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Gorakhpur News: काॅमर्शियल सिलिंडर नहीं मिल रहे...प्राइवेट हॉस्टलों ने भोजन के मेन्यू में की कटौती
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- संचालक बोले- कोयले और लकड़ी से बन रहा भोजन, बढ़ रहा खर्च
गोरखपुर। शहर में काॅमर्शियल एलपीजी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह से मजबूरन प्राइवेट हॉस्टल के मेन्यू में कटौती की जा रही है। संचालकों ने बताया कि मेन्यू के हिसाब से कोयले और लकड़ी पर भोजन बनाने में खर्च बढ़ जा रहा है। इसके चलते कई छात्र हॉस्टल छोड़ रहे हैं।
काॅमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति छोटे रेस्टोरेंट व पीजी हॉस्टलों में सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसे देखते हुए हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों के प्रतिदिन दिए जाने वाले भोजन मेन्यू में कटौती की गई है। महादेव बॉयज हॉस्टल के संचालक विशाल पटेल ने बताया कि एक महीने से काॅमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने के चलते मेस रूटीन डगमगाने लगा है। इस वजह से छात्रों के सुबह दिए जाने वाले नाश्ते की जगह अब सीधे सुबह 10 बजे तक भोजन दिया जाएगा। मेस में प्रतिदिन 35 छात्रों का भोजन कोयले और लकड़ी की भट्टी पर बनाया जा रहा है। लकड़ी और कोयले का दाम बढ़कर क्रमशः 18 और 28 रुपये किलो हो गया है।
कुमार हॉस्टल एंड पीजी के संचालक अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि काॅमर्शियल गैस सिलिंडर एक महीने से खत्म है। भोजन कोयले और लकड़ी से चूल्हे पर बन रहा है। उन्होंने बताया कि ड्रम काटकर भट्टी बनाकर कोयले और लकड़ी से भोजन बन रहा है। एक दिन में लगभग छह किलो कोयला और चार किलो लकड़ी की खपत होती है। उन्होंने कहा कि गैस सिलिंडर मिलने पर पुरानी व्यवस्थाएं लागू कर दी जाएंगी।
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हॉस्टल में रहने वाले छात्र दीपक सिंह ने बताया कि अभी तक काम चल जा रहा था लेकिन मेन्यू कटौती रविवार से होगी। छात्र विनय कुमार कन्नौजिया ने बताया कि घर से पैसा हिसाब से मिलता है। सुबह नाश्ता नहीं मिलने पर थोड़ी परेशानी तो होगी।
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गोरखपुर। शहर में काॅमर्शियल एलपीजी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह से मजबूरन प्राइवेट हॉस्टल के मेन्यू में कटौती की जा रही है। संचालकों ने बताया कि मेन्यू के हिसाब से कोयले और लकड़ी पर भोजन बनाने में खर्च बढ़ जा रहा है। इसके चलते कई छात्र हॉस्टल छोड़ रहे हैं।
काॅमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति छोटे रेस्टोरेंट व पीजी हॉस्टलों में सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसे देखते हुए हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों के प्रतिदिन दिए जाने वाले भोजन मेन्यू में कटौती की गई है। महादेव बॉयज हॉस्टल के संचालक विशाल पटेल ने बताया कि एक महीने से काॅमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने के चलते मेस रूटीन डगमगाने लगा है। इस वजह से छात्रों के सुबह दिए जाने वाले नाश्ते की जगह अब सीधे सुबह 10 बजे तक भोजन दिया जाएगा। मेस में प्रतिदिन 35 छात्रों का भोजन कोयले और लकड़ी की भट्टी पर बनाया जा रहा है। लकड़ी और कोयले का दाम बढ़कर क्रमशः 18 और 28 रुपये किलो हो गया है।
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कुमार हॉस्टल एंड पीजी के संचालक अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि काॅमर्शियल गैस सिलिंडर एक महीने से खत्म है। भोजन कोयले और लकड़ी से चूल्हे पर बन रहा है। उन्होंने बताया कि ड्रम काटकर भट्टी बनाकर कोयले और लकड़ी से भोजन बन रहा है। एक दिन में लगभग छह किलो कोयला और चार किलो लकड़ी की खपत होती है। उन्होंने कहा कि गैस सिलिंडर मिलने पर पुरानी व्यवस्थाएं लागू कर दी जाएंगी।
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हॉस्टल में रहने वाले छात्र दीपक सिंह ने बताया कि अभी तक काम चल जा रहा था लेकिन मेन्यू कटौती रविवार से होगी। छात्र विनय कुमार कन्नौजिया ने बताया कि घर से पैसा हिसाब से मिलता है। सुबह नाश्ता नहीं मिलने पर थोड़ी परेशानी तो होगी।