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बीआरडी : गेस्ट हाउस मामले की जांच करेगी तीन सदस्यीय कमेटी
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- लंबे समय से बुकिंग का पैसा सरकारी खाते में जमा नहीं करने का है आरोप
- मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई है शिकायत, प्राचार्य ने जांच का दिया है निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गेस्ट हाउस बुकिंग का पैसा सरकारी कोष में जमा नहीं करने का मामला गरमाता जा रहा है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई एक शिकायत के आधार पर जांच के लिए प्राचार्य ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इसमें वित्त नियंत्रक के अलावा दो सीनियर प्रोफेसर भी शामिल हैं। कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी।
मेडिकल कॉलेज में स्टॉफ व अन्य वीआईपी विजिटर्स के लिए एक गेस्ट हाउस है। पिछले दिनों किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की कि इसकी बुकिंग तो होती है, लेकिन सरकारी कोष में रुपया जमा नहीं किया जाता है। कमरों की बुकिंग के लिए किराया भी मनमाने दर पर वसूला जाता है। इसके लिए कॉलेज प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक रेट लिस्ट ही सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इसके अलावा वहां भुगतान करने पर कोई रसीद भी नहीं दी जाती। भुगतान ऑनलाइन या चेक की बजाय सिर्फ कैश से लिया जाता है।
प्राचार्य ने इस शिकायत को गंभीर मानते हुए वित्त नियंत्रक अशोक सिंह और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. रामकुमार जायसवाल और डॉ. सतीश की कमेटी बनाकर जांच का निर्देश दिया। कमेटी को तीन दिन में जांचकर प्राचार्य को रिपोर्ट देनी है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि इस जांच का असर पूर्व प्राचार्यों पर भी पड़ेगा। क्योंकि पूरा प्रकरण पुराना ही है।
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प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार आर्या ने बताया कि सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। उसकी रिपोर्ट के बाद ही सच का पता लग पाएगा। रिपोर्ट से शासन को भी अवगत कराया जाएगा।
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- मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई है शिकायत, प्राचार्य ने जांच का दिया है निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गेस्ट हाउस बुकिंग का पैसा सरकारी कोष में जमा नहीं करने का मामला गरमाता जा रहा है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई एक शिकायत के आधार पर जांच के लिए प्राचार्य ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इसमें वित्त नियंत्रक के अलावा दो सीनियर प्रोफेसर भी शामिल हैं। कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी।
मेडिकल कॉलेज में स्टॉफ व अन्य वीआईपी विजिटर्स के लिए एक गेस्ट हाउस है। पिछले दिनों किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की कि इसकी बुकिंग तो होती है, लेकिन सरकारी कोष में रुपया जमा नहीं किया जाता है। कमरों की बुकिंग के लिए किराया भी मनमाने दर पर वसूला जाता है। इसके लिए कॉलेज प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक रेट लिस्ट ही सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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इसके अलावा वहां भुगतान करने पर कोई रसीद भी नहीं दी जाती। भुगतान ऑनलाइन या चेक की बजाय सिर्फ कैश से लिया जाता है।
प्राचार्य ने इस शिकायत को गंभीर मानते हुए वित्त नियंत्रक अशोक सिंह और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. रामकुमार जायसवाल और डॉ. सतीश की कमेटी बनाकर जांच का निर्देश दिया। कमेटी को तीन दिन में जांचकर प्राचार्य को रिपोर्ट देनी है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि इस जांच का असर पूर्व प्राचार्यों पर भी पड़ेगा। क्योंकि पूरा प्रकरण पुराना ही है।
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प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार आर्या ने बताया कि सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। उसकी रिपोर्ट के बाद ही सच का पता लग पाएगा। रिपोर्ट से शासन को भी अवगत कराया जाएगा।