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कानून की जानकारी नहीं होने पर भी कम नहीं माना जाता अपराध

Fri, 29 Oct 2021 03:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 03:15 AM IST
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Crime is not considered less even if you do not know the law
कानून की जानकारी नहीं होने पर भी कम नहीं माना जाता अपराध
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गोरखपुर। अगर कोई व्यक्ति कानून नहीं जानता है तो भी उसकी तरफ से किए गए अपराध के लिए सजा वही होगी, जो कानून के जानकार को मिलेगी। कानून की जानकारी नहीं होने की दलील पर अपराध कम नहीं माना जाता । कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं। कानून की जानकारी सभी को होनी चाहिए। छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के पीछे प्रमुख उद्देश्य यह है कि वे खुद के साथ-साथ अपने परिवार व संपर्क में आने वाले अन्य लोगों को भी जागरूक करते रहें।
ये बातें बृहस्पतिवार को शहर के तारामंडल स्थित सर माउंट स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि आईपीएस अधिकारी व एसपी यातायात आरएस गौतम ने कहीं। मुख्य अतिथि ने यह जवाब पाठशाला में मौजूद छात्र हर्षित कुमार के सवाल पर दिया। हर्षित ने पूछा था कि बाइक से स्कूल आते समय छात्रों का भी चालान कट सकता है क्या?
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इसपर एसपी यातायात ने बताया कि गियर वाली गाड़ी चलाने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 साल निर्धारित है। स्कूली छात्र हों या कोई अफसर, गाड़ी चलाते समय वैध ड्राइविंग लाइसेंस का होना जरूरी है। बाइक चलाते समय हेलमेट व कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। आरएस गौतम ने कहा कि सीट बेल्ट या हेलमेट केवल चालान से ही नहीं बचाते, बल्कि हादसों के वक्त भी आपकी सुरक्षा करते हैं। अगर कार में बैठे व्यक्ति ने सीटबेल्ट नहीं लगाई है तो हादसा होने पर उसकी महंगी कार भी उसे सुरक्षा नहीं देती है।
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छात्रा तनु यादव ने एसपी से पूछा कि सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट को कमेंट करने पर क्या कार्रवाई होती है? इसका जवाब देते हुए एसपी यातायात ने कहा कि हर अपराध के लिए अलग-अलग सजा होती है। परंतु सोशल मीडिया पर डाले गए किसी पोस्ट को शेयर करने अथवा उस पर कमेंट करने से पहले कंटेंट को अच्छी तरह से समझ लें। कोई ऐसा पोस्ट शेयर न करें जिससे समाज में वैमनस्यता या विद्वेष का भाव बढ़े। छात्राओं को अपनी प्रोफाइल पिक्चर लॉक करके रखने का सुझाव देते हुए एसपी ने कहा कि फेसबुक पर उन्हीं से मित्रता करें, जिन्हें आप बेहतर जानते हों। छात्र अभिषेक यादव और तनु ने भी महिला सशक्तीकरण व सुरक्षा से संबंधित सवाल पूछे। एसपी यातायात ने इसके जवाब में गुड टच-बैड टच का मतलब समझाते हुए कहा कि सशक्त होने का मतलब है कि आप अपने बारे में निर्णय ले सकते हैं। अगर कहीं कुछ गलत हो रहा है तो उसका प्रतिकार कर सकते हैं। कार्यक्रम में तीन सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
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गुस्सा मानसिक कमजोरी का प्रतीक
पुलिस की पाठशाला के दौरान छात्र-छात्राओं को धर्म-कर्म का महत्व समझाते हुए एसपी यातायात आरएस गौतम ने कहा कि रावण अहंकार का और दुर्योधन लोभ का प्रतीक है। मनुष्य को अहंकार त्यागकर परहित भाव से कार्य करना चाहिए। गुस्से को मानसिक कमजोरी का प्रतीक बताते हुए एसपी यातायात ने कहा कि स्वस्थ मनुष्य ही अपने क्रोध और लोभ पर नियंत्रण कर सकता है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति बार-बार गुस्सा करता है तो उसके प्रति सहानुभूति रखें।
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ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय की छात्रा रुचिता राव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। चेयरमैन आरडी यादव और प्रिंसिपल कृष्णमोहन शर्मा ने मुख्य अतिथि एसपी यातायात आरएस गौतम को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रभाकर शुक्ला, अंकिता तिवारी, जूही श्रीवास्तव, वर्षा कश्यप, अंबिका मल्ल, अनूप तिवारी, दुर्गेश चौधरी, विवेकानंद त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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बोली छात्राएं-
पढ़ाई के साथ-साथ कानूनी जानकारी भी जरूरी है। विद्यालय में लगी पाठशाला में आए विशेषज्ञों ने सवाल-जवाब के माध्यम से यातायात, साइबर अपराध, महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध आदि के मामलों में कानूनी पहलुओं की जानकारी दी। यह जानकारी जीवन पर्यंत लाभदायक रहेगी।
कविता सिंह, छात्रा
इस पाठशाला में यातायात से संबंधित जो जानकारी दी गई, वह बेहद लाभप्रद है। एसपी सर ने बताया कि गियर वाली गाड़ी चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है। स्कूटी से स्कूल आने वाले बच्चों के लिए यह नई सूचना है।
स्नेहा, छात्रा
इस पाठशाला में बताया गया कि संकट काल में डॉयल 112 की मदद ली जा सकती है। यह नंबर हर वक्त काम करता है। अब यह नंबर थाना, फायर सर्विस समेत कई अन्य जरूरी सेवाओं से भी जुड़ गया है।
मांडवी पांडेय-छात्रा
पाठशाला में बताया गया कि कानून सभी के लिए समान है। चौराहे पर ट्रैफिक नियम कोई आम आदमी तोड़े या पुलिसवाला, सभी पर समान रूप से जुर्माना होगा। अब अगर कोई नियम तोड़ता दिखा तो उसकी वीडियो बनाकर अफसरों को भेजेंगे।
स्वर्णिमा मणि-छात्रा
पाठशाला में हमें सड़क पर वाहन चलाते समय रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया। यह हमारे भविष्य के लिए बेहतर है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से लेकर वाहन चलाते समय रखी जाने वाली सावधानियों की जानकारी बेहतर रही।

सुकृति चंद शुक्ला, छात्रा
नियमित क्लास से इतर यह पाठशाला काफी रोचक रही। अध्यापक के रूप में आए पुलिस अफसर ने जिस तरह से कानूनी पहलुओं की जानकारी दी, वह अच्छा रहा। पुलिसवालों को देखकर जो डर लगता था, इस कार्यक्रम से वह डर दूर हुआ है।
शांभवी पांडेय-छात्रा
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