इस हत्याकांड की उलझती जा रही है गुत्थी, इनकी बातें सुनकर पुलिस भी है परेशान
- जिस मां पर है मासूम बेटी की हत्या का आरोप, उसका कहीं पता नहीं
- पुलिस के गले नहीं उतर रही मासूम के नाना-नानी का आरोप
विस्तार
एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि पुलिस सभी पहलुओं पर तफ्तीश कर रही है। हालांकि प्रथम दृष्टया मां-बेटी दोनों के कत्ल की कहानी बेदम लगती है। परिस्थितियां भी यही इशारा कर रही हैं। कलवारी थाने के केंवचा गांव निवासी श्याम बिहारी परिवार सहित गुजरात रहते हैं। सूरत शहर में पली बढ़ी दीपमाला की शादी प्रसादपुर निवासी दुर्गा प्रसाद से 2018 में हुई।
इन दोनों से की बेटी ईशू उर्फ आयशा डेढ़ वर्ष की थी। पांच दिन पहले रहस्यमय ढंग से दीपमाला गायब हो गई। बिस्तर पर डेढ़ वर्ष की मासूम को परिवार के लोगों ने मृत अवस्था में पाया। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई।
क्या है आरोप
सरकारी इंजीनियर की गाड़ी चलाने वाले दुर्गा प्रसाद ने पुलिस को बयान दिया कि उसकी पत्नी बार-बार अपने पिता के पास गुजरात जाने की जिद कर रही थी। लॉकडाउन के कारण वह नहीं भेज पाया। इसी जिद में बेटी का कत्ल कर पत्नी भाग गई। पुलिस को भी यह कहानी तर्कसंगत लगी। हालांकि दीपमाला के पिता श्याम बिहारी ने एसपी को शिकायती पत्र भेजकर प्रकरण में नया मोड़ ला दिया।
श्याम बिहारी का कहना है कि उनकी बेटी को दहेज के लिए उसके पति दुर्गा प्रसाद समेत ससुराल के अन्य लोग प्रताड़ित करते थे। बेटी पैदा होने के बाद उत्पीड़न बढ़ गया। उनका आरोप है कि ससुराल के लोगों ने दीपमाला व उसकी पुत्री आयशा की हत्या कर दी और मनगढ़ंत कहानी बनाकर उनकी पुत्री पर हथ्या का आरोप लगा रहे हैं। दीपमाला की हत्या के बाद उसका शव कहीं छिपा दिया गया है। उन्होंने समूचे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर उसकी बेटी दीपमाला का पता लगाने की मांग की है।