फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Bhagwan Ram birthday special story in Basti

भगवान राम के जन्म के लिए राजा दशरथ ने यहां कराया था यज्ञ, आज भी मौजूद है यज्ञशाला

Fri, 29 May 2020 02:55 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती। Published by: vivek shukla Updated Fri, 29 May 2020 02:55 PM IST
विज्ञापन
Bhagwan Ram birthday special story in Basti
Basti news - फोटो : अमर उजाला।

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के परशुरामपुर क्षेत्र में स्थित पौराणिक स्थल मखौड़ा धाम भगवान श्रीराम के जन्म का कारक स्थल है। इसी वजह से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्थल पर एक विशेष पौराणिक महत्व रखता है।

विज्ञापन


रामायण कालीन कथाओं के अनुसार अयोध्या के चक्रवर्ती राजा दशरथ को जब लंबे समय तक पुत्र प्राप्ति नहीं हुई तो उन्होंने अपने कुल गुरु वशिष्ठ से अपने मन की चिंता जताई। गुरु वशिष्ठ ने चक्रवर्ती सम्राट दशरथ से कहा कि पुत्र कामेष्ठी यज्ञ के द्वारा पुत्र की प्राप्ति हो सकती है। इस यज्ञ को संपन्न कराने का काम श्रृंगी ऋषि कर सकते हैं।
विज्ञापन


मान्यता है कि वशिष्ठ के आह्वान पर हिमालय में साधना लीन श्रृंगी ऋषि प्रकट हुए। जब महर्षि वशिष्ठ ने पुत्रेष्ठि यज्ञ के बारे में पूछा तो उन्होंने इसी स्थल का चुनाव किया। यहां यज्ञ संपन्न हुआ और यज्ञ संपन्न होने के कारण ही मख क्षेत्र के बाद कालांतर में मखौड़ा धाम के रूप में यह स्थान प्रतिष्ठित हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

लगता है पौराणिक मेला

Bhagwan Ram birthday special story in Basti
Basti news - फोटो : अमर उजाला।
यज्ञ के फल से राजा दशरथ को चार पुत्रों की प्राप्ति हुई। चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मखौड़ा धाम में पौराणिक मेला लगता है, यहां स्थित पवित्र मनोरमा नदी में स्नान कर लोग दान पुण्य करते हैं और मंदिर में स्थित रामजानकी के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।

यहीं से चैत्र पूर्णिमा के दिन ही 84 कोसी परिक्रमा का आगाज होता है। 21 दिन तक चलने वाली इस परिक्रमा के बारे में मान्यता है कि 84 कोसी परिक्रमा करने के बाद मनुष्य 84 लाख योनियों में भ्रमण से मुक्त हो जाता है और उसे विष्णुपद की प्राप्ति होती है।

84 कोसी परिक्रमा में देश के विभिन्न हिस्सों से साधु संत आते हैं पवित्र मनोरमा नदी में स्नान के बाद यज्ञ संपन्न कर मखौड़ा धाम से ही परिक्रमा की शुरुआत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed