिरी आरोपी दरोगा विजय यादव को गिरफ्तार किया।
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