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रेलवे फर्जीवाड़ा: RRB चेयरमैन के पूर्व निजी सचिव, OS व दोनों के बेटों पर केस, नौकरी में हुई थी जालसाजी

Sun, 05 Jan 2025 10:41 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: रोहित सिंह Updated Sun, 05 Jan 2025 10:41 AM IST
सार

रेलवे भर्ती बोर्ड के सहायक सचिव एसएन उरांव ने पुलिस को बताया कि कंप्यूटर आधारित टेस्ट नौ अगस्त 2018 से 31 अगस्त 2018 और दूसरा टेस्ट 21 जनवरी से 23 जनवरी 2019 को कराया गया था। उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र का सत्यापन 20 जून से 23 जुलाई 2019 तक कराया गया। इसमें दो अभ्यर्थी अनुपस्थित थे।

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Case registered against former personal secretary of Gorakhpur RRB Chairman, OS and both his sons
आरआरबी गोरखपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माडर्न कोच फैक्टरी, रायबरेली में फिटर पद पर नियुक्ति के पैनल में अपने बेटों का फर्जी तरीके से नाम शामिल कराने के आरोपी रेलवे भर्ती बोर्ड, गोरखपुर में कार्यरत पूर्व कार्यालय अधीक्षक चंद्रशेखर आर्य व चेयरमैन के निजी सचिव-द्वितीय राम सजीवन और दोनों के बेटों पर कैंट थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। विभागीय जांच में पुष्टि के बाद रेलवे भर्ती बोर्ड के सहायक सचिव एसएन उरांव ने केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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इस मामले में रेलवे भर्ती बोर्ड, गोरखपुर के चेयरमैन नूरुद्दीन अंसारी व उनके निजी सचिव राम सजीवन को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। दूसरे आरोपी पूर्व कार्यालय अधीक्षक चंद्रशेखर आर्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस संबंध में एसपी (सिटी) अभिनव त्यागी बताया कि पुलिस ने रेलवे भर्ती बोर्ड के सहायक सचिव की ओर से आई तहरीर पर सभी आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की छानबीन की जा रही है। जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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माडर्न कोच फैक्टरी, रायबरेली में फिटर पद पर नियुक्ति के पैनल में अपने बेटों का फर्जी तरीके से नाम शामिल कराने के मामले में कैंट पुलिस को तहरीर दी गई। इसमें रेलवे भर्ती बोर्ड के सहायक सचिव एसएन उरांव ने पुलिस को बताया कि कंप्यूटर आधारित टेस्ट नौ अगस्त 2018 से 31 अगस्त 2018 और दूसरा टेस्ट 21 जनवरी से 23 जनवरी 2019 को कराया गया था।
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उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र का सत्यापन 20 जून से 23 जुलाई 2019 तक कराया गया। इसमें दो अभ्यर्थी अनुपस्थित थे। बाद में पता चला कि रेलवे बोर्ड, गोरखपुर में उस समय कार्यरत चेयरमैन के निजी सचिव राम सजीवन और पूर्व मुख्य कार्यालय अधीक्षक चंद्रशेखर आर्य ने अपने बेटों सौरभ कुमार एवं राहुल प्रताप का नाम फर्जी तरीके से अनुपस्थित अभ्यर्थियों की जगह पैनल में शामिल करा दिया।


विभागीय जांच में जालसाजी की पुष्टि हो गई। अब पुलिस ने आरोपी कर्मचारी चंद्रशेखर, उनके बेटे राहुल प्रताप, रामसजीवन व उनके बेटे सौरभ के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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