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Gorakhpur News: गोर्रा नदी में नाव पलटी...आठ लोग थे सवार- एक की मौत; जानिए कैसे बची सात लोगों की जान
Sat, 25 Oct 2025 12:19 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sat, 25 Oct 2025 12:19 PM IST
सार
स्थानीय गोताखोरों की मदद से कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 15 वर्षीय किशोर कृष्ण कुमार चौबे, निवासी राजधानी गांव, की मौत हो गई। शव को ग्रामीणों ने नदी किनारे लाया, जहां पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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हादसे के बाद मृत किशोर के रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
झंगहा थाना क्षेत्र के गोर्रा नदी स्थित करही घाट पर शनिवार सुबह करीब 11 बजे यात्रियों से भरी नाव अचानक नदी में डूब गई। हादसे में झंगहा क्षेत्र के जोगिया गांव निवासी मदनेश चतुर्वेदी का 17 वर्षीय इकलौता पुत्र कृष कुमार चतुर्वेदी गहरे पानी में डूब गया। देर रात तक उसका शव बरामद नहीं हो सका था।
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जानकारी के अनुसार, नाव पर झंगहा क्षेत्र के जोगिया, बसुही और राजधानी गांव के करीब आठ लोग सवार थे, जो करही, बरही और डीहघाट की ओर जा रहे थे। नदी पार पहुंचने के दौरान सवारियां नीचे उतर ही रही थीं कि नाव चालक ने अचानक नाव में लगे दमकल इंजन को स्टार्ट कर दिया। इससे नाव चलने लगी और कुछ दूरी पर बने ठोकर से टकरा गई। टक्कर से नाव का हिस्सा टूट गया और उसमें पानी भरने लगा।
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हादसा होते ही नाव पर सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ को बसुही गांव निवासी विशाल ने डूबने से बचा लिया। हालांकि, कृष कुमार चतुर्वेदी तेज धार में बह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पर करीब पांच मोटरसाइकिलें भी थीं, जो नदी में डूब गईं और उनका अब तक पता नहीं चल सका है।
कृष्ण कुमार बड़ोदरा में रहकर हायर सेकेंडरी की पढ़ाई कर रहा था और क्रिकेट की तैयारी भी करता था। पांच वर्ष पूर्व उसकी बड़ी बहन सोनी की बीमारी से मौत हो चुकी थी। परिवार में वही एकमात्र संतान बचा था। हादसे की खबर सुनकर गांव में कोहराम मच गया। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें देर रात तक तलाश में जुटी थीं। मृतक के मां सुमन का रो रो कर बुरा हाल है।