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Gorakhpur News: टैक्स को लेकर निगम और बिजली निगम आमने-सामने

Sun, 03 Mar 2024 01:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sun, 03 Mar 2024 01:37 AM IST
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Corporation and electricity corporation face to face regarding tax
बिजली विभाग ने नहीं दिया टैक्स तो नगर निगम ने रोक दिया बिल
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सरकारी विभाग रोक रहे शहर का विकास, 40 करोड़ रुपये बकाया

संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बकाया टैक्स वसूली को लेकर नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना शुरू हो गया है। ऐसे में निगम ने सरकारी विभागों से भी वसूली तेज कर दी है। बिजली निगम का काफी सालों से 11 करोड़ बकाया था, यह न मिलने की वजह से निगम ने बिजली बिल रोक दिया है। निगम का कहना है कि अब पुराना बिल समायोजित करने के बाद कोई कार्रवाई होगी।
सरकारी विभागों पर नगर निगम का लगभग 40 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें रेलवे और बिजली निगम सबसे बड़े बकायेदार हैं। रेलवे पर 19.98 करोड़ और बिजली निगम का 11 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। रेलवे अधिकारियों से हुई बातचीत के बाद निगम को वहां से कर मिलने की उम्मीद है। बिजली निगम का सालों से टैक्स बकाया है जबकि नगर निगम हर महीने एक करोड़ रुपये बिजली बिल जमा करता है। इसी को लेकर नगर आयुक्त ने बिल रोकने का निर्देश दिया है।
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रेलवे सबसे बड़ा बकायेदार
टैक्स के मामले में रेलवे सबसे बड़ा बकायेदार है। वर्षों से टैक्स जमा न करने की वजह से यह राशि 19.98 करोड़ रुपये हो गई है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय राय ने बताया कि बिजली निगम पर लगभग 11 करोड़, गोरखपुर विश्वविद्यालय 7.5 करोड़, पीडब्ल्यूडी 2.30 करोड़, जीडीए 3.5 करोड़, पुलिस विभाग 1.3 करोड़, डाक विभाग एक करोड़ और फॉरेंसिक लैब पर 58 लाख रुपये बकाया है। गोरखपुर विश्वविद्यालय ने हाल ही में 1.5 करोड़ रुपये जमा भी किए हैं।
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टैक्स वसूली में लगाया अर्धशतक
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में टैक्स वसूली का लक्ष्य 70 करोड़ रुपये रखा था। इसके सापेक्ष 53 करोड़ की वसूली हो चुकी है। वित्तीय वर्ष पूरा होने में अभी समय है। ऐसे में निगम को उम्मीद है कि इस बार यह लक्ष्य पूरा हो जाएगा।


कोट...
नगर निगम की आय का बड़ा स्रोत टैक्स और किराया है। सालों से बहुत लोग जमा नहीं कर रहे थे। इस बार लक्ष्य के मुकाबले 75 प्रतिशत वसूली हो गई है। रेलवे से अभी पेमेंट मिलने की उम्मीद है। बिजली निगम के पास बड़ी रकम बकाया है। उनका बिल रोककर समायोजन के लिए हल निकाला जा रहा है।
- दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त
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