यूपी: प्रेम विवाह करने वाली बेटी को पिता ने सात साल बाद उतारा मौत के घाट, बोला- अब मिला सुकून
चिल्हिया थाना क्षेत्र के कपिया खालसा गांव में हुई घटना। मायके वालों की मर्जी के बिना गांव के ही युवक से की थी शादी।
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जानकारी के मुताबिक, चिल्हिया थाना क्षेत्र के कपिया खालसा निवासी विश्वनाथ की पुत्री सुनीता (30) परिजनों के मर्जी के विरूद्ध साल 2013 में गांव के ही अब्दुल मोतिन के साथ भाग कर मुंबई के बांद्रा कोर्ट में रजिस्टर्ड शादी कर ली थी। उसके तीन बच्चे भी हैं। वह एक माह पहले मुंबई से आकर गांव में रह रही थी।
ग्रामीणों का कहना है कि रविवार को किसी बात के लिए सुनीता से उसके मायके पक्ष के लोगों से विवाद हो गया। जिसके बाद हुई मारपीट में सुनीता के सिर में पत्थर से गंभीर चोट लग गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद उसका शव ससुराल के सामने खड़ंजे पर छोड़ आरोपी फरार हो गए।
पिता बोला- बेटी को मैंने ही मारा
हत्या की खबर फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पर एसपी राम अभिलाष त्रिपाठी, शोहरतगढ़ सीओ प्रदीप कुमार यादव, शोहरतगढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र बहादुर सिंह मय फोर्स पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया।
चिल्हिया एसओ यसवंत सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में तहरीर नहीं मिली है। मायके पक्ष के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके पिता ने हत्या करने का गुनाह कबूल किया है।
पुलिस हिरासत में पिता विश्वनाथ ने कबूल किया कि उसने ही सुनीता की हत्या की है। वो चाहता था कि बेटी गांव में न रहे लेकिन वह मुंबई से आकर गांव में रहने लगी थी। शादी के लिए सुनीता ने धर्म परिवर्तन किया और अपना नाम शबनम रख लिया था। इसी बात से नाराज पिता ने उसे मौत के घाट उतार दिया और बोला- अब सुकून मिला है। हत्या के बाद उसके मायके और ससुराल के लोग फरार हैं, जबकि पति मुंबई में है। हत्या के बाद गांव में कई थाना क्षेत्रों की पुलिस तैनात कर दी गई है।