आर्थिक तंगी झेल रहे उद्यमियों के लिए राहत भरा कदम उठाएगी गीडा प्रशासन, जानिए कैसे
- उद्यमियों को सब डिवीजन ऑफ प्लाट प्रावधान के तहत राहत देने की तैयारी
- शासन स्तर पर बनाई जा रही है नीति, सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण में होगी लागू
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गोरखपुर में जिन लोगों ने उद्योग शुरू करने के लिए गीडा में जमीन खरीद तो ली, लेकिन उद्योग स्थापित नहीं कर सके, गीडा प्रशासन ऐसे लोगों के लिए राहत भरा कदम उठाने जा रहा है। गीडा प्रशासन ऐसे लोगों को उनकी जमीन का कुछ हिस्सा बेचने की अनुमति देने जा रहा है। हालांकि शासन स्तर पर बनाई जा रही नीति के बाद इसको अंतिम रूप मिल सकेगा।
गीडा में बहुत सारे उद्यमी ऐसे हैं जो धन की कमी की वजह से उद्योग स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। वहीं कुछ उद्यमी ऐसे भी हैं जिनके पास काफी बड़ा प्लाट है और फैक्ट्री स्थापित करने के बाद भी काफी जमीन बची रह गई है और बेकार है।
ऐसे में गीडा प्रशासन इस तरह की जमीन के आवंटियों को राहत देते हुए उन्हें जमीन का कुछ हिस्सा 'सब डिवीजन ऑफ प्लॉट' प्रावधान के तहत बेचने की अनुमति देने जा रहा है। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि पहले भी ऐसा प्रावधान था, लेकिन बाद में इसमें बदलाव कर दिया गया।
अब फिर से इसे बोर्ड बैठक में रखा जा रहा है। ऐसा हो जाने के बाद उद्योग लगाने वाले कई उद्यमियों को प्लॉट मिल जाएगा। वहीं आर्थिक तंगी की वजह से उद्योग नहीं शुरू कर पा रहे उद्यमी इस दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे।
गीडा सीईओ संजीव रंजन ने बताया कि शासन स्तर पर सब डिवीजन ऑफ प्लॉट के संबंध में नीति तैयार हो रही है। इसके बन जाने के बाद उद्यमी अपने प्लॉट का कुछ हिस्सा बेच सकेंगे।