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Gorakhpur News: अभिभावक की भूमिका की नजर आई कुलाधिपति, छात्रों को पढ़ाया अनुशासन का पाठ
Fri, 30 Aug 2024 03:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 30 Aug 2024 03:18 AM IST
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- कुलाधिपति ने कहा, मेडल के पीछे माता-पिता के परिश्रम को न करें कभी नजर अंदाज
- मजबूत इमारत के लिए अच्छे फाउंडेशन की तरह होती है जीवन में माता-पिता की भूमिका
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में अपने दीक्षा उद्बोधन के दौरान कुलाधिपति अभिभावक की भूमिका की नजर में आई। उन्होंने पदक प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए उन्हें बताया कि इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का कठिन परिश्रम व तपस्या भी शामिल है। वह उनकी इस तपस्या को जीवन में कभी नजर अंदाज न करें।
कुलाधिपति ने कहा कि जिस प्रकार एक अच्छा व बेहतर फाउंडेशन के बिना मजबूत इमारत की कल्पना नहीं की जा सकती है। उसी प्रकार जीवन में माता-पिता का योगदान है। वह हमारे जीवन का फाउंडेशन अपनी त्याग, तपस्या और परिश्रम से तैयार करते हैं। जिसके बल पर हमारे जीवन सफल बनता है। कुछ लोग सफल होने के बाद माता-पिता के परिश्रम को नकार देते हैं। वह कहते हैं कि उन्होंने अपने बल पर सफलता प्राप्त की है। ऐसा कहने वालों का अंत बहुत बुरा होता है। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे की विकास का बुनियादी आधार माता-पिता द्वारा प्रदत्त शिक्षा व संस्कार होता है। यह शिक्षा व संस्कार ही बच्चे को अपने जीवन में क्रियान्वयन कर के एक अच्छा नागरिक बनने में सहयोग करता है। जिन्होंने हमें स्पोर्ट किया, उनका साथ न छोड़ें।
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दहेज नहीं लेने का किया आह्वान
कुलाधिपति ने उन्होंने उपाधि व पदक प्राप्त करने वाले छात्रों से शादी में दहेज न लेने की अपील की। दहेज के चक्कर में मत पड़िए। यही आपका अवार्ड है। संकल्प करें कि जितनी भी परेशानी आए पत्नी को बिल्कुल भी मत कहना कि जाओ मायके से पांच-दस लाख लेकर आओ।
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- मजबूत इमारत के लिए अच्छे फाउंडेशन की तरह होती है जीवन में माता-पिता की भूमिका
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में अपने दीक्षा उद्बोधन के दौरान कुलाधिपति अभिभावक की भूमिका की नजर में आई। उन्होंने पदक प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए उन्हें बताया कि इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का कठिन परिश्रम व तपस्या भी शामिल है। वह उनकी इस तपस्या को जीवन में कभी नजर अंदाज न करें।
कुलाधिपति ने कहा कि जिस प्रकार एक अच्छा व बेहतर फाउंडेशन के बिना मजबूत इमारत की कल्पना नहीं की जा सकती है। उसी प्रकार जीवन में माता-पिता का योगदान है। वह हमारे जीवन का फाउंडेशन अपनी त्याग, तपस्या और परिश्रम से तैयार करते हैं। जिसके बल पर हमारे जीवन सफल बनता है। कुछ लोग सफल होने के बाद माता-पिता के परिश्रम को नकार देते हैं। वह कहते हैं कि उन्होंने अपने बल पर सफलता प्राप्त की है। ऐसा कहने वालों का अंत बहुत बुरा होता है। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे की विकास का बुनियादी आधार माता-पिता द्वारा प्रदत्त शिक्षा व संस्कार होता है। यह शिक्षा व संस्कार ही बच्चे को अपने जीवन में क्रियान्वयन कर के एक अच्छा नागरिक बनने में सहयोग करता है। जिन्होंने हमें स्पोर्ट किया, उनका साथ न छोड़ें।
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दहेज नहीं लेने का किया आह्वान
कुलाधिपति ने उन्होंने उपाधि व पदक प्राप्त करने वाले छात्रों से शादी में दहेज न लेने की अपील की। दहेज के चक्कर में मत पड़िए। यही आपका अवार्ड है। संकल्प करें कि जितनी भी परेशानी आए पत्नी को बिल्कुल भी मत कहना कि जाओ मायके से पांच-दस लाख लेकर आओ।
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