भ्रष्टाचार मामला: डीएम के रडार पर गोरखपुर के दूसरे विभाग, कराई जा रही निगरानी
गोरखपुर जिले के बेसिक, माध्यमिक शिक्षा, जिलापूर्ति, समाज कल्याण और तहसीलों में बड़ी संख्या में बिचौलियों का बोलबाला है। शिक्षकों की ट्रांसफर, पोस्टिंग, अवकाश, निर्माण कार्य के ठेके, सामग्री की खरीद-फरोख्त को लेकर शिक्षा विभाग चर्चा में रहता है।
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गोरखपुर में भ्रष्टाचार को लेकर सदर तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय और आरटीओ में हुई कार्रवाई यहीं थमने वाली नहीं है। बिचौलियों के माध्यम से विभिन्न कार्यों के लिए वसूली के तंत्र को फेल करने के लिए डीएम विजय किरन आनंद, दूसरे ऐसे सभी विभाग जहां काम के लिए आमजन की आवाजाही ज्यादा होती है की भी निगरानी करा रहे हैं।
उनका कहना है कि प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों की अलग-अलग खुफिया टीमें लगाई गईं हैं। कहीं पर भी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, जिले के बेसिक, माध्यमिक शिक्षा, जिलापूर्ति, समाज कल्याण और तहसीलों में बड़ी संख्या में बिचौलियों का बोलबाला है। शिक्षकों की ट्रांसफर, पोस्टिंग, अवकाश, निर्माण कार्य के ठेके, सामग्री की खरीद-फरोख्त को लेकर शिक्षा विभाग चर्चा में रहता है।
वहीं, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए समाज कल्याण में सुविधा शुल्क वसूलने की शिकायतें आम हैं। जिलापूर्ति कार्यालय भी जनकल्याणकारी योजनाओं में खेल को लेकर चर्चा में रहता है।
तहसीलों में जाति, आय, निवास प्रमाणपत्र जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए लेखपालों के अनाधिकृत मुंशी के माध्यम से आवेदकों से सुविधा शुल्क वसूलने की शिकायतें भी आती रहती हैं। इसी तरह, जमीन की पैमाइश, हैसियत प्रमाण पत्र, शस्त्र आदि मामलों में आवेदकों की जांच के काम में भी तहसीलों के अधिकारी-कर्मचारियों पर सवाल उठते रहते हैं। अब इन सभी विभागों की कार्यप्रणाली की डीएम खुद निगरानी कर रहे हैं।
संबंधित विभागों में भ्रष्टाचार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए गोपनीय तरीके से वहां की कार्यप्रणाली की सभी सूचनाएं एकत्रित कराई जा रही हैं। इन सूचनाओं के आधार पर ही गोपनीय टीम से मामले की जांच कराई जाएगी। स्टिंग कराने के साथ ही फोन कॉल की भी रिकार्डिंग कराई जाएगी। कहीं भी गड़बड़ी या रुपये वसूलने की पुष्टि हुई तो कार्रवाई तय है।
डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि ऐसे सभी विभाग जहां विभिन्न कार्यों के लिए आमजन की आवाजाही ज्यादा होती है, निगरानी कराई जा रही है। समय से दफ्तर नहीं आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ ही वसूली और बिचौलियों की मौजूदगी पाए जाने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।